मणिपुर हिंसा में किसी बड़े नेटवर्क की साजिश की हो जांच: N Biren Singh
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने बुधवार को सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक हितों वाला कोई बड़ा नेटवर्क राज्य को अस्थिर करने और उनकी सरकार को कमजोर करने के लिए काम कर रहा था। सिंह का यह बयान राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के 2024 में उनके काफिले पर हुए सशस्त्र हमले के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किए जाने की घोषणा करने के एक दिन बाद आया। सिंह ने मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच पिछले साल फरवरी में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। हालांकि, लगभग एक साल बाद चार फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया। सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं 10 जून 2024 को मेरे काफिले पर हुए हमले के सिलसिले में हाल में की गई गिरफ्तारियों के लिए एनआईए की सराहना करता हूं।
इनमें आइजोल में यूकेएनए प्रमुख की गिरफ्तारी भी शामिल है, जो इस हमले का आरोपी है।” जून 2024 में मणिपुर के कांगपोकपी जिले में के सिनाम गांव के पास एनएच-37 पर कुछ अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा था। सिंह ने कहा, “यह बात बहुत चिंताजनक है कि इस मामले के आरोपी और ट्रोंगलाओबी हमले सहित अन्य बर्बर हमलों में शामिल लोग यूकेएनए से जुड़े हुए हैं, जो एसओओ (सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स) समझौते का हिस्सा नहीं है।” सात अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों की ओर से किए गए आईईडी हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
एनआईए ने मंगलवार को बताया कि उसने हमले में शामिल होने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, एक आरोपी को अगस्त में पकड़ा गया था। सिंह ने कहा, “इससे एक गंभीर सवाल उठता है।
क्या वे सिर्फ अपने फायदे के लिए काम कर रहे थे या फिर कोई बड़ा नेटवर्क था, जिसके राजनीतिक हित मणिपुर को अस्थिर करने और उस समय की चुनी हुई सरकार को कमजोर करने में निहित थे?” उन्होंने कहा कि हाल की गिरफ्तारियों से अहम कड़ियां सामने आई हैं और मामले की गहन जांच की जानी चाहिए। सिंह ने कहा, “मणिपुर के लोगों को यह जानने का हक है कि तीन मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा और अस्थिरता के पीछे क्या कोई बड़ा नेटवर्क है। हर कड़ी की जांच होनी चाहिए।
हर साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए। हर जिम्मेदार व्यक्ति को कानून का सामना करना चाहिए।” मणिपुर में मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में बसे कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में कम से कम 306 लोगों की मौत हुई है, जबकि 49 अन्य लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
OpenAI ने लॉन्च किए 24 घंटे काम करने वाले Dots एजेंट्स और किफायती GPT-6.1 मॉडल
कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने मंगलवार को ऐसे एआई एजेंट ‘डॉट्स’ पेश किए, जो उपयोगकर्ताओं के लक्ष्यों पर लगातार काम कर सकते हैं। कंपनी ने इसके साथ चैटजीपीटी, कोडेक्स, एआई मॉडल और डेवलपर मंच से जुड़े 20 से अधिक अपडेट की भी घोषणा की। कंपनी के मुताबिक, जीपीटी-6 एस्ट्रा मॉडल से संचालित ये एजेंट अपने क्लाउड कंप्यूटर पर काम करते हैं और उपयोगकर्ताओं के लिए 24 घंटे कार्य कर सकते हैं।
ये प्लगइन प्रणाली के जरिये 4,000 से अधिक ऐप से जुड़ सकते हैं और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर समय के साथ उनकी पसंद को भी समझ सकते हैं। वार्षिक डेवलपर सम्मेलन ‘डेवडे’ में पेश एआई एजेंट डॉट्स का इस्तेमाल चैटजीपीटी के अलावा स्लैक और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के जरिये भी किया जा सकेगा। उपयोगकर्ता तय कर सकेंगे कि ये एजेंट अपने स्तर पर कौन-से काम कर सकते हैं।
हालांकि, पासवर्ड बदलने जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए उपयोगकर्ता की मंजूरी लेनी जरूरी होगी। ओपनएआई ने कंपनियों के लिए खरीद और चालान प्रसंस्करण जैसे विशिष्ट कार्य करने वाले ‘स्पेशलिस्ट डॉट्स’ का परीक्षण भी शुरू किया है। कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ इन्हें उसके उद्यम सुरक्षा और प्रशासन संबंधी नियंत्रणों से जोड़ने पर भी काम कर रही है।
कंपनी ने इसके साथ जीपीटी-6.1 सोल मॉडल भी पेश किया, जिसे उसने एआई एजेंट के जरिये कोडिंग, कंप्यूटर के इस्तेमाल और पेशेवर कार्यों में जीपीटी-6 एस्ट्रा के प्रदर्शन के करीब बताया है। हालांकि, इस मॉडल की मानक कीमत एस्ट्रा के मुकाबले करीब पांचवां हिस्सा है। जीपीटी-6.1 सोल की कीमत प्रति 10 लाख इनपुट टोकन दो डॉलर और प्रति 10 लाख आउटपुट टोकन 10 डॉलर है।
वहीं, जीपीटी-6 एस्ट्रा के लिए ये दरें क्रमशः 10 डॉलर और 50 डॉलर हैं। जीपीटी-6.1 सोल चैटजीपीटी वर्क और कोडेक्स में प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एजुकेशन श्रेणी के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। डेवलपर इसका इस्तेमाल एपीआई के जरिये भी कर सकते हैं।
हालांकि, यह अभी चैटजीपीटी के सामान्य चैट इंटरफेस का हिस्सा नहीं है। डेवलपर के लिए कंपनी ने नए प्लगइन विकल्प पेश करने के साथ एजेंट्स एपीआई में कंप्यूटर इस्तेमाल करने की सुविधा भी जोड़ी है। इससे डेवलपर ऐसे एआई एजेंट बना सकेंगे जो सॉफ्टवेयर के साथ सीधे संवाद कर विभिन्न कार्य पूरे कर सकें।
ओपनएआई ने टीमों के लिए ‘चैटजीपीटी स्पेस’ भी पेश किया है। इसमें सहकर्मी, चैटजीपीटी और डॉट्स साझा फाइल तथा जानकारी के आधार पर मिलकर काम कर सकेंगे।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









