एशियाई खेलों में Neeru Dhanda का ऐतिहासिक स्वर्ण, देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, 29 सितंबर की विभिन्न फाइल से मंगलवारको अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :
खेल29 : खेल एशियाड निशानेबाजी संपूर्ण लीड भारत नीरू एशियाई खेलों में महिला ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, टीम को दिलाया रजत नागोया, नीरू ढांडा ने मंगलवार को एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में इतिहास रचते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के दौरान फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड कायम किया।
दि24 : राहुल महिला सुरक्षा महिलाओं की पीड़ा को लेकर सरकार बहरी, सिर्फ दबाव में सुनेगी : राहुल गांधी नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की।
दि22 : कांग्रेस सीडब्ल्यूसी खरगे प्रधानमंत्री ने सीईसी पर दबाव डाला, नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें: खरगे नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘‘सत्तापक्ष को फायदा पहुंचाने’’ का आरोप लगाया और कहा कि उन पर यह सब करने हेतु दबाव डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
दि28 : न्यायालय लीड निर्वाचन आयोग ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने के अनुरोध वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उस जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है और उनके नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग द्वारा कथित तौर पर दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बिना फैसला लेने के तरीके को चुनौती दी गई है।
प्रादे32 : महाराष्ट्र आयोग राज उद्धव मनसे, शिवसेना (उबाठा) मुंबई में चार अक्टूबर को निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालेंगे: राज ठाकरे मुंबई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) चार अक्टूबर को मुंबई में निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक मोर्चा निकालेगी।
अर्थ13 : इस्पात नीति नयी राष्ट्रीय इस्पात नीति पर काम जारी, हितधारकों से मांगी जाएगी राय: इस्पात सचिव पौंड्रिक नयी दिल्ली, इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने मंगलवार को कहा कि सरकार उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने और आयात संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए नयी राष्ट्रीय इस्पात नीति पर काम कर रही है। इस नीति का मसौदा करीब एक सप्ताह में सार्वजनिक किया जाएगा और हितधारकों से इस पर सुझाव मांगे जाएंगे।
खेल6 : खेल कोहली आंकड़े नहीं बल्कि जीत की चाह ने इतने लंबे समय तक मुझे आगे बढ़ाए रखा: कोहली तिरूवनंतपुरम, एकदिवसीय क्रिकेट में हाल ही में 15,000 रन पूरे करने वाले दिग्गज विराट कोहली ने कहा कि इस प्रारूप में उनकी लंबे समय तक कायम सफलता का आधार व्यक्तिगत रिकॉर्ड हासिल करने की बजाय भारत को जीत दिलाने की कोशिश रही है।
प्रादे6 : मप्र मस्जिद समिति सदस्य उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा: समिति सदस्य उज्जैन (मप्र), उज्जैन में मस्जिद समिति के एक सदस्य ने कहा कि मुस्लिम समुदाय 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का सम्मान करता है और ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने का काम मंगलवार को भी जारी रहेगा।
अर्थ12 : अमेरिका ट्रंप लीड एस्सार ट्रंप ने एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के 18 अरब डॉलर के अमेरिकी इस्पात निवेश की घोषणा की वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के लिए 18 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसके तहत पूरी तरह एकीकृत अमेरिकी इस्पात कंपनी तैयार की जाएगी। इसमें आयोवा में इस्पात संयंत्र भी शामिल है जिसे ट्रंप ने ‘‘अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र’’ बताया है।
वि10 : अमेरिका एफबीआई लीड गोल्डी बराड़ एफबीआई की 10 शीर्ष वांछित अपराधियों की सूची में गोल्डी बराड़, 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित वाशिंगटन, अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने सोमवार को कुख्यात अपराधी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को 10 शीर्ष वांछित भगोड़े अपराधियों की सूची में शामिल किया और उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की।
वि15 : संरा जयशंकर चीन कुछ वर्ष पहले की तुलना में आज भारत-चीन संबंध ‘बेहतर’: विदेश मंत्री जयशंकर न्यूयॉर्क, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के संबंध कुछ वर्ष पहले की तुलना में आज ‘‘बेहतर’’ हैं और जैसे-जैसे सीमा संबंधी मुद्दों का समाधान हो रहा है, दोनों देशों के संबंध सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं।
अमेरिकन ड्रीम्स पर बड़ा ग्रहण: भारतीयों के लिए US Visa का इंतजार पहुंचा 346 दिन, टूरिस्ट और कारोबारियों के सामने क्यों गहराया संकट?
