एआर रहमान के बयान पर वहीदा रहमान बोलीं:ऐसी छोटी-छोटी चीजें हर देश में होती हैं, ये मुल्क हमारा है, बस खुश रहो
वेटरन एक्ट्रेस वहीदा रहमान ने म्यूजिशियन एआर रहमान के उस बयान पर रिएक्शन दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड में उन्हें कम काम मिलने की एक वजह “सांप्रदायिक भेदभाव” भी हो सकती है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वहीदा रहमान ने कहा - "हां, मैंने इसके बारे में पढ़ा है, लेकिन मैं इसके बारे में कम जानने की कोशिश करती हूं। जब सब कुछ ठीक चल रहा हो तो मैं इस पर ध्यान नहीं देना पसंद करती हूं। ये छोटी-छोटी चीजें हर देश में होती हैं।" उन्होंने आगे कहा, “किस पर भरोसा करें और कितना भरोसा करें? यह बात सच है भी या नहीं, यह भी नहीं पता। ऐसे मामलों में क्यों उलझना? खासकर मेरी उम्र में मैं किसी से या किसी मुद्दे से जुड़कर विवाद नहीं चाहती। अपनी शांति से रहो, यह मुल्क हमारा है, बस खुश रहो। मैं बस इतना ही कह सकती हूं।” वहीदा रहमान ने यह भी कहा कि एआर रहमान को कम काम मिलने की वजह बदलता वक्त भी हो सकता है। उन्होंने कहा, “काम तो ऊपर-नीचे होता ही रहता है। एक उम्र के बाद लोग कहते हैं कि कुछ नया या अलग लेकर आइए। ऐसे में कई बार कुछ लोग पीछे रह जाते हैं। ऐसा जरूरी नहीं कि जो लोग बहुत ऊंचाई पर पहुंच गए हैं, वही हमेशा वहीं बने रहें। उतार-चढ़ाव तो चलता ही रहता है, इसमें कोई नई बात नहीं है।” एआर रहमान ने क्या कहा था? दरअसल, एआर रहमान ने BBC एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में बॉलीवुड में पक्षपात को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था, “शायद पहले मुझे इसका एहसास नहीं हुआ या यह छुपा हुआ था। लेकिन पिछले आठ सालों में सत्ता का संतुलन बदला है और अब ऐसे लोगों के पास ताकत है जो रचनात्मक नहीं हैं। यह सांप्रदायिक भी हो सकता है, लेकिन सीधे तौर पर मेरे सामने नहीं आता। मुझे बस अफवाहों के जरिए पता चलता है कि मुझे बुक किया गया था, लेकिन बाद में म्यूजिक कंपनी ने पांच और कंपोजर को हायर कर लिया।” एआर रहमान के इस बयान के बाद जावेद अख्तर, शान, शंकर महादेवन और कंगना रनौत समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी थी। विवाद बढ़ने के बाद रहमान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा, “भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है। कभी-कभी बातों को गलत समझ लिया जाता है। मेरा मकसद हमेशा संगीत के जरिए सम्मान और सेवा करना रहा है। मेरा इरादा कभी किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।”
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