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पेपर लीक पर सख्त कानून के बीच पटना यूनिवर्सिटी LLB एंट्रेंस का प्रश्नपत्र वायरल, फिर से प्रशासन पर उठे सवाल
Bihar Question Paper Viral: देश की संसद में अभी कुछ ही समय पहले पेपर लीक को लेकर एक नया और बेहद सख्त कानून पास हुआ था. सरकार की तरफ से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे कि अब परीक्षा माफियाओं की खैर नहीं होगी. गड़बड़ी करने वालों को सख्त सजा मिलेगी, भारी जुर्माना लगेगा और पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जाएगा. लेकिन इन दावों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि बिहार की राजधानी पटना से आई एक खबर ने पूरी प्रणाली पर फिर से गहरे सवाल खड़े कर दिए. जिस कानून की पढ़ाई करने के लिए छात्र प्रवेश परीक्षा दे रहे थे, उसी कानून की पढ़ाई के दाखिले का पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गया. पटना विश्वविद्यालय की तीन वर्षीय एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया है.
परीक्षा के समय पर उठे सवाल और सुरक्षा में चूक
यह पूरी घटना शनिवार की है, जब पटना विश्वविद्यालय की तीन वर्षीय एलएलबी प्रवेश परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच आयोजित की गई थी. परीक्षा को सही तरीके से कराने के लिए पटना कॉलेज, बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज को केंद्र बनाया गया था. शुरुआत में सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था और किसी भी तरह की गड़बड़ी की खबर नहीं थी. लेकिन परीक्षा समाप्त होने से ठीक कुछ समय पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर प्रश्न पत्र की तस्वीरें तेजी से तैरने लगीं. विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, दोपहर 12:02 बजे उन्हें प्रश्न पत्र वायरल होने की जानकारी मिली. यानी परीक्षा खत्म होने से करीब 28 मिनट पहले ही पर्चा केंद्र से बाहर आ चुका था.
जैमर बंद होने का आरोप और मोबाइल की एंट्री
नियमों के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन समेत सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने पर पूरी तरह से रोक होती है. पुलिस बल की तैनाती होती है और हर अभ्यर्थी की गहन जांच के बाद ही उसे अंदर जाने दिया जाता है. इसके बावजूद एक अभ्यर्थी मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष के अंदर कैसे पहुंच गया, यह अपने आप में बड़ा सवाल है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी छात्र ने अंदर से प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजी. इसके साथ ही परीक्षा के दौरान सिग्नल जैमर के काम न करने की बात भी सामने आई है. हालांकि इस मुद्दे पर अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा तंत्र में बड़ी चूक साफ नजर आ रही है.
संभावित उत्तर और विश्वविद्यालय का रुख
प्रश्न पत्र के साथ साथ एक पन्ने पर लिखे संभावित उत्तर भी सोशल मीडिया पर घूमने का दावा किया गया. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इस बात से पूरी तरह सहमत नजर नहीं आ रहा है. प्रशासन का कहना है कि प्रश्न पत्र का बाहर जाना एक बात है और उसका फायदा परीक्षा हॉल के अंदर बैठे छात्रों तक पहुंचना दूसरी बात है. विश्वविद्यालय के अनुसार, अभी तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि अभ्यर्थियों ने उस वायरल सामग्री का इस्तेमाल करके परीक्षा में अनुचित लाभ उठाया है.
रद्द नहीं हुई परीक्षा, जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. सीसीटीवी फुटेज से लेकर डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि उस आरोपी अभ्यर्थी और उसके पीछे छिपे पूरे नेटवर्क की पहचान की जा सके. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि उत्तर अंदर बैठे छात्रों तक पहुंचे थे, तो आगे कठोर कदम उठाए जा सकते हैं. फिलहाल परीक्षा निरस्त नहीं की गई है, लेकिन इस घटना ने अभ्यर्थियों के मन में व्यवस्था को लेकर एक बार फिर अविश्वास पैदा कर दिया है.
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