अगर आप भी अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, छुट्टियाँ बिताने का इरादा है या फिर किसी जरूरी बिजनेस डील के सिलसिले में अमेरिका की उड़ान भरने वाले हैं, तो यह खबर आपको बड़ा झटका दे सकती है। भारतीय यात्रियों के लिए अमेरिकी वीजा हासिल करना अब किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रह गया है। अमेरिकी सरकार के अपने ही आधिकारिक आंकड़ों ने अब इस बात पर मुहर लगा दी है कि भारतीयों के लिए यूएस वीजा इंटरव्यू का इंतजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सरकार की शीर्ष निगरानी संस्था'गवर्नमेंट एकाउंटेबिलिटी ऑफिस' यानी GAO की एक ताजा ऑडिट रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में नॉन-इमिग्रेंट वीजा यानी खासकर टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के लिए भारतीय आवेदकों को इंटरव्यू की तारीख पाने के लिए औसतन 346 दिन यानी लगभग पूरे एक साल का इंतजार करना पड़ा है।
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जरा सोचिए, कोरोना महामारी से पहले यानी साल 2019 में जहां एक भारतीय को इंटरव्यू के लिए औसतन महज 42 दिन का वक्त लगता था, आज यह वेटिंग पीरियड बढ़कर 8 गुना से भी ज्यादा हो चुका है। 28 सितंबर को जारी इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि भारत में अमेरिकी वीजा की मांग और अमेरिकी दूतावासों व कांसुलेट्स की वीजा प्रोसेस करने की क्षमता के बीच एक बहुत बड़ी खाई पैदा हो चुकी है। वीजा स्लॉट की इस भारी किल्लत ने हजारों पर्यटकों, व्यापारियों और परिजनों से मिलने की आस लगाए बैठे भारतीयों के सपनों पर ब्रेक लगा दिया है। आखिर क्यों गहराया है यह संकट और कब तक सामान्य हो पाएंगे हालात? आइए इस वीडियो में समझते हैं इस रिपोर्ट की पूरी इनसाइड स्टोरी।
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भारत में वीज़ा से जुड़ा सबसे ज़्यादा काम का बोझ देखा गया
वित्त वर्ष 2025 में भारत में लगभग 14.5 लाख नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा आवेदन आए। इन आवेदनों को ऐसे वीज़ा के लिए नियुक्त सिर्फ़ 68 कॉन्सुलर अधिकारियों ने संभाला। इसका मतलब है कि हर कॉन्सुलर अधिकारी पर लगभग 21,401 आवेदन थे, जिससे GAO ऑडिट में सबसे ज़्यादा काम के बोझ वाले देशों में भारत का नाम भी शामिल हो गया। रिपोर्ट में लंबी लाइनों के मुख्य कारणों के तौर पर स्टाफ़ की कमी के दबाव और वीज़ा की मांग में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी को बताया गया है।
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भारत में US वीज़ा के लिए इतना लंबा इंतज़ार क्यों करना पड़ रहा है?
यह समस्या सिर्फ़ भारत तक ही सीमित नहीं है। पूरे US कॉन्सुलर सिस्टम में, विज़िटर-वीज़ा आवेदनों पर फ़ैसले लेने की संख्या FY2019 में 92 लाख से बढ़कर FY2025 में 1.17 करोड़ हो गई, जो महामारी से पहले के स्तर से भी ज़्यादा है। वहीं दूसरी ओर, नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा का काम संभालने वाले कॉन्सुलर अधिकारियों की संख्या FY2024 में 1,342 से घटकर FY2025 में 904 रह गई। यह कमी नई भर्तियां रोकने और स्टाफ़ के नौकरी छोड़ने की वजह से आई। जैसे-जैसे मांग बढ़ी और स्टाफ़ की संख्या कम हुई, पूरे अमेरिका में विज़िटर-वीज़ा इंटरव्यू के लिए औसत इंतज़ार का समय FY2019 में 26 दिनों से बढ़कर FY2025 में 201 दिन हो गया। भारत पर इसका असर ज़्यादा पड़ा क्योंकि उपलब्ध कॉन्सुलर स्टाफ़ की तुलना में यहाँ आवेदन की संख्या बहुत ज़्यादा थी। GAO ने यह भी पाया कि चीन और ब्राज़ील की तुलना में भारत और मेक्सिको में इंटरव्यू के लिए ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ा; आवेदन की मांग के मुकाबले स्टाफ़ की संख्या को इसके लिए एक अहम वजह माना गया।
B1/B2 वीज़ा के लिए अप्लाई करने वालों को सबसे लंबी लाइनों का सामना करना पड़ रहा है। B1/B2 वीज़ा (जो बिज़नेस यात्रा और टूरिज़्म के लिए होते हैं) के लिए अप्लाई करने वाले भारतीयों पर यह दबाव खास तौर पर ज़्यादा है। 17 सितंबर को अपडेट की गई US स्टेट डिपार्टमेंट की अपॉइंटमेंट जानकारी के अनुसार, भारत में अगली उपलब्ध B1/B2 अपॉइंटमेंट के लिए अनुमानित इंतज़ार का समय इस प्रकार था:
हैदराबाद: लगभग 12 महीने
मुंबई: लगभग 11.5 महीने
नई दिल्ली: लगभग 10 महीने
चेन्नई: लगभग 7.5 महीने
कोलकाता: लगभग 6.5 महीने
इन तारीखों को पक्की समय-सीमा नहीं माना जाना चाहिए। स्टेट डिपार्टमेंट समय-समय पर अपॉइंटमेंट के लिए नए स्लॉट जारी करता है, जिसका मतलब है कि आवेदकों को कभी-कभी पहले की तारीख मिल सकती है। जिन आवेदकों ने पहले ही अपॉइंटमेंट ले लिया है, वे भी समय-समय पर सिस्टम चेक कर सकते हैं और अगर कोई पहले का स्लॉट खाली हो जाता है, तो अपना अपॉइंटमेंट उस समय के लिए बदल सकते हैं। स्टूडेंट और वर्क वीज़ा के लिए अप्लाई करने वालों को कम इंतज़ार करना पड़ रहा है। लंबी लाइनों का असर सभी तरह के US वीज़ा पर एक जैसा नहीं होता है। F, M और J वीज़ा (जो स्टूडेंट और एक्सचेंज विज़िटर के लिए होते हैं) के लिए अप्लाई करने वालों को भारतीय कॉन्सुलर पोस्ट पर आम तौर पर कम इंतज़ार करना पड़ता है। हाल के अपॉइंटमेंट डेटा से पता चला है कि इंतज़ार का समय चेन्नई में आधे महीने से भी कम से लेकर मुंबई में लगभग 2.5 महीने तक है। H, L, O, P और Q वीज़ा जैसी नौकरी से जुड़ी कैटेगरी के लिए भी B1/B2 एप्लीकेशन के मुकाबले आम तौर पर कम इंतज़ार करना पड़ता है, हालांकि अलग-अलग जगहों पर अपॉइंटमेंट में देरी अलग-अलग हो सकती है।
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US वीज़ा की फ़ीस भी बढ़ रही है
US जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए लंबा इंतज़ार ही एकमात्र चिंता की बात नहीं है। वीज़ा आवेदकों को ज़्यादा लागत का भी सामना करना पड़ रहा है। B1/B2 विज़िटर वीज़ा के लिए स्टैंडर्ड एप्लीकेशन प्रोसेसिंग फ़ीस $185 है। यही फ़ीस F, M और J वीज़ा सहित कई अन्य नॉन-पिटीशन-बेस्ड कैटेगरी पर भी लागू होती है। H, L, O और P वीज़ा जैसी पिटीशन-बेस्ड कैटेगरी के लिए एप्लीकेशन फ़ीस $205 है। इसके अलावा, US कांग्रेस ने 2025 के इमिग्रेशन कानून के तहत नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा आवेदकों के लिए $250 की नई 'वीज़ा इंटीग्रिटी फ़ीस' का कानून बनाया है। इस कानून में प्रावधान है कि यह फ़ीस अन्य अधिकृत वीज़ा फ़ीस के अलावा ली जाएगी, और FY2026 से इसमें सालाना महंगाई के अनुसार बदलाव किया जाएगा।
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