India-EU Trade Deal: भारत के लिए बड़े काम की है मदर ऑफ ऑल डील, जानें इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर दवा तक जानें क्या-क्या होगा सस्ता?
India-EU Trade Deal: दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बनना वैश्विक व्यापार के लिहाज से एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'वैश्विक व्यापार में नए युग की शुरुआत' बताया है. इस समझौते के लागू होते ही भारत सीधे तौर पर यूरोप के 27 देशों से जुड़ जाएगा, जिससे निवेश, कारोबार और उपभोक्ताओं तीनों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस डील का असर सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा, क्योंकि कई महंगे विदेशी प्रोडक्ट अब सस्ते होने वाले हैं. आइए जानते हैं मदर ऑफ ऑल डील से आपके लिए क्या-क्या सस्ता होने वाला है?
दवाइयों और मेडिकल उपकरणों में राहत
सस्ते होने वाली चीजों में सबसे पहले बता करेंगे सेहत की. जी हां सेहत को लेकर इस डील में ऐसा करार हुआ है जो आपके लिए दवाओं को सस्ता कर देगा. यूरोप की उन्नत फार्मा और मेडिकल टेक्नोलॉजी दुनियाभर में मशहूर है. इस डील से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां और आधुनिक मेडिकल मशीनें भारत में सस्ती हो सकती हैं.
इतना नहीं भारतीय जेनेरिक दवाओं के लिए यूरोप के बड़े बाजार खुल जाएंगे, जिससे दवाओं की उपलब्धता और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी. यानी न सिर्फ दवाएं सस्ती होंगी बल्कि आपकी सेहत के लिए बेस्ट दवाएं भी बाजार में उपलब्ध होंगी.
इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक सामान की कीमतें होंगी कम
डिजिटल वर्ल्ड में इलेक्ट्रॉनिक चीजों की बड़ी डिमांड रहती है. ऐसे में इस डील से इलेक्ट्रॉनिक चीजों की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा मोबाइल पार्ट्स, एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी पर टैरिफ घटने या खत्म होने से भारत में मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम होगी. इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और तकनीकी उपकरणों की कीमतें नीचे आ सकती हैं.
स्टील और केमिकल सेक्टर को मजबूती
लोहे, स्टील और केमिकल उत्पादों पर शून्य टैरिफ का प्रस्ताव कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए राहत लेकर आएगा. इससे कच्चा माल सस्ता होगा, जिसका असर मकान निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक सामान की कीमतों पर दिख सकता है.
लग्जरी कारों का सपना होगा आसान
अब तक यूरोप से आने वाली लग्जरी कारों पर भारी भरकम इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी, जिसकी वजह से BMW, Audi, Mercedes जैसी गाड़ियां आम खरीदार की पहुंच से दूर थीं. नए समझौते के तहत 15,000 यूरो से महंगी कारों पर टैक्स में बड़ी कटौती की जाएगी. शुरुआत में यह शुल्क 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा और आगे चलकर इसे 10 प्रतिशत तक घटाने की योजना है. इससे इन कारों की कीमतों में लाखों रुपये की कमी आ सकती है.
वाइन और व्हिस्की अब होंगी ज्यादा किफायती
फ्रांस, इटली और स्पेन की मशहूर वाइन और यूरोपीय व्हिस्की पर फिलहाल 100 से 125 प्रतिशत तक टैक्स लगता है. FTA के बाद इन पर टैक्स में चरणबद्ध तरीके से कमी आएगी. इसका मतलब है कि प्रीमियम विदेशी शराब अब केवल खास मौकों की चीज नहीं रहेगी, बल्कि आम उपभोक्ता भी इसे पहले से कम कीमत में खरीद पाएंगे.
भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए रास्ते
यह समझौता सिर्फ आयात को सस्ता नहीं करेगा, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए भी सुनहरा मौका है. कपड़ा, लेदर और हीरे-जवाहरात जैसे सेक्टर को यूरोप के विशाल बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी. कपड़ों पर ड्यूटी खत्म होने से भारत, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों को कड़ी टक्कर दे सकता है.
कुल मिलाकर, भारत-EU FTA सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं, उद्योगों और निर्यातकों तीनों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने वाला कदम साबित हो सकता है.
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भारत-ईयू एफटीए से लेदर और टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिला बड़ा बूस्ट, अब जीरो ड्यूटी पर होगा निर्यात
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार को हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एवं ज्वैलरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री से बड़ी सौगात लेकर आया है।
अब यह सेक्टर जीरो ड्यूटी पर यूरोप के 27 देशों में आसानी से निर्यात कर पाएंगे।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि भारत-ईयू एफटीए से देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को बढ़ावा मिलेगा और उनके निर्यात में तेज वृद्धि देखने को मिलेगी।
पोस्ट में बताया गया कि इस ट्रेड डील से यूरोप को भारत के टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात पर जीरो ड्यूटी लगेगी। इससे भारतीय निर्यातकों को ईयू के 263 अरब डॉलर के टेक्सटाइल बाजार में सीधे प्रवेश मिलेगा।
इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और भारतीय बुनकरों का सशक्तिकरण होगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत-ईयू एफटीए से लेदर एंड फुटवियर पर ड्यूटी जीरो हो गई है, जो कि पहले 17 प्रतिशत थी। इससे भारतीय निर्यातकों को यूरोप के 100 अरब डॉलर के बाजार में जीरो ड्यूटी पर निर्यात के मौके मिलेंगे।
इसके साथ ही, इस एफटीए से रत्न और आभूषण उद्योग को भी फायदा होगा। इससे यूरोप के 79 अरब डॉलर के प्रीमियम मार्केट में नए अवसर खुलेंगे। वहीं, भारतीय निर्यातकों को यूरोप के 2 ट्रिलियन डॉलर के इंडस्ट्रियल बाजार में प्राथमिकता के आधार पर डायरेक्ट एंट्री मिलेगी।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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