पहली बार परेड में 'भैरव'! भारतीय सेना की एलीट लाइट कमांडो बटालियन ने मचाया धूम
गणतंत्र दिवस पर इस बार भैरव आर्मी की टुकड़ी परेड का हिस्सा होगी. भैरव आर्मी एक लाइट कमांडो बटालियन है. इसे तेज और घातक कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है. इसका मुख्य लक्ष्य चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर त्वरित ऑपरेशन को अंजाम देना है. इसके साथ पारंपरिक इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच खाई को भरना है. भैरव आर्मी का गठन भारतीय सेना के आधुनिकीकरण योजना के तहत आता है. इसका लक्ष्य सेना को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाना है.
9 मार्चिंग दस्ते को शामिल किया गया
परेड में कुल 9 मार्चिंग दस्ते को शामिल किया गया है. दो भैरव बटालियन दस्ते होंगे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना में भैरव बटालियन बनाई गई. ये लाइट कमांडो बटालियन हैं. भैरव बटालियन को तेज और घातक कार्रवाई के लिए बनाया गया है. भैरव बटालियन सामान्य पैदल सेना की तरह नहीं है. इन्हें एयर डिफेंस, तोपखाना और सिग्नल जैसे आर्म्स के साथ शामिल किया गया है.
भैरव आर्मी की क्या हैं विशेषताएं?
लाइट कमांडो बटालियन भैरव आर्मी एक लाइट कमांडो बटालियन है. ये तेजी से और घातक तरीके से कार्रवाई कर सकती है. भैरव आर्मी को बनाने का मकसद तेज और असरदार कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है. इससे दुश्मन को जल्द से जल्द से नष्ट किया जा सकेगा. चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भैरव आर्मी को तैनात किया गया है.
भैरव आर्मी के पास क्या हैं हथियार?
भैरव आर्मी को खास हथियारों से सुसजित किया गया है. इसमें के-9 वज्रा आधुनिक टैंक का नाम शामिल है. यह सटीक निशाने और घातक शक्ति और तेजी के लिए जाना जाता है. आर्मी के पास धनुष जैसी आधुनिक तोप हैं जो अपनी सटीकता और घातक शक्ति के लिए जाना जाती है. वहीं
मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर ग्रैड शामिल है. यह एक आधुनिक रॉकेट लॉन्चर जो अपनी घातक शक्ति और तेजी के लिए जाना जाता है. वहीं MRSAM एक आधुनिक मिसाइल सिस्टम है. यह सटीकता और घातक शक्ति के लिए जाना जाता है. आधुनिक तोप एम-777 गन को भी शामिल किया गया है. यह पलक झपकते दुश्मन के खेमे में तबाही ला सकती है.
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देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौके पर भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है. वहीं सेना अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी. भारतीय सेना खास हथियारों का प्रदर्शन करने वाली है. भारतीय सेना का शक्ति प्रदर्शन पहली बार फेज़्ड बैटल ऐरे फ़ॉर्मेट (phased Battle Array Format) पर दिखाया जाएगा. जवान पहली बार एक्टिव कॉम्बैट यूनिफॉर्म में नजर आएंगे. इसके बाद हाई मोबिलिटी रिकॉनेसेंस व्हीकल को दिखाया जाने वाला है. यह भारत का पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल बताया गया है. स्वदेशी DHRUV एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन किया जाएगा. हथियारों से लैस RUDRA यूनिट का प्रदर्शन होगा.
इस वर्ष समारोह इसलिए खास है क्योंकि इसमें 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष, भारत की अभूतपूर्व विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, जन भागीदारी की झलक और मजबूत सैन्य क्षमता एक साथ दिखने वाली है.
टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन
इसके साथ टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन सलामी मंच से निकलेंगे. इस दौरान ऊपर से अपाचे एएच-64ई और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर होगा. बीएमपी-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल और उसके साथ नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) मार्क-2 शामिल होंगे. इसके बाद स्पेशल फोर्सेज का एक दस्ता भी होगा. इसमें अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रणध्वज रग्ड टेरेन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ध्वंसक लाइट स्ट्राइक व्हीकल दिखाया गया है. इनके बाद रोबोटिक डॉग्स,अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स और चार ऑटोनॉमस अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स भी नजर आने वाले हैं. वहीं चार सिस्टम निग्रहा, भैरव, भूविरक्षा और कृष्णा का प्रदर्शन होगा. इन्हें वाहनों पर लगाया गया होगा.
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