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MRPL प्लांट में जबरदस्त Blast, 4 किमी तक टूटे खिड़कियों के शीशे और 8 जख्मी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) प्लांट में हुए धमाके के बाद भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। प्लांट परिसर से घना धुआं निकलता देखा गया। पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के मुताबिक, हाइड्रो सल्फर ट्रीटमेंट यूनिट में हुए ज़बरदस्त धमाके और उसके बाद लगी आग में आठ लोग घायल हो गए। हाइड्रो सल्फर ट्रीटमेंट यूनिट में एक ज़बरदस्त धमाके और उसके बाद लगी आग में आठ लोग घायल हो गए। राजेश नाम के एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए प्लांट से श्रीनिवास अस्पताल ले जाया गया। वह खतरे से बाहर है; CP, DC और CEO यहाँ मौजूद हैं... पुलिस कमिश्नर रेड्डी ने बताया। हालात का जायज़ा लेने के लिए पुलिस कमिश्नर (CP), डिप्टी कमिश्नर (DC) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) समेत ज़िले के बड़े अधिकारी मौके पर पहुँचे। 

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BJP विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि धमाका किसी स्टीमर या प्रेशर इक्विपमेंट की वजह से हुआ। शेट्टी ने पुष्टि की कि किसी की मौत नहीं हुई है; उन्होंने बताया कि करीब नौ लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति लगभग 30% जल गया और अभी अस्पताल में भर्ती है। ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ऐसा लगता है कि धमाका अंदर मौजूद किसी स्टीमर या प्रेशर इक्विपमेंट की वजह से हुआ। और किसी की मौत की खबर नहीं है। मैंने वहाँ पुलिस अधिकारियों से बात की है। उन्होंने बताया कि करीब नौ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। और एक व्यक्ति जल गया है, शायद शरीर का लगभग 30% हिस्सा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है... इन सभी मामूली चोटों की मुख्य वजह यह है कि धमाके वाली जगह के ठीक सामने वाली बिल्डिंग में वे लोग बैठे थे। विधायक के मुताबिक, ज़्यादातर चोटें तब आईं जब धमाके की शॉकवेव की वजह से धमाके वाली जगह के सामने वाली बिल्डिंग में बैठे लोगों पर फॉल्स सीलिंग और कांच की खिड़कियाँ गिर गईं। धमाके का असर और तेज़ आवाज़ दो से चार किलोमीटर के दायरे में महसूस की गई। आस-पास के गाँवों और पंचायतों से खिड़कियों के शीशे और छत की टाइलें टूटने की खबरें आई हैं, जबकि कुछ स्कूलों की इमारतों में दरारें भी पड़ गई हैं और लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

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Home Hygiene: घर में जूते पहनकर क्यों नहीं जाना चाहिए? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

घर में घुसते समय जूते बाहर उतारने की सलाह अक्सर दी जाती है। इसकी वजह सिर्फ घर में मिट्टी और गंदगी आने से बचाना नहीं है। जूतों के तलवों पर बैक्टीरिया के साथ-साथ कई दूसरी हानिकारक चीजें भी चिपकी हो सकती हैं, जो जूतों के जरिए घर के अंदर पहुंच जाती हैं। कुछ शोधों में जूतों के तलवों पर ऐसे बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि जूतों को घर के बाहर उतारना क्यों जरूरी माना जाता है।

जूतों के तलवों पर चिपके हो सकते हैं बैक्टीरिया

2008 में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि लगभग 80 प्रतिशत जूतों के निचले हिस्से में फीकल बैक्टीरिया यानी मल में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मौजूद थे। ये बैक्टीरिया अक्सर सार्वजनिक शौचालयों की फर्श से जूतों पर चिपक सकते हैं और फिर हमारे साथ घर तक पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा, बाहर कुत्तों और पक्षियों की बीट में मौजूद बैक्टीरिया भी जूतों के तलवों पर चिपक सकते हैं। अस्पताल जैसी जगहों पर मौजूद कीटाणुओं के जूतों पर पहुंचने की संभावना भी रहती है।

एक दूसरी रिसर्च में पाया गया कि 65 प्रतिशत डॉक्टरों के जूतों पर एंटीबायोटिक के असर को मात देने वाले एमआरएसए या आंतों में पाए जाने वाले एंटरोकोकस फेकेलिस जैसे बैक्टीरिया मौजूद थे।

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कार्पेट वाले फर्श पर ज्यादा फैल सकते हैं बैक्टीरिया

2023 में न्यूयॉर्क सिटी की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी में फुटपाथ के बारिश के पानी, जूतों के तलवों और विश्वविद्यालय के फर्श से नमूने लिए गए।

इस स्टडी में पाया गया कि छात्रों और शिक्षकों के जूतों के तलवों पर वही बैक्टीरिया मौजूद थे, जो बाहर फुटपाथ पर पाए गए थे। इस वजह से विश्वविद्यालय के अंदर के हिस्से में भी बैक्टीरिया पाए गए। खासतौर पर कार्पेट वाली जगहों पर बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया।

जूतों के साथ घर आ सकते हैं हानिकारक केमिकल्स

जूते सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि कई दूसरे हानिकारक पदार्थ भी घर के अंदर ला सकते हैं। पीएफएएस ऐसे केमिकल्स हैं, जो पर्यावरण और हमारे शरीर में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। इसी वजह से इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ भी कहा जाता है। ये केमिकल्स भी जूतों के साथ घर के अंदर पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा, घर की मरम्मत या निर्माण के दौरान निकलने वाली सीसे की धूल भी जूतों पर चिपक सकती है। खेतों और घर के बगीचों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक भी जूतों के जरिए घर में आ सकते हैं।

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घर में घुसने से पहले जूते उतारना क्यों बेहतर?

2023 के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 63 प्रतिशत अमेरिकी लोग घर पहुंचते ही नियमित रूप से अपने जूते बाहर उतार देते हैं। वहीं, 24 प्रतिशत लोग अपने घर आने वाले मेहमानों से भी जूते बाहर उतारने के लिए कहते हैं।

जूतों के तलवों के जरिए घर में मिट्टी, बैक्टीरिया और कई तरह के हानिकारक पदार्थ पहुंच सकते हैं। ऐसे में घर के बाहर जूते उतारना घर के अंदर इन चीजों के आने को कम करने का एक आसान तरीका हो सकता है।

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