Silver Price: चांदी का वायदा भाव रिकॉर्ड 3.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत निवेशक मांग के कारण मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत बढ़कर 3.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, जबकि सोना 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर रहा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के मार्च में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 25,101 रुपये यानी 7.5 प्रतिशत बढ़कर 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
पिछले हफ्ते चांदी ने तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की थी, जो 46,937 रुपये यानी 16.3 प्रतिशत बढ़कर पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी। सोना के वायदा भाव में तेजी जारी रही और इसके फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 3,783 रुपये यानी 2.42 प्रतिशत चढ़कर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
पिछले सप्ताह सोने की कीमत में 13,520 रुपये यानी 9.5 प्रतिशत का उछाल आया था। विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और नीतिगत अनिश्चितताओं से वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है।
मंगलवार को निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख किया, जिसके कारण सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया और वे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।
मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और व्यापार से जुड़ी चिंताओं, खासकर आयात शुल्क बढ़ाने की धमकियों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। इसके कारण निवेशक सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना कि एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 पर भी निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि आयात शुल्क और वित्तीय उपायों में बदलाव से घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
कलंत्री ने कहा कि राजकोषीय अनुशासन और नीतिगत विश्वसनीयता पर बढ़ती चिंताओं ने संप्रभु बॉन्ड और मुद्राओं में विश्वास को कम कर दिया है, जिससे सोने और चांदी जैसी संपत्तियों में बदलाव आया है।
भारत, यूरोपीय संघ दुनिया को मजबूत संकेत दे रहे: Ursula von der Leyen
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया को एक मजबूत संकेत देता है। उन्होंने कहा कि कि एफटीए पर बातचीत का निष्कर्ष भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल शुरुआत है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में दिए भाषण में लायन ने कहा, यह समझौता यूरोप और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी की नींव रखता है। ऐसे समय में हम दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारत और यूरोप संवाद, सहयोग और साझेदारी का रास्ता चुन रहे हैं।
भारत और ईयू ने मंगलवार को एफटीए वार्ता पूरी होने की घोषणा की, जिसके इसी वर्ष लागू होने की संभावना है। इसके तहत यूरोपीय संघ में भारत के 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि 27 देशों वाले ईयू के करीब 93 प्रतिशत उत्पादों को भारत में शुल्क में रियायत दी जाएगी।
फॉन डेर लायन ने कहा कि यह समझौता दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक सीमा खोलने जैसा है, जिससे लगभग दो अरब लोगों का विशाल बाजार जुड़ेगा। उन्होंने कहा, यह सिर्फ व्यापार नहीं है। इसका मतलब है ज्यादा और बेहतर नौकरियां, मजबूत दोस्ती, अधिक संपर्क, कारोबार के लिए नए अवसर और दूसरे देशों पर निर्भरता में कमी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोप रणनीतिक स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं और इसी दिशा में दोनों पक्षों ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी भी शुरू की है, ताकि भारत और यूरोप के हितों की रक्षा हो सके और क्षेत्र में स्थिरता आए। फॉन डेर लायन ने कहा कि दोनों मिलकर महाद्वीपों के बीच एक नई सुनहरी राह बना सकते हैं, जो भारत और दुनिया के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का रास्ता खोलेगी।
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