मर्सिडीज-BMW की कारें भारत में सस्ती होंगी:यूरोपीय कारों पर ड्यूटी 110% से घटकर 10% होगी; फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में ऐलान
भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की गई है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान आज मंगलवार को भारत-EU समिट में किया गया है। करीब 20 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इंपोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज सस्ती होंगी भारत और यूरोपीय यूनियन की और से जारी प्रेस स्टेटमेंट के अनुसार, कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा। जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। लेकिन यह छूट असीमित नहीं होगी। सरकार ने एक कोटा सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत साल भर में केवल 2.50 लाख गाड़ियों पर ही यह कम टैक्स लागू होगा। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। अभी कितना टैक्स लगता है? दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है भारत बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा। 190 अरब डॉलर पार कर चुका है आपसी व्यापार साल 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर (करीब 15.80 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल चुका है। इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की। वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी। समझौते से क्या फायदा होगा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बहुत बढ़ाएगा। EUके साथ ट्रेड 2023-24 में $137.41 बिलियन रहा, इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
भारत-ईयू डील के बीच बाजार गिरा, सेंसेक्स डे हाई से 500 अंक गिरा, क्यों मार्केट में आई गिरावट?
Stock Market: भारत और ईयू के बीच हुई ट्रेड डील के बीच मंगलवार को शुरुआती तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट में आ गए। ऑटो शेयरों में बिकवाली और एफआईआई की लगातार निकासी से दबाव बढ़ा।
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