Kushinagar Flood Ground Zero पर CM Yogi: पीड़ितों को Relief Kits, 10 दिनों में फसल का मुआवजा
गंडक नदी बेसिन के नेपाल वाले हिस्से में कम समय में हुई भारी बारिश की वजह से अचानक ज़बरदस्त बाढ़ आ गई है, जिससे बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों वाले ज़िलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सोमवार देर रात नारायणी नदी के किनारे बने AP तटबंध के कारण तीन दर्जन से ज़्यादा गाँव जलमग्न हो गए। नारायणी नदी के किनारे बना AP तटबंध (जिसे अहिरौली दान से पिपरासी खास तटबंध के नाम से भी जाना जाता है) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले की तमकुही राज तहसील में आता है। अधिकारियों ने बताया कि छह से ज़्यादा गांवों के लगभग 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं और नुकसान का सही अंदाज़ा अभी लगाया जा रहा है।
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योगी ने किया दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। अपने दौरे के दौरान, आदित्यनाथ ने घोषणा की कि कुशीनगर में नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइज़ेशन की जाएगी, ताकि उसकी जल क्षमता बढ़ाई जा सके और इलाके में बार-बार आने वाली बाढ़ का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारी बहाव के समय नदी से बनने वाले दबाव से निपटने के लिए एक लंबे समय तक चलने वाले समाधान की ज़रूरत है। उन्होंने सिंचाई विभाग के मुख्य इंजीनियर को ड्रेजिंग और चैनल बनाने का काम करने का निर्देश दिया, ताकि नदी ज़्यादा पानी को बेहतर ढंग से बहा सके। आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और उन्हें हर ज़रूरी मदद दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से नारायणी नदी से हुए नुकसान और तटबंध में आई दरार के बारे में जानकारी मांगी।
राहत पर जोर
मुख्यमंत्री ने विस्थापित परिवारों से बातचीत की और ऊंचे स्थानों पर ठहराए गए लोगों को ज़रूरी राहत सामग्री बांटी, जिसमें चावल, आटा, दाल और आलू जैसी खाने की मुख्य चीज़ें शामिल थीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के लिए NDRF की दो और SDRF की दो टीमें तैनात की गई हैं। संकट की इस घड़ी में, BJP सरकार उन सभी लोगों के साथ खड़ी है जो इससे प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को मदद मिलनी शुरू हो गई है; हमने 10 किलो चावल, आटा और आलू के साथ-साथ 2 किलो दाल और अन्य सामान भी उपलब्ध कराए हैं।
अनुग्रह राशि और मुआवजे का ऐलान
कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए योगी ने घोषणा की कि बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर बारिश और बाढ़ के कारण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए घर दिए जाएंगे, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल के नुकसान का आकलन पूरा करने और प्रभावित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 खाने के पैकेट का इंतज़ाम किया है, जिनमें चावल, आटा, आलू, दाल, चना, तेल, मसाले, नमक और दूसरी ज़रूरी चीज़ें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सुरक्षित जगहों पर ले जाए गए लोगों को तुरंत राहत कैंपों में पहुँचाया जाए और कैंपों में रोशनी का उचित इंतज़ाम किया जाए।
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वर्तमान में देखे को पूरी सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे है। मंत्री से लेकर अधिकारी तक पहुंच रहे है। लगातार कई बड़े ऐलान हो रहे है। हालांकि, लोगों तक यह कितना पहुंच पा रहा है, इसको लेकर फिलहाल कोई आंकड़ा नहीं है। लेकिन अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए सरकार की सक्रियता बढ़ी हुई है।
NIA की अर्जी पर Bombay High Court का फैसला, Antilia Case में Sachin Vaze की जमानत पर रोक
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को 2021 के एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को ज़मानत देने वाले स्पेशल कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट का यह आदेश नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा 29 सितंबर के ज़मानत आदेश को चुनौती देने के बाद आया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और नीला गोखले की बेंच ने NIA की अपील को 7 अक्टूबर के लिए लिस्ट किया और वाजे को नोटिस जारी किया। उन्हें अभी जेल से रिहा नहीं किया गया है क्योंकि उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई हैं।
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हाई कोर्ट ने वाज़े की ज़मानत के आदेश पर रोक लगाई
कोर्ट ने कहा कि हम स्पेशल कोर्ट के 29 सितंबर के आदेश पर अंतरिम रोक लगा रहे हैं। राज्य के अधिकारी हमारे आदेश की जानकारी तुरंत संबंधित जेल अधिकारियों को दें। हाई कोर्ट ने NIA की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। सिंह ने तर्क दिया कि स्पेशल कोर्ट ने वाज़े को ज़मानत देने में गलती की थी। इससे पहले दिन में जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस आशीष चव्हाण की बेंच ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद NIA ने यह मामला जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच के सामने रखा। स्पेशल कोर्ट ने 29 सितंबर को वाज़े को ज़मानत दी थी। इसके बाद NIA ने इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया।
एंटीलिया बम की धमकी वाला मामला क्या है?
25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से भरी एक SUV मिली थी। बिज़नेसमैन मनसुख हिरेन, जिनके पास चोरी होने से पहले यह SUV थी, 5 मार्च 2021 को पड़ोसी ठाणे की एक खाड़ी में मृत पाए गए। NIA ने 13 मार्च 2021 को वाज़े को गिरफ़्तार किया। बाद में उन्हें भ्रष्टाचार के एक अलग मामले में आरोपी बनाया गया, जिसकी जांच CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहे थे। भ्रष्टाचार के मामले में वाज़े को पहले ही ज़मानत मिल चुकी है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की अंतरिम रोक के कारण एंटीलिया बम की धमकी वाले मामले में उनकी रिहाई अभी रुकी हुई है।
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