OpenAI ने लॉन्च किए 24 घंटे काम करने वाले Dots एजेंट्स और किफायती GPT-6.1 मॉडल
कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने मंगलवार को ऐसे एआई एजेंट ‘डॉट्स’ पेश किए, जो उपयोगकर्ताओं के लक्ष्यों पर लगातार काम कर सकते हैं। कंपनी ने इसके साथ चैटजीपीटी, कोडेक्स, एआई मॉडल और डेवलपर मंच से जुड़े 20 से अधिक अपडेट की भी घोषणा की। कंपनी के मुताबिक, जीपीटी-6 एस्ट्रा मॉडल से संचालित ये एजेंट अपने क्लाउड कंप्यूटर पर काम करते हैं और उपयोगकर्ताओं के लिए 24 घंटे कार्य कर सकते हैं।
ये प्लगइन प्रणाली के जरिये 4,000 से अधिक ऐप से जुड़ सकते हैं और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर समय के साथ उनकी पसंद को भी समझ सकते हैं। वार्षिक डेवलपर सम्मेलन ‘डेवडे’ में पेश एआई एजेंट डॉट्स का इस्तेमाल चैटजीपीटी के अलावा स्लैक और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के जरिये भी किया जा सकेगा। उपयोगकर्ता तय कर सकेंगे कि ये एजेंट अपने स्तर पर कौन-से काम कर सकते हैं।
हालांकि, पासवर्ड बदलने जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए उपयोगकर्ता की मंजूरी लेनी जरूरी होगी। ओपनएआई ने कंपनियों के लिए खरीद और चालान प्रसंस्करण जैसे विशिष्ट कार्य करने वाले ‘स्पेशलिस्ट डॉट्स’ का परीक्षण भी शुरू किया है। कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ इन्हें उसके उद्यम सुरक्षा और प्रशासन संबंधी नियंत्रणों से जोड़ने पर भी काम कर रही है।
कंपनी ने इसके साथ जीपीटी-6.1 सोल मॉडल भी पेश किया, जिसे उसने एआई एजेंट के जरिये कोडिंग, कंप्यूटर के इस्तेमाल और पेशेवर कार्यों में जीपीटी-6 एस्ट्रा के प्रदर्शन के करीब बताया है। हालांकि, इस मॉडल की मानक कीमत एस्ट्रा के मुकाबले करीब पांचवां हिस्सा है। जीपीटी-6.1 सोल की कीमत प्रति 10 लाख इनपुट टोकन दो डॉलर और प्रति 10 लाख आउटपुट टोकन 10 डॉलर है।
वहीं, जीपीटी-6 एस्ट्रा के लिए ये दरें क्रमशः 10 डॉलर और 50 डॉलर हैं। जीपीटी-6.1 सोल चैटजीपीटी वर्क और कोडेक्स में प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एजुकेशन श्रेणी के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। डेवलपर इसका इस्तेमाल एपीआई के जरिये भी कर सकते हैं।
हालांकि, यह अभी चैटजीपीटी के सामान्य चैट इंटरफेस का हिस्सा नहीं है। डेवलपर के लिए कंपनी ने नए प्लगइन विकल्प पेश करने के साथ एजेंट्स एपीआई में कंप्यूटर इस्तेमाल करने की सुविधा भी जोड़ी है। इससे डेवलपर ऐसे एआई एजेंट बना सकेंगे जो सॉफ्टवेयर के साथ सीधे संवाद कर विभिन्न कार्य पूरे कर सकें।
ओपनएआई ने टीमों के लिए ‘चैटजीपीटी स्पेस’ भी पेश किया है। इसमें सहकर्मी, चैटजीपीटी और डॉट्स साझा फाइल तथा जानकारी के आधार पर मिलकर काम कर सकेंगे।
US Immigration Court ने दी विस्कॉन्सिन मस्जिद के प्रमुख को निर्वासित करने की मंजूरी
अमेरिका में आव्रजन मामलों की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी मस्जिद के फलस्तीनी मूल के प्रमुख सलाह सरसूर को इस आधार पर निर्वासित किया जा सकता है कि वह अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा हैं। अदालत ने हालांकि यह आरोप खारिज कर दिया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला था। सलाह सरसूर को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों ने मार्च में मिलवॉकी में हिरासत में लिया था।
एक संघीय न्यायाधीश ने जून में सरसूर को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा था कि उनका यह दावा ‘‘ठोस’’ है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन इजराइल के खिलाफ बोलने और फलस्तीनी अधिकारों की वकालत करने के कारण उन्हें निशाना बना रहा है। सरसूर पिछले तीन दशक से अमेरिका में रह रहे हैं और ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ मिलवॉकी’ के अध्यक्ष हैं। सरकार का कहना है कि इजराइल में दशकों पहले आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जाना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
सरकार ने उन पर ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय इजराइल में आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी छिपाने या उसके बारे में झूठ बोलने का भी आरोप लगाया था। आव्रजन मामलों की अदालत के न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया। इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जन्मे सरसूर को 1988 में इजराइली सैन्यकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंकने की बात ‘‘स्वीकार करने के बाद’’ जेल भेजा गया था।
उन्हें 1995 में हथियार और गोला-बारूद रखने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया। सरसूर के वकीलों का कहना है कि दोनों मामलों में उन्हें प्रताड़ित किया गया और जुर्म जबरन कबूल कराया गया। सरसूर का अमेरिका में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह 1993 से यहां रह रहे हैं।
उनके वकीलों ने कहा कि अमेरिका सरकार को सरसूर के अमेरिका पहुंचने के समय से ही इजराइल में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी थी। सरसूर ने मंगलवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजे जाने का मतलब उनके ‘‘जीवन का अंत होगा।’’ अदालती दस्तावेजों के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून 2025 में एक असामान्य ज्ञापन जारी कर कहा था कि सरसूर को भी उसी आधार पर निर्वासित किया जा सकता है जिस आधार पर ट्रंप प्रशासन फलस्तीनी अधिकारों के समर्थक महमूद खलील और मोहसेन महदावी को देश से निकालने की कोशिश कर चुका है। सरसूर को बुधवार को मामले की स्थिति की समीक्षा के लिए अदालत में पेश होना है।
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