Andhra Pradesh: GO 11 से कर्मचारियों पर बढ़ा काम का बोझ, YSRCP ने उठाई DSC में CBI जांच की मांग
YSRCP यूथ विंग के राज्य अध्यक्ष और पूर्व MLA जक्कम्पूडी राजा ने कहा कि गठबंधन सरकार उस 'विलेज और वार्ड सचिवालय' सिस्टम को सुनियोजित तरीके से कमज़ोर कर रही है, जिसे पूरे देश में पहचान मिली थी। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव के दौरान वॉलंटियर्स को 10,000 रुपये का मानदेय देने का वादा किया, उनके वोट हासिल किए और फिर वॉलंटियर सिस्टम को ही खत्म कर दिया। उन्होंने कहा वॉलंटियर्स के बाद अब सचिवालय कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को YS जगन मोहन रेड्डी से जुड़े सिस्टम से परेशानी है, ठीक वैसे ही जैसे नाम बदलने के बावजूद लोग आरोग्यश्री को YSR से जोड़कर देखते हैं। राजा ने कहा कि सचिवालय की इमारतें और YSRCP के समय के प्रतिनिधियों के नाम वाली पट्टिकाएं भी दुश्मनी की एक और वजह बन गई हैं। उन्होंने कहा कि GO नंबर 11 की वजह से काम का बोझ बहुत बढ़ गया है; कर्मचारियों को छुट्टियों के दिन भी काम करना पड़ता है और आधी रात तक वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होना पड़ता है। उन्होंने इस दबाव को हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से होने वाली मौतों से जोड़ा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मचारियों के साथ पुलिस के बर्ताव की निंदा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके बाल पकड़कर घसीटा गया और पुलिस की गाड़ियों में भरा गया। '
इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab | चक्रवात 'अर्नब' का अलर्ट! जानें कब टकराएगा तट से और किन राज्यों में मचेगी तबाही, स्कूलों में छुट्टियां व रेड अलर्ट जारी
उन्होंने कहा कि राज्य को अंबेडकर के संविधान के बजाय "रेड बुक संविधान" के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि YS जगन सरकार ने कोविड संकट के बावजूद लगभग 1.15 लाख कर्मचारियों को रेगुलर किया, 2022 PRC के तहत 22,460 रुपये का बेसिक पे तय किया और जॉब चार्ट दिए, जबकि गठबंधन सरकार ने केवल 4,000 से 5,000 कर्मचारियों को ही रेगुलर किया है। उन्होंने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर न करने के लिए मंत्रियों और कलेक्टरों की आलोचना की और पढ़े-लिखे सचिवालय कर्मचारियों के बारे में अपमानजनक बातें कहने वाले मीडिया चैनलों की निंदा की। राजा ने दो नोशनल इंक्रीमेंट, प्रमोशन का साफ़ तरीका, काम का बोझ कम करने और BLO ड्यूटी व पेंशन बांटने की ज़िम्मेदारियों से राहत की मांग की। लंबी ड्यूटी के बाद CI अहमद अली की मौत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि काम के ज़्यादा दबाव की वजह से उस अधिकारी की जान चली गई और विरोध कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर आलोचना करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि सरकार के पक्ष में बोलने वाले इन्फ्लुएंसर पर जनता का पैसा खर्च किया जा रहा है। उन्होंने DSC में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग की और कहा कि कामकाज को लेकर जनता का गुस्सा आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में दिखेगा।
UP MLC Election: BJP ने 6 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, वाराणसी से केदारनाथ सिंह प्रत्याशी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार को अपने छह प्रत्याशियों की सूची जारी की। भाजपा के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय मुख्यालय के प्रभारी और राज्यसभा सदस्य तरुण चुग के हवाले से जारी सूची के मुताबिक वाराणसी खंड स्नातक क्षेत्र से केदारनाथ सिंह, मेरठ स्नातक क्षेत्र से दिनेश गोयल, इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर, वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक क्षेत्र से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
उप्र में 100 सदस्यीय विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 11 सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट पर होने वाले चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा की। यादव ने मिर्जापुर-बनारस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुशील कुमार, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव, मुरादाबाद-बरेली शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से से दानिश अख्तर और मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. नितिन तोमर को उम्मीदवार बनाया।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, आगरा से शशांक यादव, मेरठ से परमिंदर भाटी और लखनऊ खंड से कांति सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया। विधान परिषद की 11 सीट के लिए चुनाव 23 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया था कि पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी, नामांकन की अंतिम तिथि छह अक्टूबर, जांच सात अक्टूबर तक और नाम वापसी नौ अक्टूबर तक होगी।
रिणवा ने कहा कि मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होगा और पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर से पहले पूरी हो जाएगी। इन सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त हो रहा है। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उसमें भाजपा के अवनीश कुमार सिंह, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गोयल, उमेश द्विवेदी, श्रीचंद शर्मा और हरि सिंह ढिल्लों, सपा के लाल बिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा और डॉ. मान सिंह यादव, निर्दलीय आकाश अग्रवाल और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









