October Bank Holidays 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक? देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Bank Holiday in October: अक्टूबर में अगर आपको बैंक जाकर कोई जरूरी काम निपटाना है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि अक्टूबर 2026 में त्योहारों और नियमित साप्ताहिक अवकाश की वजह से बैंक कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझनी चाहिए. बैंक की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होती हैं. कुछ छुट्टियां देश भर में लागू होती हैं. जबकि कुछ सिर्फ खास राज्यों या फिर शहरों में ही होती हैं.
तो अगर आपको चेक जमा करना है, ड्राफ्ट बनवाना है या फिर बैंक की ब्रांच में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो घर से निकलने से पहले अपने शहर की बैंक हॉलिडे लिस्ट जरूर देख लें. सबसे पहले उन तारीखों की बात करते हैं जब देश भर की बैंक शाखाएं बंद रहने वाली हैं. यानी कि छुट्टी है. 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के कारण बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 4 अक्टूबर को रविवार है इसलिए साप्ताहिक अवकाश रहेगा. 10 अक्टूबर को महीने का दूसरा शनिवार है और इस दिन भी बैंक बंद रहेंगे.
11 अक्टूबर रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे. 18 अक्टूबर को फिर रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा. 24 अक्टूबर महीने का चौथा शनिवार है. इसलिए इस दिन भी बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी और 25 अक्टूबर को रविवार है. यानी लगातार एक और साप्ताहिक अवकाश. अब जरा बात उन छुट्टियों की भी करते हैं जो हर जगह पर लागू नहीं होंगी. तो 17 अक्टूबर को महासप्तमी के कारण अगरतला में बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी. 19 अक्टूबर को महाष्टमी और दुर्गा पूजा से जुड़ी छुट्टी कई राज्यों और शहरों में रहेगी. इस दिन अगरतला, आइजोल, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, कोहिमा, कोलकाता, पटना, रांची और शिलंग जैसे शहरों में बैंक बंद रहेंगे.
अमेरिकी सेना ने 20 साल बाद छोड़ा इराक, क्या ईरान के लिए खुल गया रास्ता?
US Military Leaves Iraq: अमेरिकी सेना ने बड़ा कदम उठाया है. बुधवार तक इराक में अपने आखिरी ठिकानों से भी हटने का फैसला कर लिया है. ईरान और उसके सहयोगी इस वापसी को अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहे हैं. पिछले दो दशकों से ज्यादा समय के युद्ध के दौरान इराक में करीब 4,500 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इराकी सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी सेना की यह वापसी ईरान और उसके प्रभावशाली सहयोगी गुटों की स्थिति मजबूत कर सकती है. यह फैसला 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में हुआ था. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ युद्ध के बीच भी अमेरिकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया.
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ईरान के लिए खुले रास्ते
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सेना के जाने से इराक में ईरान का प्रभाव बढ़ सकता है. साथ ही, इस्लामिक स्टेट जैसे अमेरिका के विरोधी संगठन भी अपनी गतिविधियां फिर से बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं. ईरान समर्थित शिया सशस्त्र समूहों पर नजर रखने वाले इराकी सुरक्षा विश्लेषक जासिम अल-बहादली ने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी से ईरान को रणनीतिक फायदा हो सकता है. उनके मुताबिक, अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लंबे समय से इराक में ईरान के प्रभाव को संतुलित करने का काम कर रही थी.
बहादली ने कहा कि ईरान समर्थित मिलिशिया इस वापसी को अपनी जीत के तौर पर पेश कर सकते हैं. साथ ही, वे सुरक्षा और राजनीतिक फैसलों में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.
इराक तैयार नहीं?
अमेरिकी सैनिकों की अंतिम वापसी को इराक में कई लोग पसंद कर रहे हैं, लेकिन ईरान समर्थित समूहों की बढ़ती ताकत को लेकर चिंतित लोगों को लगता है कि अमेरिकी सेना की वापसी अभी जल्दबाजी में हो रही है. फालुजा के एक सुन्नी कबीले के नेता अब्दुल रहमान अल-जोबाई ने रॉयटर्स से कहा कि इराक अभी अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं है. फालुजा कभी अमेरिकी सेना के खिलाफ प्रतिरोध का बड़ा केंद्र रहा था. उन्होंने कहा कि सभी इराकी अपने देश की पूरी संप्रभुता चाहते हैं और इस बात से किसी को आपत्ति नहीं है. लेकिन उनका मानना है कि अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के अचानक चले जाने से देश में सुरक्षा का खालीपन पैदा हो सकता है, जिसे लेकर इराकियों में चिंता है.
2003 में अमेरिका ने किया था कब्जा
अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक पर हमला किया था. इसका मकसद सुन्नी मुस्लिम शासक सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था. अमेरिकी सेना ने सद्दाम को हटाने के बाद कई सालों तक इराक में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए. 2011 के अंत में अमेरिकी सैनिक इराक से वापस चले गए. हालांकि, तीन साल से भी कम समय बाद अमेरिकी सेना फिर इराक लौट आई. 2014 से 2017 के बीच अमेरिकी सैनिकों ने इराकी सेना की मदद की और सुन्नी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ बड़े अभियान में हिस्सा लिया.
इराक में चलाए गए 'ऑपरेशन इराकी फ्रीडम' के दौरान अफगानिस्तान में हुए युद्ध की तुलना में करीब दोगुने अमेरिकी सैनिक मारे गए. अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान 2021 में सैनिकों की वापसी के साथ खत्म हुआ था. हाल के वर्षों में इराक ऐसा देश रहा है, जिसके अमेरिका और ईरान दोनों के साथ राजनीतिक और सैन्य संबंध रहे हैं. वहीं, ईरान ने कई बार इराक की जमीन का इस्तेमाल अमेरिका के साथ अपने अप्रत्यक्ष संघर्ष के लिए भी किया है. 2020 में अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर एक ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी को मार दिया था. इसके बाद ईरान समर्थित गुटों ने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर कई बार हमले किए. इनमें से कुछ हमलों के जवाब में अमेरिका ने भी सैन्य कार्रवाई की.
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