Sonia Gandhi का CWC में बड़ा बयान, बोलीं- शुक्र है Nitish Kumar समय रहते INDIA Bloc से चले गए
मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से बाहर निकलने को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना था कि पार्टी को JD(U) प्रमुख को बाहर नहीं जाने देना चाहिए था, जबकि सोनिया गांधी का मानना था कि उनका उस समय चले जाना ही बेहतर था। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सिंह ने CWC से कहा कि अगर नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बने रहते तो राजनीतिक हालात कुछ और होते। सिंह ने कहा कि हमें नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से बाहर नहीं जाने देना चाहिए था। अगर वह साथ बने रहते, तो राजनीतिक स्थिति अलग होती।
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हालांकि, सोनिया गांधी इस बात से सहमत नहीं थीं; उनका कहना था कि कुमार हमेशा गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, गांधी ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि नीतीश कुमार समय रहते चले गए। उन्हें तो वहीं जाना ही था। वह लगातार INDIA गठबंधन से बाहर निकलने के नए तरीके ढूंढ रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को BJP कंट्रोल कर रही थी। यह बातचीत तब हुई जब कांग्रेस अपनी राजनीतिक रणनीति और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की आगे की कार्रवाई पर चर्चा कर रही थी। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही थी जब मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के साथ टकराव चल रहा है।
पिछले दशक में कांग्रेस के साथ नीतीश कुमार के रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। 2015 में, कुमार RJD और कांग्रेस के साथ 'महागठबंधन' का हिस्सा बनकर बिहार में सत्ता में लौटे। इस गठबंधन ने राज्य विधानसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले NDA को हराया। लेकिन 2017 में, कुमार गठबंधन से अलग हो गए और NDA में वापस चले गए। पांच साल बाद, अगस्त 2022 में, कुमार ने फिर से BJP से नाता तोड़ लिया और RJD, कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई। वे आठवीं बार मुख्यमंत्री बने और तेजस्वी यादव उनके डिप्टी बने।
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विपक्ष के खेमे में उस वापसी ने बाद में कुमार को 'INDIA' ब्लॉक के गठन में एक राष्ट्रीय भूमिका दिलाई। कुमार ने जून 2023 में पटना में विपक्ष की पहली बड़ी बैठक की मेज़बानी की, जिसमें BJP के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने पर चर्चा करने के लिए कई दलों को एक साथ लाया गया। बाद में उन्हें गठबंधन के संभावित संगठनात्मक चेहरों में से एक के तौर पर देखा गया। दिसंबर 2023 में, INDIA ब्लॉक के कुछ नेताओं के बीच उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाने को लेकर चर्चा हुई थी। जनवरी 2024 में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को INDIA ब्लॉक का चेयरपर्सन चुना गया, जबकि कुमार का नाम कन्वीनर पद के लिए प्रस्तावित किया गया। हालांकि, कुमार ने तुरंत अपनी सहमति नहीं दी और गठबंधन के अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत करना चाहा।
समुद्र में 3 हजार करोड़ की ड्रग्स, 5 पाकिस्तानी तस्करों का ATS और कोस्ट गार्ड ने किया ये हाल
अरब सागर में बड़े एक्शन से जुड़ा एक अपडेट सामने आ रहा है। जहां पर समुद्र में 3000 करोड़ के ड्रग्स को जब्त किया गया है। अरब सागर में भारतीय तटरक्षक बल की यह बड़ी कामयाबी है। जहां पर गुजरात एटीएस के साथ मिलकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। ड्रग्स तस्करी के आरोप में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आपको बता दें नारको टेरर नेटवर्क के खिलाफ यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। लंबे समय से इसको लेकर इनपुट्स भी थे। समंदर में कैसे गुजरात एटीएस के साथ मिलकर इस कार्रवाही को अंजाम दिया गया है और इसमें पांच पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार हुए हैं। उनके पास से जो है 526 किलोग्राम की जो हिरोइन जो ज़बत हुई है और उसकी कीमत बताई जाती है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में है 3000 करोड़ के करीब और अगर हम बात करें इस ऑपरेशन की बात करें तो काफी देर से एरियल सर्विलेंस रखा गया था। ह्यूमन इंटेलिजेंस प काम किया जा रहा था। जैसे ही उन्हें बोट नजर आती है ततक्षक और एटीएस जो गुजरात है उनकी टीम ने वहां पर उस बोट को रोक लिया और उसके बाद उन्होंने इन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पांच लोगों की गिरफ्तारी से ये पता चल पाएगा कि कौन सा कौन लोग हैं जो इसके साथ हैं जो ड्रग्स सिंडिकेट के पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे हैं। क्योंकि लगातार पाकिस्तान की कोशिश यही है कि यहां पर ड्रग्स बेचे जाए। अगर यह समुंदर के रास्ते से कभी बेचने की कोशिश करते हैं, कभी अंतरराष्ट्रीय सीमा से और कभी लाइन ऑफ़ कंट्रोल से भेजने की कोशिश करते हैं। क्योंकि उन्हें मालूम है कि यह ड्रग्स को बेचने के बाद जो भी पैसा इकट्ठा होता है वो आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हथियार खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ये बहुत बड़ी कामयाबी है क्योंकि हमने देखा है कि अरब महासागर से कई बार उन्होंने ड्रग्स और हथियार भेजने की कोशिश की है पाकिस्तान ने और एक बार फिर से उनकी कोशिश को पूरी तरह से हमारे जो अलर्ट है जो कोस्टल कोस्ट गार्ड्स उन्होंने पूरी तरह से उसे नाकाम कर दिया।
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समुद्र में चलाए गए ऑपरेशन में 526 किलोग्राम नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए
समुद्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में लगभग 526 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाले नशीले पदार्थ (हेरोइन और मेथामफेटामाइन) ज़ब्त किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। साथ ही, नाव चला रहे पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी तुरंत पकड़ लिया गया। पकड़ी गई नाव, उसके चालक दल और ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों को हथियारबंद सुरक्षा के साथ मुंबई लाया गया है, ताकि संयुक्त पूछताछ और कई एजेंसियों द्वारा कानूनी कार्यवाही की जा सके।
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ऑपरेशन की यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री दबदबे को दिखाती है
ऑपरेशन की यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के मज़बूत समुद्री दबदबे, निगरानी के पुख्ता तंत्र और भारत के समुद्री इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' (सख्त रवैये) की पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दुश्मन विदेशी गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़कर और ज़हरीले सिंथेटिक नशीले पदार्थों को मुख्य भूमि के तटों तक पहुँचने से पहले ही रोककर, यह मिशन केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के राष्ट्रीय विज़न को और मज़बूत बनाता है। भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, युवाओं को नशे की लत से बचाने और समुद्री क्षेत्र में पूरी सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमेशा तैयार है।
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