गणतंत्र दिवस पर अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को दी बधाई
वाशिंगटन, 26 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमेरिका ने भारत को बधाई दी और दोनों देशों के बीच गहरे और मजबूत रिश्तों का जिक्र किया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच एक ऐतिहासिक और मजबूत बंधन है, जो समय के साथ और अधिक व्यापक और प्रभावशाली हुआ है।
रुबियो ने अपने संदेश में कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों की ओर से, मैं भारत के लोगों को आपके गणतंत्र दिवस पर दिल से बधाई देता हूं। उन्होंने बताया कि अमेरिका और भारत की साझेदारी न केवल द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती हुई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही क्वाड मंच के तहत भी भारत और अमेरिका की सक्रिय भागीदारी क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत बना रही है।
रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका-भारत संबंध दोनों देशों और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए ठोस और सकारात्मक परिणाम ला रहे हैं। उन्होंने भविष्य की ओर देखते हुए कहा, मैं आने वाले वर्ष में अपने साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हूं।
पिछले दो दशकों में अमेरिका और भारत के रिश्ते रक्षा, व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़े हैं। आज यह साझेदारी इंडो-पैसिफिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जहां दोनों देश अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर स्थिरता, आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
इस बीच, भूटान के पीएम त्शेरिंग तोबगे ने संदेश जारी कर भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। और लिखा, मैं इस खुशी के गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार और लोगों को गर्मजोशी भरी और दिल से शुभकामनाएं देने में भूटान के लोगों के साथ शामिल हूं। यह अवसर देश की समृद्ध यात्रा और उस भावना का सम्मान करता है जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है, साथ ही यह हमारे दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और गहरे संबंधों को भी दर्शाता है। जैसे ही हम इस सार्थक रास्ते पर पीछे मुड़कर देखते हैं, हमें भूटान और भारत के बीच स्थायी दोस्ती की याद आती है, और मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हमारी साझेदारी और साझा आकांक्षाएं और मजबूत होती रहेंगी। भारत में हमारे प्यारे दोस्तों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
रूस के दूतावास ने भी भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं, जिससे भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय सद्भाव और मित्रता का संदेश मजबूत बताया।
रूस के दूतावास ने अलग-अलग भाषाओं में 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। रूस के दूतावास ने कहा, भारत एक ऐसी जगह है जहां पुरानी समझ और भविष्य के सपने साथ-साथ चलते हैं। भारत ने दुनिया को दिखाया है कि विविधता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। भारत का गणतंत्र हर इंसान की गरिमा में विश्वास पर आधारित है। रूसी दूतावास की ओर भारत की विभिन्न भाषाओं में ये शुभकामनाएं दी गई।
ऐसे ही पंजाबी भाषा में कहा, भारतीय लोकतंत्र सिर्फ कानूनों की एक प्रणाली नहीं है, बल्कि सम्मान का एक गहरा दर्शन है। तमिल भाषा में शुभकामनाएं देते हुए कहा, आपके लोग भविष्य बनाते हुए अपनी विरासत को बचाकर रखते हैं।
बांग्लादेश के दूतावास ने भी भारत को 77 वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 26 जनवरी ऑस्ट्रेलिया और भारतीयों द्वारा मनाया जाने वाला एक खास दिन है। गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और ऑस्ट्रेलिया-भारत की मजबूत दोस्ती के एक और साल के लिए भी शुभकामनाएं।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पहली बार परेड में 'भैरव'! भारतीय सेना की एलीट लाइट कमांडो बटालियन ने मचाया धूम
गणतंत्र दिवस पर इस बार भैरव आर्मी की टुकड़ी परेड का हिस्सा होगी. भैरव आर्मी एक लाइट कमांडो बटालियन है. इसे तेज और घातक कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है. इसका मुख्य लक्ष्य चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर त्वरित ऑपरेशन को अंजाम देना है. इसके साथ पारंपरिक इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच खाई को भरना है. भैरव आर्मी का गठन भारतीय सेना के आधुनिकीकरण योजना के तहत आता है. इसका लक्ष्य सेना को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाना है.
9 मार्चिंग दस्ते को शामिल किया गया
परेड में कुल 9 मार्चिंग दस्ते को शामिल किया गया है. दो भैरव बटालियन दस्ते होंगे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना में भैरव बटालियन बनाई गई. ये लाइट कमांडो बटालियन हैं. भैरव बटालियन को तेज और घातक कार्रवाई के लिए बनाया गया है. भैरव बटालियन सामान्य पैदल सेना की तरह नहीं है. इन्हें एयर डिफेंस, तोपखाना और सिग्नल जैसे आर्म्स के साथ शामिल किया गया है.
भैरव आर्मी की क्या हैं विशेषताएं?
लाइट कमांडो बटालियन भैरव आर्मी एक लाइट कमांडो बटालियन है. ये तेजी से और घातक तरीके से कार्रवाई कर सकती है. भैरव आर्मी को बनाने का मकसद तेज और असरदार कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है. इससे दुश्मन को जल्द से जल्द से नष्ट किया जा सकेगा. चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भैरव आर्मी को तैनात किया गया है.
भैरव आर्मी के पास क्या हैं हथियार?
भैरव आर्मी को खास हथियारों से सुसजित किया गया है. इसमें के-9 वज्रा आधुनिक टैंक का नाम शामिल है. यह सटीक निशाने और घातक शक्ति और तेजी के लिए जाना जाता है. आर्मी के पास धनुष जैसी आधुनिक तोप हैं जो अपनी सटीकता और घातक शक्ति के लिए जाना जाती है. वहीं
मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर ग्रैड शामिल है. यह एक आधुनिक रॉकेट लॉन्चर जो अपनी घातक शक्ति और तेजी के लिए जाना जाता है. वहीं MRSAM एक आधुनिक मिसाइल सिस्टम है. यह सटीकता और घातक शक्ति के लिए जाना जाता है. आधुनिक तोप एम-777 गन को भी शामिल किया गया है. यह पलक झपकते दुश्मन के खेमे में तबाही ला सकती है.
ये भी पढ़ें: ब्रह्मोस, S-400, आकाश समेत इन घातक हथियारों का जलवा, पहली बार कर्तव्य पथ पर नए रूप में दिखेगी भारतीय सेना
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

















.jpg)



