भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा 'महिला ग्रैंडमास्टर'
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 46वें चेस ओलंपियाड में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना तीसरा और अंतिम वुमन ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) नॉर्म हासिल किया। इसके साथ बोधना इतिहास में वुमन ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं।
Business Idea: समोसा बेचकर कमाते हैं लाखों, बता दिया बिजनेस का गांव वाला सीक्रेट
Village Samosa Business: सरायपाली के कुटेला चौक में रमेश बेहरा का ठेला आज समोसा किंग के नाम से मशहूर है. धीमी आंच में तले कुरकुरे समोसे और अपनापन भरा स्वाद ही उनकी सफलता का राज़ है. रोज़ 700 से अधिक समोसे बिकते हैं. कम लागत, मेहनत और गुणवत्ता से रमेश का ठेला अब एक स्थानीय ब्रांड बन चुका है.
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