Haryana के Ambala में निर्माणाधीन इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत, FIR दर्ज
हरियाणा के अंबाला शहर के निकट धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से निकाले गए दो और लोगों को रविवार देर रात मृत घोषित कर दिया गया।
यह निर्माणाधीन इमारत रविवार शाम उस समय ढह गई, जब पहली मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन अंबाला शहर के सिविल अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए और इमारत के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। मरने वाले छह लोगों के शव रविवार रात से ही अस्पताल के शवगृह में रखे हुए हैं।
मामले में पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इन धाराओं में धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 289 (मशीनरी के इस्तेमाल में लापरवाही) और धारा 290 (इमारतों वगैरह को गिराने, उनकी मरम्मत या निर्माण में लापरवाही) शामिल हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
हादसे में घायल एक मजदूर ने रविवार को बताया था कि कुछ मजदूर भूतल पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य ऊपर थे। हादसे में 12 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन का अस्पताल में उपचार हो रहा है, जबकि अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज, जो पास के अंबाला छावनी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं, ने सोमवार को सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय मिलेगा। अपने दौरे के दौरान, विज ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से फ़ोन पर बात की और कहा कि पूरी घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी बनाई जानी चाहिए। विज ने डीजीपी से कहा, इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं।
एक उच्च स्तरीय एसआईटी बनाई जानी चाहिए। पीड़ितों के परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके आरोपों के मुताबिक उनके बयान दर्ज नहीं कर रही है। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए विज ने अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों को तीन बार पत्र लिखकर इन पर रोक लगाने को कहा था।
विज ने कहा, भू माफिया की लॉबी इतनी मज़बूत है कि मेरे पत्र लिखने पर भी वे कोई कार्रवाई नहीं करते। ...जो भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा भी सिविल अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए। अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी और पार्टी के अंबाला शहर से विधायक निर्मल सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों के परिजनों तथा हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की।
Kanpur विमान हादसा: AAIB की रिपोर्ट में खुलासा, Garg Aviation ने नहीं किया था निगरानी नियमों का पालन
जांच एजेंसी एएआईबी ने पिछले महीने गर्ग एविएशन के दोहरे-इंजन वाले विमान के हादसे पर जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा है कि संचालक ने उड़ान की निगरानी के नियमों का पालन नहीं किया था। दुर्घटना में प्रशिक्षु पायलट और एक प्रशिक्षक की मौत हो गई थी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने यह भी सुझाव दिया है कि उड्डयन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) द्वारा उड़ान संबंधी आंकड़ों की निगरानी की प्रक्रियाओं के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
गर्ग एविएशन के दो इंजन वाले टेकनम पी2006टी प्रशिक्षण विमान के 27 अगस्त को दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे दुर्घटनाग्रस्त होने से एक प्रशिक्षु पायलट और एक प्रशिक्षक की मौत हो गई थी। एएआईबी ने कहा कि हादसे से पहले विमान से कोई आपात संदेश नहीं भेजा गया था और हादसे के कारण विमान नष्ट हो गया। हादसा विमान के कानपुर के हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 20 मिनट से भी कम समय बाद हुआ।
इस हवाई अड्डे का प्रबंधन और रखरखाव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) करता है। एएआईबी की सात पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्ग एविएशन ने एफटीओ में प्रशिक्षण की निगरानी से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया था। एएआईबी ने कहा, ‘‘उड़ान संबंधी आंकड़ों की निगरानी के बारे में पूछे जाने पर एफटीओ ने बताया कि गार्मिन के आंकड़ों की बेतरतीब तरीके से निगरानी की जा रही थी।
हालांकि, ऐसी निगरानी का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया था और निगरानी कैसे की जानी है या इसमें किन सीमा से अधिक आंकड़ों को माना जाएगा, इसे तय करने वाली कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) नहीं थी।’’ गार्मिन डेटा कार्ड छोटे विमानों में इस्तेमाल होने वाला एक उपकरण है, जो उड़ान से जुड़े आंकड़ों को रिकॉर्ड करता है।
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