वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा- अमेरिका के साथ मतभेद सीधी बातचीत के जरिए सुलझाए जाएंगे
काराकास, 26 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा है कि अमेरिका के साथ चल रहे मतभेदों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाएगा।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, रविवार को उत्तर-पूर्वी वेनेजुएला प्यूर्टो ला क्रूज़ रिफाइनरी में तेल कर्मचारियों के साथ एक कार्यक्रम में बोलते हुए रोड्रिग्ज ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवादों पर सीधे बातचीत करेगी। उन्होंने इसे बोलिवेरियन कूटनीति बताया।
रोड्रिग्ज ने कहा, हम डरते नहीं हैं, क्योंकि एक देश के तौर पर हमें जो बात एकजुट करती है, वह इस देश के लिए शांति और स्थिरता की गारंटी देना है।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने कभी यह नहीं सोचा था कि किसी दक्षिण अमेरिकी राजधानी पर किसी विदेशी ताकत द्वारा सैन्य हमला किया जाएगा। उन्होंने 3 जनवरी की उस घटना का ज़िक्र किया, जब अमेरिकी सेना ने काराकास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन अपने कब्ज़े में ले लिया।
डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में एकता की अपील की और कहा कि आंतरिक मतभेदों को आपसी राजनीतिक संवाद से ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि इसमें किसी भी विदेशी हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, वेनेजुएला के राजनेताओं को वाशिंगटन से आदेश मिलना बंद होना चाहिए। वेनेजुएला को अपने मतभेदों और संघर्षों को खुद ही सुलझाना चाहिए।
इससे पहले शनिवार को डेल्सी रोड्रिग्ज ने विपक्ष से बातचीत की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश में शांति के लिए सभी पक्षों को मिलकर समझौते करने चाहिए। यह बयान उन्होंने उस घटना के तीन सप्ताह बाद दिया, जब अमेरिका ने उनके पूर्व प्रमुख मादुरो को सत्ता से हटाया था।
उन्होंने राज्य टेलीविजन पर ला गुएरा के तटीय राज्य से बोलते हुए कहा, जब वेनेजुएला में शांति की बात आती है तो कोई राजनीतिक या पार्टीगत मतभेद नहीं हो सकते।
उन्होंने आगे कहा, हमारे मतभेदों के बावजूद, हमें एक-दूसरे से सम्मान के साथ बात करनी चाहिए। हमारे मतभेदों के बावजूद, हमें एक साथ आना चाहिए और समझौते तक पहुंचना चाहिए।
--आईएएनएस
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India-EU Trade Deal: भारत आयातित कारों पर 70 फीसदी कम कर सकता है टैरिफ, ईयू ट्रेड डील में हो सकता है बड़ा फैसला
India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत भारत में आयातित होने वाली कारों पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कटौती हो सकती है. जिससे देश में कई लग्जरी ब्रांड की कारों की कीमत कम हो जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, यूरोपीय संघ से भारत आने वाली कारों पर लगने वाले आयात शुल्क को 110 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया जा सकता है. इस कटौती से भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में उछाल देखने को मिलेगा.
27 जनवरी को हो सकता है आधिकारिक एलान
बता दें कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच दशकों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लंबित है. जो अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. जिसका आधिकारिक एलान कल यानी मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को हो सकता है. इस डील को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' माना जा रहा है जिसके तहत भारत ने यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर लगने वाले टैरिफ को 110 प्रतिशत से घटाकर 40 फीसदी करने का फैसला लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में इस आयात शुल्क को घटाकर 10 प्रतिशत तक लाने की संभावना है.
इन कारों पर लागू होगा 40 फीसदी टैरिफ
सूत्रों के मुताबिक, भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाली ट्रेड डील में वर्तमान 110 फीसदी टैरिफ को घटाकर 40 फीसदी किया जाएगा. नया टैरिफ उन कारों पर लागू होगा जिनकी कीमत 15,000 यूरो से अधिक है. बताया जा रहा है कि आगे चलकर इस आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से 10 प्रतिशत तक किया जा सकता है. ऐसे होने से यूरोपीय वाहन निर्माताओं के लिए भारतीय बाजार में आसानी से प्रवेश मिलेगा.
बता दें कि टैरिफ कटौती से सबसे ज्यादा फायदा फॉक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कंपनियों को मिलेगा. बताया जा रहा कि मोदी सरकार 15 हजार यूरो यानी करीब 13.5 लाख रुपये से ज्यादा महंगी कारों पर तत्काल टैक्स कटौती के लिए राजी हो गई है. भारत सरकार के इस फैसले से भारतीय कार बाजार में वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसे यूरोपीय वाहन निर्माताओं को लाभ होगा.
इलेक्ट्रिक कारों पर कम नहीं होगा टैरिफ
बताया जा रहा है कि, घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिहाज से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को पहले 5 सालों के लिए इस कटौती से बाहर रखा गया है. बता दें कि वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन भारत में आयात शुल्क दुनिया में सबसे अधिक है.
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