461KM लंबा, झटपट पहुंचेंगे मंगलुरु से रायचूर, C-20 कॉरिडोर क्यों माना जा रहा कर्नाटक का गेमचेंजर?
कर्नाटक में करीब 461 किलोमीटर लंबा C-20 यानी मंगलुरु-रायचूर आर्थिक कॉरिडोर तटीय इलाके को राज्य के अंदरूनी हिस्सों से जोड़ने वाला अहम मार्ग बन सकता है. मंगलुरु के न्यू मंगलुरु पोर्ट से निकलने वाला माल रायचूर और आसपास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों तक तेजी से पहुंच सकेगा. दूसरी तरफ रायचूर और बल्लारी जैसे इलाकों की उपज और औद्योगिक माल बंदरगाह तक आसानी से पहुंच सकता है. इससे माल ढुलाई का समय और लागत कम होने की उम्मीद है. भारतमाला परियोजना से जुड़े इस कॉरिडोर का असर रोजगार और भंडारण कारोबार पर भी पड़ सकता है. यही वजह है कि C-20 को कर्नाटक के लिए अहम आर्थिक परियोजना माना जा रहा है.
मां विंध्यवासिनी धाम का कॉरिडोर नवरात्रि से पहले गुलाबी पत्थरों के साथ मेटैलिक रंगों से बढ़ेगी भव्यता, 50 लाख से बदलेगी तस्वीर
मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम में नवरात्रि को लेकर तैयारी की जा रही है. नवरात्रि को लेकर करीब 50 लाख रुपये कॉरिडोर, परिसर व आसपास खर्च किए जाने हैं. ऐसे में धाम की पेंटिंग के साथ ही कॉरिडोर में बने हुए परिक्रमा पथ के पिलर्स को भी अलग-अलग रंगों से पेंट किया जा रहा है. पहले परिक्रमा पथ को तैयार करने के बाद गुलाबी पत्थरों से पिलरों को तैयार किया गया था, जहां अब पिलर को नया रूप दिया जा रहा है.
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