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यात्री कृपया ध्यान दीजिए! 27 जनवरी से 5 फरवरी के बीच रद्द रहेगी ये ट्रेनें, रूट में भी बदलाव, यहां देखें शेड्यूल

रेल यात्रियों के लिए काम की खबर है। भारतीय रेलवे ने बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते से आने-जाने वाली कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया है, वहीं कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाले आद्रा और चक्रधरपुर रेल मंडलों में पटरियों और पुलों के रखरखाव …

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मर्सिडीज-BMW भारत में सस्ती हो सकती हैं:यूरोप से आने वाली कारों पर टैरिफ 40% तक घटेगा; कल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में ऐलान संभव

भारत सरकार यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इंपोर्ट टैरिफ में बड़ी कटौती की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस टैरिफ को 110% से घटकर 40% तक किया जा सकता है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान कल यानी मंगलवार को भारत-EU समिट में किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार ने 15 हजार यूरो (करीब 16.3 लाख रुपए) से ऊपर वाली कुछ कारों पर तुरंत टैक्स कम करने पर सहमति दी है। वॉल्क्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज सस्ती हो सकती हैं FTA के तहत भारत सालाना करीब 2 लाख डीजल-पेट्रोल इंजन कारों पर ड्यूटी 40% तक कम करेगा। भारत में अभी विदेशी कारों पर 70% से 110% इंपोर्ट ड्यूटी है। समय के साथ यह 10% तक गिर सकती है, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे वॉल्क्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW को भारतीय बाजार में सस्ती हो सकती हैं। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। एग्रीमेंट को मदर ऑफ ऑल डील बता चुकीं यूरोपीय कमीशन चीफ इससे पहले 20 जनवरी को यूरोपीय कमीशन चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने वाला है। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उर्सुला ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा। वह 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी और 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU समिट में इस समझौते के पूरा होने की घोषणा की जा सकती है। उर्सुला ने कहा- मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे गतिशील देश भारत के साथ व्यापार करने का फर्स्ट-मूवर एडवांटेज (पहला बड़ा मौका) देगी। समझौते से क्या फायदा होगा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बहुत बढ़ाएगा। EUके साथ ट्रेड 2023-24 में $137.41 बिलियन रहा, इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ट्रम्प टैरिफ के बीच भारत-EU समझौते का ऐलान यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक सप्लाई चेन में समस्याएं पैदा की हैं। अमेरिका की 'टैरिफ वॉर' से भारत और यूरोपीय संघ के सभी 27 देश प्रभावित हुए हैं। ऐसे में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को मजबूती देने का फैसला किया है। भारत यूरोपीय देशों के साथ समझौता करके भारतीय प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए नए बाजार तलाश कर रहा है। 19 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की पहली कोशिश साल 2007 में शुरू हुई थी। हालांकि, महत्वाकांक्षाओं और नियमों में मतभेद के कारण 2013 में इन वार्ताओं को रोक दिया गया था। करीब 9 साल के अंतराल के बाद जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई। अब 2026 की शुरुआत में इस डील का फाइनल होने जा रही है। UK के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका भारत इससे पहले 24 जुलाई को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था। इससे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया था। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं यूके के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें

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पंजाब की 12 वर्षीय डिंपी पहलवान में गजब का स्टेमिना:रोज करती है 8 घंटे जूडो-रेसलिंग की प्रैक्टिस, लगातार 40 किलोमीटर तक दौड़ने की क्षमता

