Responsive Scrollable Menu

केंद्र ने दिल्ली के लिए 1,790 करोड़ रुपए के एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को दिल्ली के लिए 1,789.52 करोड़ रुपए के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट (आईटीएमएस) प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य दिल्ली में ट्रैफिक प्रवाह, सड़क सुरक्षा और शहरी मोबिलिटी में सुधार करना है।

दिल्ली पुलिस द्वारा लागू किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट में 42 चिन्हित ट्रैफिक कॉरिडोर शामिल होंगे और इसे 24 महीनों की अवधि में तीन चरणों में शुरू किया जाएगा।

यह पहल शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

आईटीएमएस दिल्ली के रोड नेटवर्क को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा, अडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करेगा।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और अभी सड़कों पर लगभग 71 लाख एक्टिव रजिस्टर्ड गाड़ियां चल रही हैं।

सरकार के मुताबिक, दिल्ली में गाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की तुलना में बहुत ज्यादा रही है, जबकि ट्रैफिक मैनेजमेंट अभी भी काफ़ी हद तक तय सिग्नल टाइमिंग और मैन्युअल दखल पर निर्भर है।

यह नया सिस्टम सड़क की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है, ताकि ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम रियल टाइम की स्थितियों के हिसाब से तुरंत बदलाव कर सके।

इस प्रोजेक्ट की एक खास बात अडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को लागू करना है। यह सिस्टम ट्रैफिक के बहाव के आधार पर सिग्नल की टाइमिंग को अपने-आप एडजस्ट करेगा और भीड़-भाड़ व देरी को कम करने के लिए मुख्य रास्तों पर सिग्नल के बीच तालमेल बिठाएगा।

यह सिस्टम भीड़-भाड़ वाले रास्तों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्बुलेंस और दूसरी इमरजेंसी गाड़ियों के लिए प्राथमिकता से आवाजाही की सुविधा भी देगा।

सरकार का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी से ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और सड़क पर होने वाली दूसरी घटनाओं का जल्दी पता चल सकेगा, जिससे दिल्ली पुलिस सही कदम उठा सकेगी और ट्रैफिक डायवर्जन को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएगी।

यात्रियों को वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रैफिक की स्थिति, डायवर्जन और पार्किंग की उपलब्धता के बारे में असल समय की जानकारी मिलेगी। यात्रियों को बेहतर रास्ते चुनने में मदद करने के लिए नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ भी ट्रैफिक अपडेट शेयर किए जा सकते हैं।

यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, जैसे रेड-लाइट जंपिंग, तेज रफ्तार, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, अवैध पार्किंग, हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का पता लगाकर नियमों को ऑटोमैटिक तरीके से लागू करने में मदद करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एनालिटिक्स चोरी हुई, ब्लैकलिस्टेड और हॉट-लिस्टेड गाड़ियों, बार-बार नियम तोड़ने वालों और हिट-एंड-रन मामलों से जुड़ी गाड़ियों की पहचान करने में भी मदद करेगा।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

एक पत्रकार को बनाया गया राजा, युगांडा में पूर्व टीवी एंकर को मिली टोरो साम्राज्य की राजगद्दी

Uganda Monarchy: युगांडा के टोरो साम्राज्य में एक पत्रकार को नया राजा बनाया गया है. यह एक पारंपरिक राजशाही है, जो पिछले महीने अपने ‘बाल राजा’ की मौत के बाद शोक और उत्तराधिकार को लेकर विवाद से गुजर रही है.

युगांडा ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन में लंबे समय से पत्रकार और संपादक के तौर पर काम कर रहे प्रिंस एडवर्ड रुकीदी न्याबोंगो को नया राजा बनाया गया है. राजा बनने से पहले उन्होंने महल में प्रवेश से पहले रात में होने वाली पारंपरिक रस्में पूरी कीं और इसके बाद अपना शाही नाम अपनाया. मंगलवार को पश्चिमी युगांडा के फोर्ट पोर्टल शहर में एक समारोह के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से अपनी प्रजा के सामने पेश किया गया. यह शहर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की सीमा के पास स्थित है.

बने 13वें राजा, खत्म हुआ विवाद

पूर्व टीवी एंकर एडवर्ड रुकीदी किजानंगोमा को युगांडा के फोर्ट पोर्टल में टोरो साम्राज्य के 13वें राजा के रूप में ताज पहनाया गया, जिससे राजा ओयो न्यिम्बा की 34 वर्ष की आयु में कैंसर से मृत्यु के बाद चल रहे उत्तराधिकार विवाद का अंत हुआ.

1993 में पारंपरिक राज्यों में फिर शुरू हुई परंपरा 

युगांडा के पारंपरिक राज्यों को 1960 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति ने खत्म कर दिया था. उनका मकसद नए-नए आजाद हुए देश को एकजुट करना था. हालांकि, 1993 में इन पारंपरिक राज्यों को फिर से बहाल कर दिया गया. इन राज्यों के राजा या सांस्कृतिक सम्राटों के पास कोई संवैधानिक अधिकार नहीं होता. उन्हें सक्रिय राजनीति से भी दूर रहना पड़ता है. इसके बावजूद समाज में उनका खास प्रभाव है. वे अपनी परंपराओं, संस्कृति और लोगों की पहचान के संरक्षक माने जाते हैं.

दिया पहला भाषण

समारोह में राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने पारंपरिक नेताओं से स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने की अपील की. वहीं, न्याबोंगो ने अपने छोटे से भाषण में कहा कि वह लोगों को एकजुट करने वाले राजा की भूमिका निभाएंगे. उन्होंने ‘न्यू विजन’ अखबार से कहा कि शाही परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ अनुशासन और मेहनत भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि शाही पद को अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और कर्तव्य के तौर पर देखा जाना चाहिए.

पद को लेकर विवाद भी

न्याबोंगो शाही परिवार में उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे आगे नहीं थे. राजा ओयो न्यिम्बा कबांबा इगुरु रुकीदी चतुर्थ की अगस्त में 34 साल की उम्र में कैंसर से मौत के बाद उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई. बताया गया कि राजा ने सार्वजनिक रूप से किसी उत्तराधिकारी का नाम घोषित नहीं किया था. इसके बाद सत्तारूढ़ बाबीतो कबीले के बुजुर्गों ने योग्य राजकुमारों में से न्याबोंगो को नया राजा चुना.

हालांकि, इस फैसले को रानी मां बेस्ट केमिगिसा ने चुनौती दी है. उनका दावा है कि दिवंगत राजा एक छोटे बेटे को पीछे छोड़ गए हैं, जिसकी पहचान सही समय आने पर सार्वजनिक की जाएगी. ‘बेबी ओयो’ के संभावित उत्तराधिकारी होने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के बीच चर्चा तेज हो गई है. इसके साथ ही न्याबोंगो के राज्याभिषेक की वैधता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

Continue reading on the app

  Sports

Amir Jangoo: वेस्टइंडीज का पहला मुस्लिम क्रिकेटर जिसने किया ये कमाल, जानिए कौन हैं आमिर जांगू

वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के बल्लेबाज आमिर जांगू पहली बार भारत आए और उन्होंने गुवाहाटी वनडे में शतक लगाकर इतिहास रच दिया. Wed, 30 Sep 2026 18:09:41 +0530

  Videos
See all

CM Yogi Speech: गोरखपुर में महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि,CM योगी बोले- शिक्षा का विस्तार जरूरी| #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T12:45:03+00:00

Garjana: सियासत ने भगवान को भी बांट दिया? | #gyaneshkumar #hindinews #shorts #garjana #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T12:44:44+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers