Coal Gas India Ltd का कोयला से गैस बनाने की परियोजना पर काम शुरू, निविदा आमंत्रित
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में प्रस्तावित कोयला गैसीकरण परिसर का निर्माण कार्य गति पकड़ रहा है। कोल गैस इंडिया लिमिटेड (सीजीआईएल) ने कृत्रिम प्राकृतिक गैस (एसएनजी) उत्पादन की इस 13,052 करोड़ रुपये की वृहद परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।
एक अधिकारी ने रविवार को जानकारी दी कि सीजीआईएल के परामर्शदाता के रूप में कार्यरत प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड ने निर्माण, स्वामित्व और परिचालन (बीओओ) के आधार पर एक वायु पृथक्करण इकाई (एएसयू) की स्थापना हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं।
सूत्रों ने पीटीआई- को बताया कि यह एएसयू इकाई कोयला गैसीकरण परिसर को अनुबंध की पूरी अवधि के दौरान चौबीसों घंटे ऑक्सीजन और नाइट्रोजन की आपूर्ति करेगी। इसके लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।
यह परियोजना एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) कंपनी सीजीआईएल के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें कोल इंडिया की 51 प्रतिशत और भारतीय गैस प्राधिकारी लि. (गेल) की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
यह संयुक्त उपक्रम पश्चिम बर्धमान जिले में सतही कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी के माध्यम से कोयले से कृत्रिम गैस बनाने वाला संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह क्षेत्र ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित संयंत्र को प्रति घंटे 80,000 सामान्य घन मीटर एसएनजी उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मुख्य रूप से ईसीएल द्वारा आपूर्ति किए गए कम राख वाले कोयले का उपयोग किया जाएगा।
यह परियोजना घरेलू कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देकर आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। अधिकारी के अनुसार, संयंत्र को 2029-30 के दौरान चालू करने का लक्ष्य है, जबकि निर्माण कार्य जनवरी 2027 से अगस्त 2028 तक चलने की उम्मीद है। बर्धमान की यह परियोजना 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण हासिल करने के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत, यूरोपीय संघ पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध: Piyush Goyal
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) दोनों पक्षों की कंपनियोंऔर लोगों की समृद्धि के लिए परस्पर लाभकारी और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गोयल ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है। मंत्री ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा है, हम अपने व्यवसायों और लोगों की समृद्धि के लिए एक परस्पर लाभकारी और महत्वाकांक्षी भारत-ईयू एफटीए के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं।
यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले एक साल में हमारे और हमारी टीमों के बीच निरंतर और रचनात्मक जुड़ाव हमें एक फलदायी परिणाम के करीब ले आया है। अन्य अधिकारियों के साथ भारत आए मारोस सेफकोविच ने कहा कि मंत्री गोयल के साथ यह उनकी व्यक्तिगत रूप से 10वीं मुलाकात होगी।
उन्होंने लिखा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हम अपनी एफटीए वार्ता के समापन के करीब हैं। पिछला एक साल बहुत गहन रहा है - संभवतः मेरा सबसे व्यस्त व्यापारिक जुड़ाव - जो इसके महत्व को दर्शाता है।
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