आज का पंचांग 30 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: कृतिका
- योग: वज्र
- करण: विष्टि (भद्रा), इसके बाद बव
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:37 बजे से 05:25 बजे तक
- अमृत काल: 03:48 बजे से 05:17 बजे तक, 1 अक्टूबर
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:10 बजे से 02:58 बजे तक
राहुकाल
- यमगण्ड: सुबह 07:43 बजे से 09:12 बजे तक
- गुलिक: सुबह 10:42 बजे से 12:11 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:47 बजे से 12:35 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 06:13 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:08 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि में
- चंद्रास्त: अगले दिन सुबह
आज के व्रत
चतुर्थी श्राद्ध
आज का पर्व
चतुर्थी श्राद्ध
आज का धार्मिक महत्व
आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को चतुर्थी श्राद्ध किया जाता है। जिन लोगों का स्वर्गवास किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध इस दिन किया जाता है। श्राद्ध कर्म के लिए कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को विशेष माना गया है। 30 सितंबर को चतुर्थी तिथि दोपहर 02:56 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। कृतिका नक्षत्र पूरे दिन और रात के बाद 1 अक्टूबर की सुबह 06:03 बजे तक रहेगा।
आज शुभ मुहूर्त कौन सा है?: आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:37 बजे से 05:25 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 02:10 बजे से 02:58 बजे तक रहेगा।
अल नीनो की आशंका: 2026-27 के खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य में कटौती, कई राज्यों में फसलें प्रभावित
कृषि क्षेत्र पर मौसम की अनिश्चितता और 'अल नीनो' के प्रभाव का साया एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और सूखे जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए कृषि उत्पादन के लक्ष्यों का पुनर्निधारण किया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि जल उपलब्धता, मिट्टी की नमी और वैज्ञानिक आकलनों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा सके और स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
वर्ष 2026-27 के लिए नया खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य
अल नीनो के प्रभाव और बारिश में कमी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य घटाकर 373.93 मिलियन टन कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यह लक्ष्य पिछले वर्ष (2025-26) के 376.56 मिलियन टन के वास्तविक उत्पादन से 2.63 मिलियन टन कम है, हालांकि यह 2025-26 के शुरुआती 362 मिलियन टन के लक्ष्य से अधिक है।
नए लक्ष्य के तहत खरीफ सीजन के लिए अनाज उत्पादन का लक्ष्य 196.21 मिलियन टन और रबी फसल सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन तय किया गया है।
बारिश में कमी और राज्यों में सूखे जैसे हालात
चालू खरीफ सीजन के दौरान देश भर में लगभग 12 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। कम बारिश और सूखे जैसे हालात के कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित पाँच राज्यों में फसलें प्रभावित हुई हैं। इन राज्यों ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय टीमों के दौरे का अनुरोध किया है, जिसके बाद केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और बचाव के उपायों पर काम कर रही है।
कम पानी वाली फसलों और विकल्पों को बढ़ावा
वैज्ञानिक आकलन और जल स्तर की स्थिति को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने रणनीति में बदलाव किया है। जिन क्षेत्रों में पानी की कमी या कम बारिश दर्ज की गई है, वहाँ धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों के स्थान पर दलहन और तिलहन की खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसानों के लिए वैश्विक बाजारों और अवसरों की पहल
घरेलू स्तर पर कृषि चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ सरकार किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों का लाभ दिलाने के लिए एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत किसानों को भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), शून्य आयात शुल्क वाले बाजारों, गुणवत्ता मानकों और विदेशों में मांग के अनुकूल फसलों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक व्यापार के अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।
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