सोना-चांदी आज भी गिरे: गोल्ड ₹1.46 लाख/10 ग्राम और सिल्वर हुई ₹2.25 लाख/किलो
Gold Silver Rates: MCX पर सोना ₹1,46,035 और चांदी ₹2,25,042 प्रति किलो के आसपास रही। ईरान-अमेरिका तनाव, महंगा तेल और Fed की ब्याज दरों की चिंता से सोने पर दबाव है।
Stock Market Update: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे; कच्चा तेल और FII बिकवाली बनी बड़ी वजह
Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सोमवार के शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 22,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर नजर आई और कई बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
सुबह 9:26 बजे सेंसेक्स 72,371.25 अंक पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान इसमें 400.47 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी 22,658.75 अंक पर था और इसमें 121.50 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,800 के स्तर से भी नीचे चला गया।
HDFC Bank और Reliance Industries ने बढ़ाया दबाव
बाजार की गिरावट में एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों की कमजोरी का भी असर पड़ा। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी का 22,700 के स्तर से नीचे टिकना बाजार में बिकवाली के दबाव को बढ़ा सकता है।
विश्लेषण के मुताबिक, अगर गिरावट आगे भी जारी रहती है तो निफ्टी 22,400 के स्तर की तरफ बढ़ सकता है। यह स्तर तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और पिछले दो वर्षों की प्रमुख निचली ट्रेंडलाइन तथा 200-सप्ताह के EMA से जुड़ा हुआ है।
कच्चे तेल की कीमत 106-107 डॉलर के पास
भारतीय बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव भी बताया जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब 106-107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की चिंता रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी निवेशकों यानी FII की भारतीय शेयर बाजार से लगातार निकासी ने भी घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ाया है।
22,650-22,700 का स्तर अहम
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,650-22,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट जोन के तौर पर महत्वपूर्ण है।
उनके अनुसार, इस क्षेत्र के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में शॉर्ट टर्म करेक्शन और गहरा हो सकता है। ऐसे में आने वाले कारोबार में इस स्तर पर बाजार की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।
ग्लोबल मार्केट में भी मिला-जुला कारोबार
भारतीय बाजार के साथ एशियाई और अन्य वैश्विक बाजारों में भी कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 11:51 बजे S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी नीचे था। वहीं निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जापान का टॉपिक्स 1.5 फीसदी नीचे रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.6 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.1 फीसदी गिरा।
हालांकि, सभी बाजारों में गिरावट नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 फीसदी और Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
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