पंजाब के लुधियाना की 12 साल की डिंपी पहलवान में गजब का स्टेमिना है। उसका स्टेमिना देखकर बड़े-बड़े रेसलर और कोच दंग रह जाते हैं। इतनी कम उम्र में रोजाना 8-8 घंटे जूडो और रेसलिंग की प्रैक्टिस करना आसान नहीं है। यही नहीं डिंपी पहलवान में इतना स्टेमिना है कि लगातार 30 से 40 किलोमीटर की दौड़ लगा देती हैं। लुधियाना के मायापुरी निवासी डिंपी पहलवान सीमित संसाधनों के बावजूद अंडर-14 जूडो और रेसलिंग में स्टेट लेवल पर गोल्ड मेडल जीत चुकी है। छोटी- बड़ी प्रतियोगिताओं को मिलाकर वो अब तक 40 से ज्यादा मेडल जीत चुकी है। डिंपी पहलवान का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद ओलिंपिक में खेलने का सपना देख रही हूं। डिंपी के पिता कृपा शंकर पल्लेदारी का काम करते हैं। उनकी आमदनी सीमित है, लेकिन बेटी के खेल सामान, ट्रेनिंग और डाइट के लिए वह हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। परिवार में पत्नी, मां और तीन बच्चे हैं। इतने बड़े परिवार का खर्च उठाने के साथ बेटी को जूडो और रेसलिंग की ट्रेनिंग दिलाना आसान नहीं है, फिर भी पिता रोज सुबह पांच बजे डिंपी को लेकर गुरुनानक स्टेडियम पहुंचते हैं, उसे प्रैक्टिस करवाते हैं। उनका सपना है कि वो रेसलिंग व जूडो में देश का प्रतिनिधित्व करे। लुधियाना से दौड़कर फतेहगढ़ साहिब पहुंची फतेहगढ़ साहिब में जब माता गुजरी और साहिबजादों का शहीदी मेला चल रहा था तो डिंपी पहलवान लुधियाना से फतेहगढ़ साहिब तक दौड़कर गई। हालांकि उन्हें भीड़ के कारण पहले खन्ना में रोक दिया था और फिर अगले दिन सुबह उसे फतेहगढ़ साहिब जाने दिया गया। दादी प्यार से कहती थी पहलवान डिंपी घर की बेटी बेटी है। जब पैदा हुई तो दादी ने उसे प्यार से पहलवान कहना शुरू किया। पिता पहलवानी करते थे। पिता को देखते- देखते चार साल की उम्र में पहलवानी करनी शुरू की। इसलिए उसका नाम डिंपी पहलवान ही पड़ गया। दस्तावेजों में भी उसका नाम डिंपी पहलवान है। सिलसिलेवार जानिए डिंपी पहलवान की कहानी... मेडल जीतने के बाद बढ़ा दी प्रैक्टिस डिंपी अब प्रोफेशनल जूडो खिलाड़ी व रेसलर बनाना चाहती है। इसलिए उसने बाकायदा अपना ट्रेनिंग शेड्यूल भी बेहद टाइट रखा है। दो गेम्स की प्रेक्टिस करना आसान नहीं है, लेकिन वो उसे भी आसान कर देती है और रोजाना 10-10 घंटे पसीना बहाती है। डिंपी का प्रैक्टिस शेड्यूल डिंपी के पिता कृपा शंकर ने बताया कि, सुबह पांच बजे गुरुनानक स्टेडियम पहुंच जाते हैं, जहां डिंपी प्रैक्टिस शुरू कर देती है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक दोनों खेलों की प्रैक्टिस करती है। घर आकर दोपहर 12 बजे स्कूल जाती है और दो से ढाई बजे के बीच में घर आ जाती है। तीन बजे फिर गुरुनानक स्टेडियम पहुंच जाती है। तीन बजे से शाम को आठ से साढ़े आठ बजे तक गुरुनानक स्टेडियम में प्रैक्टिस करती है। वहां पर जूडो व रेसलिंग के कोच उसे अब खेल की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं। इसके अलावा दिन में जब भी वक्त मिलता है तो वह धांधरा में जाकर मॉडर्न अप्रेटस वाले रिंग में जाकर जूडो व रेसलिंग की कोचिंग लेती है। स्कूल से मिल जाती है छुट्‌टी डिंपी की मेहनत को देखते हुए स्कूल टीचर्स ने भी उसे क्लास अटैंड न करने की छूट भी दी है। टीचर्स को पता है कि अगर डिंपी स्कूल नहीं आई है तो इसका मतलब वो कहीं पर रेसलिंग व जूडो की प्रैक्टिस कर रही होगी। डिंपी को रोजाना जल्दी छुट्‌टी दी जाती है ताकि वो गेम पर फोकस कर सके। अब तक जीत चुकी है 40 से ज्यादा मेडल डिंपी की उम्र सिर्फ 12 साल है, लेकिन उसका आत्मविश्वास और मेहनत किसी सीनियर खिलाड़ी जैसी है। सातवीं कक्षा में पढ़ते हुए उसने अंडर-14 स्टेट लेवल पर जूडो और रेसलिंग में मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। डिंपी ने बताया कि वो अब तक 40 से ज्यादा मेडल जीत चुकी है। देसी डाइट से बनी ताकत डिंपी के पिता कृपा शंकर ने बताया कि डिंपी पूरी तरह से वेजिटेरियन है। इसके अलावा उसको किसी भी तरह का बाजारू या महंगा सप्लीमेंट नहीं दिया जाता। उसकी पूरी डाइट देसी और साधारण है। उन्होंने बताया कि प्रोटीन के लिए काले छोले, मूंग की दाल, राजमा, दूध, दही और पनीर दिया जाता है जबकि कार्बोहाइड्रेट की आपूर्ति के लिए ड्राई फ्रूट्स व उबले हुए आलू दिए जाते हैं। छोटा भाई भी मैदान में चमक रहा डिंपी का छोटा भाई मोहित रुद्रा भी एथलेटिक्स में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वह जिला स्तर पर रेस में गोल्ड मेडल जीत चुका है। परिवार में खेल का माहौल बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। प्रेरणा बनती डिंपी पहलवान डिंपी पहलवान की कहानी यह बताती है कि सीमित संसाधन भी अगर मजबूत इरादों के साथ जुड़ जाएं तो बड़ी कामयाबी की राह बन सकती है। छोटी उम्र में उसका अनुशासन, मेहनत और देश-समाज से जुड़ी सोच आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल है। पिता ने की सहयोग की अपील कृपा शंकर सरकार व अन्य लोगों से अपील की है कि अगर उनकी बेटी को पर्याप्त संसाधन मिल जाएं तो वो ओलिंपिक तक देश का नाम रोशन करने का साहस रखती हैं। उन्होंने अपील की है कि बेटी को आगे बढ़ाने के लिए उसकी मदद करें ताकि वो अपनी प्रैक्टिस वर्ल्ड क्लास संसाधनों के साथ कर सके। Mon, 26 Jan 2026 23:47:00

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