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SIR: वोटर लिस्ट में मरे हुए लोगों के नाम क्यों चाहती है कांग्रेस? ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर भाजपा का पलटवार

चुनाव आयोग पर हमला करने के लिए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर स्थायी लोकतांत्रिक सांख्यिकी में लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए असफल रहने का आरोप लगाया. ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी, उसकी स्थापना 'ब्रिटिश साम्राज्य को बनाए रखने के लिए' की गई थी, आज भारत के चुनाव आयोग पर हमला कर रही है.

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गणेश चतुर्थी पर Jubin Nautiyal बने पापा, बोले- अभी बेटे का नाम तय नहीं किया

मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी रिचा चंदेल ने एक बेटे को जन्म दिया है। जुबिन और रिचा गणेश चतुर्थी के खास मौके पर माता-पिता बने। सिंगर ने एक इंटरव्यू के जरिए फैंस के साथ यह खुशखबरी शेयर की। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बेटा दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं।

जुबिन ने बताया कब हुआ बेटे का जन्म

जुबिन नौटियाल ने ‘बॉम्बे टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में पिता बनने की खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “जी हां, मैं पिता बन गया हूं। हमारे बेटे का जन्म 14 सितंबर गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन पर हुआ। मां और बच्चा दोनों वापस घर आ गए हैं और दोनों ठीक हैं।”

इसी दौरान जुबिन से उनके बेटे के नाम के बारे में भी पूछा गया। सिंगर ने बताया कि उन्होंने अभी तक बेटे का नाम तय नहीं किया है।

जुबिन ने कहा, “अभी तक हमने अपने बेटे का कोई भी नाम नहीं सोचा है। अभी हम उसके साथ खूबसूरत पलों का आनंद ले रहे हैं।” जुबिन के पिता बनने की खबर सामने आने के बाद फैंस उन्हें और रिचा को जमकर बधाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कपल को लेकर फैंस की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

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पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखते हैं जुबिन

जुबिन नौटियाल ने अपनी बचपन की दोस्त रिचा चंदेल से उत्तराखंड में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। इस शादी में परिवार के लोगों के अलावा कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए थे।

जुबिन अपनी पर्सनल लाइफ को सोशल मीडिया से दूर रखना पसंद करते हैं। उन्होंने रिचा के साथ एक तस्वीर जरूर शेयर की थी, लेकिन उसमें उनकी पत्नी का चेहरा नजर नहीं आया था। यही वजह है कि आज तक फैंस ने जुबिन की पत्नी का चेहरा नहीं देखा है।

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  Sports

Mohsin Naqvi के खिलाफ ACC Board के 3 सदस्य, Bangladesh को मिल सकती है कमान

एशियाई क्रिकेट परिषद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 के बाद आगे बढ़ने की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही है। मौजूदा हालात में परिषद के कार्यकारी बोर्ड से उनके कार्यकाल को बढ़ाने के लिए जरूरी समर्थन मिलना मुश्किल बताया जा रहा है। नकवी का मौजूदा कार्यकाल 2 अप्रैल 2027 को पूरा होना तय है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई क्रिकेट परिषद के कार्यकारी बोर्ड में शामिल 5 पूर्ण सदस्य देशों में से कम से कम 3 और संभवत: 4 देश नकवी के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इन 5 देशों में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान शामिल हैं। परिषद के अध्यक्ष का पद आम तौर पर पूर्ण सदस्य देशों के बीच हर 2 साल में घूमता है।

इस व्यवस्था के तहत अब बांग्लादेश की बारी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल के परिषद की जिम्मेदारी संभालने में रुचि रखने की बात सामने आई है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए नकवी को सभी प्रमुख सदस्यों का समर्थन हासिल करना जरूरी होगा, जो मौजूदा परिस्थितियों में आसान नहीं माना जा रहा है।

कुछ समय से यह चर्चा भी थी कि नकवी अगले वार्षिक आम बैठक तक पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, परिषद के एक सदस्य ने क्रिकेट से जुड़ी वेबसाइट क्रिकबज को बताया कि अध्यक्ष का कार्यकाल वार्षिक आम बैठक की तारीख से जुड़ा नहीं है। यानी आम बैठक कब होती है, इससे अध्यक्ष का 2 साल का कार्यकाल अपने आप आगे नहीं बढ़ता है।

परिषद के इसी सदस्य के अनुसार, नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा और इसके बाद बांग्लादेश को अध्यक्ष पद संभालने का मौका मिलना तय व्यवस्था के अनुरूप होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नकवी यह तर्क दे सकते हैं कि पिछले साल अगस्त में हुई आम बैठक में परिषद के दूसरे पदों के चुनाव नहीं हुए थे और इस साल अगस्त में चुनाव कराए गए हैं, लेकिन अध्यक्ष का कार्यकाल आम बैठक से अलग है।

गौरतलब है कि एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाए जाने का उदाहरण पहले भी सामने आ चुका है। 2024 में जय शाह को तीसरे साल के लिए अध्यक्ष बनाए रखा गया था। उस समय श्रीलंका की बारी थी, लेकिन उसने सर्वसम्मति से जय शाह को एक और कार्यकाल जारी रखने की सहमति दी थी। यानी ऐसे फैसलों के लिए सदस्य देशों की व्यापक सहमति अहम रहती है।

नकवी के मामले में यही सहमति सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है। परिषद के सदस्य के अनुसार, अध्यक्ष का पद पूर्ण सदस्यों के बीच 2 साल के लिए घूमता है और विशेष स्थिति में कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कार्यकारी बोर्ड का समर्थन जरूरी होती है। मौजूदा परिस्थितियों में नकवी के कार्यकाल को बढ़ाने पर ऐसी सहमति बनने की संभावना कम बताई जा रही है।

बांग्लादेश की बारी और तमीम इकबाल की कथित दिलचस्पी इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना रही है। हालांकि, नकवी के कार्यकाल के दौरान एक और चर्चा का विषय सामने आ सकता है। दिसंबर में बांग्लादेश में एशियाई अंडर-19 महिला चैंपियनशिप आयोजित होनी है, जिसमें भारत 2 बार का मौजूदा चैंपियन है।

बता दें कि इससे पहले भारतीय टीम से जुड़े एक खिताबी समारोह को लेकर नकवी चर्चा में रहे हैं। अगर भारत इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचता है, तो ट्रॉफी कौन सौंपेगा, इस पर भी नजर रह सकती है। हालांकि, यह स्थिति नकवी के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही बनेगी और अप्रैल 2027 के बाद परिषद की अध्यक्षता किसके पास होगी, यह सदस्य देशों की तय व्यवस्था और सहमति पर निर्भर करेगा।

Tue, 29 Sep 2026 21:55:00 +0530

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