flydubai फ्लाइट में चले चाकू, दोनों रूस और यूक्रेन के निकले पायलट, जानें पूरी कहानी
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान ने सऊदी अरब के ऊपर से उड़ान भरते हुए लगातार दो आपातकालीन संकेत भेजे. इनमें से एक सिग्नल सामान्य आपात स्थिति से जुड़ा था, जबकि दूसरा विमान के हाईजैक या किसी तरह के गैरकानूनी हस्तक्षेप का अंतरराष्ट्रीय संकेत माना जाता है.
घटना के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और इजरायली वायुसेना को भी अलर्ट किया गया. हालांकि बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक विमान के हाईजैक होने की पुष्टि नहीं हुई. शुरुआती रिपोर्टें में कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हुई झड़प को इस पूरे घटनाक्रम की वजह बताया गया है.
पहले भेजा गया 7700 का इमरजेंसी सिग्नल
उड़ान की निगरानी कर रहे फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम के मुताबिक विमान ने सबसे पहले 7700 कोरड प्रसारित किया. विमानन क्षेत्र में यह कोड सामान्य आपातकालीन स्थिति का संकेत होता है.
इस तरह का सिग्नल कई तरह की गंभीर परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा सकता है. मसलन, विमान में तकनीकी समस्या, मेडिकल इमरजेंसी या कोई अन्य ऐसी स्थिति जिसमें पायलट को तत्काल सहायता की जरूरत हो. लेकिन कुच ही समय बाद विमान की ओर से भेजा गया अगला सिग्नल ज्यादा गंभीर था.
????BREAKING: @i24NEWS_EN reports that one pilot stabbed the other and tried to hijack a FlyDubai plane headed to Tel Aviv. A major 9/11-style attack has just been averted.
— Tali Goldsheft (@TaliGoldsheft) September 30, 2026
A fight broke out in the cockpit and the aircraft dove 4,000 meters.
Israeli passengers overpowered him… https://t.co/OpeLQ9lgJo
फिर आया 7500 कोड, बढ़ी हाईजैक की आशंका
विमान ने इसके बाद 7500 कोड भेजा. विमानन क्षेत्र में यह कोड खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति बताने के लिए किया जाता है. इसमें हाईजैक जैसी स्थिति भी शामिल हो सकती है.
इस सिग्नल के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए स्थिति गंभीर हो गई. चूंकि विमान इजरायल की ओर जा रहा था और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर था, इसलिए संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हुई. इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसके बाद इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट किया गया.
विमान ने बदला रास्ता, तबुक में उतारा गया
आपातकालीन संकेतों के बाद विमान ने अपना निर्धारित रास्ता बदला. इसके बाद इसे सऊदी अरब के तबुक शहर में सुरक्षित रूप से उतारा गया.
लैंडिंग के बाद विमान की जांच की गई और यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की गई. शुरुआती रिपोर्टों में विमान के हाईजैक होने की बात सामने नहीं आई.
इजरायली टीवी चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में घटना के पीछे एक अलग ही वजह सामने आई कॉकपिट में मौजूद दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर झड़प हुई थी.
कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई लड़ाई?
रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान दोनों पायलटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति मारपीट तक पहुंच गई. इसी दौरान एक पायलट के बेहोश होने की बात भी सामने आई.
घटना की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई क्योंकि कॉकपिट में पायलटों की स्थिति सीधे विमान की सुरक्षा से जुड़ी होती है. किसी पायलट के अचानक बेहोश होने या दोनों के बीच नियंत्रण को लेकर समस्या पैदा होने पर विमान की उड़ान प्रभावित हो सकती है.
लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को विमान से उतार लिया गया. हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और दोनों के बीच विवाद की वजह को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहा.
एक पायलट रूसी, दूसरा यूक्रेनी
इस घटना में एक और दिलचस्प पहलू दोनों पायलटों की पृष्ठभूमि से जुड़ा है. रिपोर्टों में बताया गया कि एक पायलट रूसी मूल का था, जबकि दूसरा यूक्रेनी मूल का बताया गया.
हालांकि, N12 की रिपोर्ट में उनकी नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई. इसलिए इसे फिलहाल मीडिया रिपोर्ट में सामने आई जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में दोनों पायलटों की राष्ट्रीयता की खबर ने घटना को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी. लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पायलटों के बीच विवाद का कारण उनकी राष्ट्रीयता या दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव था.
