Responsive Scrollable Menu

मोहन कैबिनेट बैठक आज, इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी, छात्रों की स्कूल ड्रेस की राशि पर भी फैसला संभव

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 29 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश के विकास, जनहित और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों रखे जाएंगे। इसके अलावा बैठक में छात्रों (कक्षा 1 से 8वीं तक)  को स्कूल ड्रेस के लिए राशि देने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

इसके तहत 58 लाख छात्रों ( 600 रुपये प्रति छात्र) के खातों में DBT के जरिए राशि भेजने की संभावना है। कैबिनेट बैठक में दमोह में नए मार्ग को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। दमोह-कटनी के बीच 105.01 किमी लंबे फोरलेन मार्ग बनाया जाना है। प्रोजेक्ट की अनुमानित निर्माण लागत 1745.67 करोड़ रुपए है।  ये सागर-दमोह-कटनी कॉरिडोर का हिस्सा है। इससे बुंदेलखंड और महाकौशल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इसके अलावा वर्ष 2031 तक विभिन्न योजनाओं को वित्तीय मंजूरी देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अगले महीने यानि अक्टूबर में प्रस्तावित भोपाल दौरे को लेकर भी मंत्रियों के साथ चर्चा हो सकती है। मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। अबतक 46 हजार 454 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसको लेकर भी चर्चा हो सकती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के आज के मुख्य कार्यक्रम

  • सुबह 10:15 बजे: एडीजी इंटेलिजेंस/आयुक्त जनसंपर्क के साथ ब्रीफिंग।
  • 10:35 से 10:45 बजे: मंत्रालय पहुंचेंगे।
  • 10:45 बजे: कैबिनेट ब्रीफिंग।
  • 11:00 बजे: कैबिनेट बैठक।
  • दोपहर 1:00 से 1:30 बजे: मंत्रालय में बैठक।
  • 1:45 से 2:30 बजे: मंत्रालय में मुलाकात।
  • 2:45 से 3:45 बजे: अखिल भारतीय कालिदास समारोह की केंद्रीय समिति की बैठक।
  • शाम 4:00 बजे: मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

Continue reading on the app

बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी की मार्कशीट व्यवस्था पर सवाल, उमंग सिंघार बोले “5 हजार शिकायतों के बाद भी सरकार मौन”

भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में मार्कशीट तैयार करने की व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आउटसोर्स एजेंसी के जरिए तैयार की जा रही मार्कशीट में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ तीन महीने में 5 हजार से ज्यादा शिकायतें सामने आ चुकी हैं और विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 350 कॉलेजों के लगभग 3 लाख छात्र इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार की लापरवाही का खामियाजा प्रदेश के लाखों छात्र भुगत रहे हैं।” उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली एजेंसी पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय की जाएगी।

क्या है मामला 

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम और मार्कशीट तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर छात्रों की शिकायतें सामने आ रही हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा देने के बावजूद कहीं अनुपस्थित दर्ज किया गया, कहीं अंक गलत चढ़े और कुछ मार्कशीट में विषयों से जुड़ी गड़बड़ियां मिलीं। बड़े पैमाने पर मिली इन शिकायतों से मार्कशीट तैयार करने और परीक्षा परिणामों की प्रक्रिया में आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। विश्वविद्यालय की ओर से एजेंसी को नोटिस दिए जाने और गड़बड़ियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही गई है।

उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

इस मामले को लेकर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि BU के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है रहा है फिर भी भाजपा सरकार मौन है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आ रही हैं और नोटिस दिए जाने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाली एजेंसी पर कार्रवाई कब होगी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय की जाएगी।

