Delhi Police HQ पर AAP का प्रदर्शन, Parvesh Verma पर FIR की मांग के बीच हिरासत में कई नेता
मंगलवार को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना के बाद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर किया गया था। यह विरोध प्रदर्शन तिलक नगर में बढ़ते तनाव के बीच हुआ, जहां सादे कपड़ों में AAP के प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग कर रहे दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी।
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पुलिस ने इस कथित मारपीट के मामले में AAP नेता सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साहिब सिंह के खिलाफ एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तिलक नगर के दौरे पर थे, तब एक हेड कॉन्स्टेबल वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आरोप है कि तभी AAP समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद उस अधिकारी का मेडिकल टेस्ट कराया गया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल पर हमले के मामले में FIR दर्ज की गई है। FIR में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और AAP कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। साहिब सिंह के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। अरविंद केजरीवाल कल तिलक नगर के दौरे पर थे। दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल सादे कपड़ों में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। AAP समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल का मेडिकल टेस्ट कराया गया। सरकारी कर्मचारी को उसके काम में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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ये घटनाएँ रविवार को तिलक नगर में सड़क के निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े एक विवाद के बाद हुई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वर्मा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं, जो उस घटनाक्रम का वीडियो बना रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुआ था। AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने वर्मा पर बिना किसी उकसावे के एक युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने मीडिया के सामने बिना किसी उकसावे के 22 साल के एक युवक को थप्पड़ मारा। वह युवक भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर वीडियो बना रहा था। मंत्री ने उसका फ़ोन छीनकर फेंक दिया और फिर वहाँ से भाग गए। पुलिस ने उन्हें भागने में मदद की। यह सिर्फ़ प्रवेश वर्मा की बात नहीं है। ये कौन लोग हैं जो हर जगह गुंडागर्दी करते हैं? BJP के लोग लोगों को धमकाते और डराते हैं ताकि भ्रष्टाचार का मुद्दा न उठाया जा सके और उनसे सवाल न पूछे जाएँ। इस संस्कृति को खत्म करने की ज़रूरत है। पूरा देश यह सब देख रहा है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महीने व्हाइट हाउस परिसर से प्रतिबंधित किए गए तीन समाचार संस्थानों ने संघीय अदालत से मामले के अंतिम निपटारे तक इस प्रतिबंध पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। समाचार संस्थान सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने आरोप लगाया कि न्यायाधीश के रोक आदेश के बावजूद प्रशासन प्रतिबंध को ‘‘अप्रत्याशित और असंगत तरीके से’’ लागू करता रहा है और सीएनएन को चुनिंदा रूप से व्हाइट हाउस के टेलीविजन पूल की जिम्मेदारियों से भी रोका गया। टेलीविजन पूल का मतलब एक साझा व्यवस्था है, जिसमें एक समाचार संस्था किसी कार्यक्रम की वीडियो कवरेज करती है और उसकी फुटेज अन्य टीवी चैनलों को भी उपलब्ध कराती है।
तीनों संस्थानों के वकीलों ने कहा सोमवार को कहा, ‘‘व्हाइट हाउस के बयानों और कार्रवाइयों से संकेत मिलता है कि मौका मिलने पर वह सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लगा सकता है।’’ याचिका में प्रतिबंध को प्रथम संशोधन में निहित प्रेस स्वतंत्रता और उचित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया गया है। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश टिमोथी केली ने पिछले सप्ताह ट्रंप के प्रतिबंध पर दो सप्ताह का अस्थायी रोक आदेश जारी कर तीनों संस्थानों की व्हाइट हाउस तक पहुंच बहाल की थी। यह आदेश आठ अक्टूबर को समाप्त होना है।
संस्थानों ने अब मामले के अंतिम निपटारे तक पहुंच जारी रखने के लिए प्रारंभिक रोक की मांग की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस का कहना है कि परिसर तक पहुंच कोई अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि राष्ट्रपति को यह तय करने का अधिकार है कि उनके विमान में कौन यात्रा करेगा।
उन्होंने सीएनएन पर सटीक खबरें नहीं देने का आरोप लगाते हुए ऐसी खबरों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। सीएनएन को व्हाइट हाउस के प्रसारण पूल से हटाए जाने के बाद एबीसी, सीबीएस, एनबीसी और फॉक्स न्यूज ने उसके समर्थन में पूल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। हाल में सीएनएन को ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात को कवर करने की अनुमति मिली, लेकिन अगले दिन उसे एयर फोर्स वन में यात्रा करने से रोक दिया गया।
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