“We restrained them. We need help.” -a Flydubai passenger filmed the cabin
— Russian Market (@runews) September 30, 2026
With blood visible on his face, he says passengers and crew subdued the attackers and that everyone was safe except one pilot.
The video was recorded shortly before the aircraft made an emergency… https://t.co/vlEXVsn872 pic.twitter.com/UFz8bLKvPQ
कुछ समय के लिए संपर्क टूटने की भी खबर
इजरायली पत्रकार अमित सेगल ने भी इस घटना को लेकर जानकारी साझा की थी. उनके अनुसार, आपातकालीन सिग्नल मिलने के बाद कुछ समय के लिए विमान से संपर्क टूट गया था.
यही वजह थी कि सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के साथ किसी गंभीर घटना की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया और संभावित सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया दी. बाद में विमान के सुरक्षित उतरने और हाईजैक की पुष्टि नहीं होने से स्थिति स्पष्ट हुई.
आखिर कितनी गंभीर थी घटना?
फिलहाल सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट है कि विमान ने दो बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन कोड प्रसारित किए थे. पहला 7700, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत है, और दूसरा 7500, जो विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैक की ओर संकेत करता है.
हालांकि, बाद की रिपोर्टों में हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई और घटना का संबंध कॉकपिट में हुई कथित झड़प से बताया गया.
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक गलत या अनपेक्षित इमरजेंसी सिग्नल भी अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर सकता है. इस मामले में भी विमान की निगरानी, सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और लड़ाकू विमानों की संभावित तैनाती ने स्थिति की गंभीरता को दिखाया.
फिलहाल विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को राहत मिली, लेकिन पायलटों के बीच वास्तव में क्या हुआ, एक पायलट क्यों बेहोश हुआ और 7500 कोड किस परिस्थिति में भेजा गया, इन सवालों के अंतिम जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे.
यह भी पढ़ें - हाईजैक की आशंका के बीच 'फ्लाई दुबई' की फ्लाइट की सऊदी अरब में लैंडिंग, इजरायल जा रहा था विमान
जॉन कैंपबेल ने गुवाहाटी ODI में शतक जड़ रचा इतिहास, भारत के खिलाफ ठोका वेस्टइंडीज का सबसे तेज शतक और अर्धशतक
IND vs WI 2nd ODI: भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल ने शतक जड़कर इतिहास रच दिया है. गुवाहाटी के बारसपारा क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे मैच खेला जा रहा है. इस मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम के लिए जॉन कैंपबेल ने सिर्फ 65 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया. जॉन कैंपबेल अब भारत के खिलाफ सबसे तेज वनडे शतक लगाने वाले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी बन गए हैं. इतना ही नहीं, वह भारत के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भी विंडीज प्लेयर बन गए हैं.
जॉन कैंपबेल ने सिर्फ 29 गेंद पर फिफ्टी जड़ तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड
भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की पारी का आगाज केसी कार्टी और जॉन कैंपबेल ने किया. हालांकि, केसी कार्टी कुछ खास नहीं कर सके और सिर्फ 9 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बन गए. लेकिन दूसरी ओर, जॉन कैंपबेल ने क्रीज पर आते ही भारतीय गेंदबाजों पर धावा बोल दिया. उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जिन्होंने भारत के खिलाफ साल 2002 और साल 2019 में 30-30 गेंदों में सबसे तेज फिफ्टी लगाने का कारनामा किया था.
⚡ Fastest 50 for WI against IND
— Cricinfo (@cricinfo) September 30, 2026
⚡ Fastest 100 for WI against IND
John Campbell breaks the records of Chris Gayle and Viv Richards respectively ???? pic.twitter.com/yTauB6YWhn
जॉन कैंपबेल ने ध्वस्त किया विव रिचर्ड्सन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अर्धशतक पूरा करने के बाद भी जॉन कैंपबेल रुके नहीं। उन्होंने अपनी इस आक्रामक बल्लेबाजी को जारी रखा और भारतीय स्पिन व तेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. कैंपबेल ने सिर्फ 65 गेंदों पर अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया. इस जादुई पारी के साथ उन्होंने दिग्गज सर विव रिचर्ड्स का सालों पुराना रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया. अब कैंपबेल भारत के खिलाफ वनडे इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले विंडीज बल्लेबाज बन गए हैं.
A 65-ball hundred - the fifth-fastest for West Indies in men's ODIs!
— Cricinfo (@cricinfo) September 30, 2026
John Campbell has given the visitors a rapid start ⚡ pic.twitter.com/MYofjQ49iO
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