Continue reading on the app

  Sports

Mohsin Naqvi के खिलाफ ACC Board के 3 सदस्य, Bangladesh को मिल सकती है कमान

एशियाई क्रिकेट परिषद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 के बाद आगे बढ़ने की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही है। मौजूदा हालात में परिषद के कार्यकारी बोर्ड से उनके कार्यकाल को बढ़ाने के लिए जरूरी समर्थन मिलना मुश्किल बताया जा रहा है। नकवी का मौजूदा कार्यकाल 2 अप्रैल 2027 को पूरा होना तय है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई क्रिकेट परिषद के कार्यकारी बोर्ड में शामिल 5 पूर्ण सदस्य देशों में से कम से कम 3 और संभवत: 4 देश नकवी के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इन 5 देशों में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान शामिल हैं। परिषद के अध्यक्ष का पद आम तौर पर पूर्ण सदस्य देशों के बीच हर 2 साल में घूमता है।

इस व्यवस्था के तहत अब बांग्लादेश की बारी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल के परिषद की जिम्मेदारी संभालने में रुचि रखने की बात सामने आई है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए नकवी को सभी प्रमुख सदस्यों का समर्थन हासिल करना जरूरी होगा, जो मौजूदा परिस्थितियों में आसान नहीं माना जा रहा है।

कुछ समय से यह चर्चा भी थी कि नकवी अगले वार्षिक आम बैठक तक पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, परिषद के एक सदस्य ने क्रिकेट से जुड़ी वेबसाइट क्रिकबज को बताया कि अध्यक्ष का कार्यकाल वार्षिक आम बैठक की तारीख से जुड़ा नहीं है। यानी आम बैठक कब होती है, इससे अध्यक्ष का 2 साल का कार्यकाल अपने आप आगे नहीं बढ़ता है।

परिषद के इसी सदस्य के अनुसार, नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा और इसके बाद बांग्लादेश को अध्यक्ष पद संभालने का मौका मिलना तय व्यवस्था के अनुरूप होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नकवी यह तर्क दे सकते हैं कि पिछले साल अगस्त में हुई आम बैठक में परिषद के दूसरे पदों के चुनाव नहीं हुए थे और इस साल अगस्त में चुनाव कराए गए हैं, लेकिन अध्यक्ष का कार्यकाल आम बैठक से अलग है।

गौरतलब है कि एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाए जाने का उदाहरण पहले भी सामने आ चुका है। 2024 में जय शाह को तीसरे साल के लिए अध्यक्ष बनाए रखा गया था। उस समय श्रीलंका की बारी थी, लेकिन उसने सर्वसम्मति से जय शाह को एक और कार्यकाल जारी रखने की सहमति दी थी। यानी ऐसे फैसलों के लिए सदस्य देशों की व्यापक सहमति अहम रहती है।

नकवी के मामले में यही सहमति सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है। परिषद के सदस्य के अनुसार, अध्यक्ष का पद पूर्ण सदस्यों के बीच 2 साल के लिए घूमता है और विशेष स्थिति में कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कार्यकारी बोर्ड का समर्थन जरूरी होती है। मौजूदा परिस्थितियों में नकवी के कार्यकाल को बढ़ाने पर ऐसी सहमति बनने की संभावना कम बताई जा रही है।

बांग्लादेश की बारी और तमीम इकबाल की कथित दिलचस्पी इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना रही है। हालांकि, नकवी के कार्यकाल के दौरान एक और चर्चा का विषय सामने आ सकता है। दिसंबर में बांग्लादेश में एशियाई अंडर-19 महिला चैंपियनशिप आयोजित होनी है, जिसमें भारत 2 बार का मौजूदा चैंपियन है।

बता दें कि इससे पहले भारतीय टीम से जुड़े एक खिताबी समारोह को लेकर नकवी चर्चा में रहे हैं। अगर भारत इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचता है, तो ट्रॉफी कौन सौंपेगा, इस पर भी नजर रह सकती है। हालांकि, यह स्थिति नकवी के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही बनेगी और अप्रैल 2027 के बाद परिषद की अध्यक्षता किसके पास होगी, यह सदस्य देशों की तय व्यवस्था और सहमति पर निर्भर करेगा।

Tue, 29 Sep 2026 21:55:00 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | UP में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर फंसा पेंच! #ytshorts #shorts #bjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T16:41:43+00:00

Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना कितना मुश्किल? | #gyaneshkumar #cec #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T16:45:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers