RRB Group D Recruitment 2026: रेलवे में 33 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, जानें कब जारी होगा नोटिफिकेशन
रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ग्रुप डी भर्ती से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ग्रुप डी के करीब 33,000 पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन अक्टूबर 2026 में और विस्तृत नोटिफिकेशन नवंबर 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। हालांकि, पदों की वास्तविक संख्या, आवेदन की तारीख, फीस और अन्य जरूरी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही होगी।
10वीं पास कर सकेंगे आवेदन, ITI की अनिवार्यता नहीं
ग्रुप डी पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता के तौर पर 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। पिछली भर्ती में ग्रुप डी पदों के लिए ITI सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को हटाया गया था। ऐसे में 10वीं पास अभ्यर्थियों के लिए रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का यह एक बड़ा अवसर हो सकता है। हालांकि, उम्मीदवारों को योग्यता से जुड़ी अंतिम शर्तों के लिए आगामी आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए।
RRB Group D Age Limit
उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष तक होने की बात कही जा रही है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना किस तारीख के आधार पर होगी, इसकी जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में दी जाएगी।
RRB Group D Selection Process
ग्रुप डी भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाता है। संभावित चयन प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल हो सकते हैं:
- कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)
- फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET)
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
- मेडिकल एग्जामिनेशन
CBT में सफल उम्मीदवारों को PET के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होगी। सभी निर्धारित चरणों में सफल उम्मीदवारों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।
PET में पुरुष उम्मीदवारों के लिए मानक
फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट में पुरुष उम्मीदवारों को 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में पूरी करनी होगी। इसके अलावा उम्मीदवार को 1000 मीटर की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी।
महिला उम्मीदवारों के लिए PET मानक
महिला उम्मीदवारों को 20 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में पूरी करनी होगी। इसके साथ ही 1000 मीटर की दौड़ 5 मिनट 40 सेकंड में पूरी करनी होगी। PET के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित शारीरिक दक्षता मानकों को पूरा करना होगा।
आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार
RRB Group D Recruitment 2026 को लेकर अभी करीब 33,000 पदों और अक्टूबर-नवंबर में नोटिफिकेशन जारी होने की जानकारी रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसलिए उम्मीदवार आवेदन शुरू होने, पदों की संख्या, फीस, आयु सीमा और परीक्षा की तारीख से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें।
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया, क्षेत्रवार पदों और अन्य नियमों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
मंदिर में हर देवता के सामने अलग से क्यों बजाई जाती है घंटी? जानें कारण
Mandir mein ghanti bajane ka niyam: हिंदू धर्म में जब भी कोई श्रद्धालु किसी बड़े मंदिर परिसर में जाता है, जहां कई देवी-देवताओं की अलग-अलग मूर्तियां स्थापित होती हैं, तो वहां हर देवता के सामने अलग से घंटी बजाने की परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि एक बार घंटी बजाकर सभी देवताओं के दर्शन कर लेना उचित नहीं माना जाता, बल्कि हर देवता के समक्ष अलग से घंटी बजाकर अपनी उपस्थिति और श्रद्धा दर्ज करानी चाहिए।
इस परंपरा से जुड़ी धार्मिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हर देवी-देवता की अपनी अलग ऊर्जा और शक्ति मानी जाती है, इसी वजह से हर मूर्ति के सामने अलग से घंटी बजाकर उस विशेष देवता का आह्वान करना आवश्यक बताया गया है। मान्यता है कि घंटी की ध्वनि से संबंधित देवता का ध्यान भक्त की पूजा और प्रार्थना की ओर आकर्षित होता है, इसी वजह से हर देवता के लिए यह प्रक्रिया अलग से दोहराई जाती है।
कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि किसी एक देवता के सामने बजाई गई घंटी की ध्वनि केवल उन्हीं तक सीमित मानी जाती है, इसी वजह से पूरे मंदिर परिसर में घूमते समय हर गर्भगृह के आगे यह क्रिया दोहराई जाती है।
बड़े मंदिरों में दर्शन का सही क्रम
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, बड़े मंदिर परिसरों में जहां मुख्य देवता के साथ-साथ अन्य सहायक देवी-देवताओं की भी मूर्तियां स्थापित होती हैं, वहां दर्शन का एक निश्चित क्रम अपनाया जाता है। मान्यता है कि सबसे पहले मुख्य देवता के दर्शन कर घंटी बजानी चाहिए, इसके बाद परिसर में मौजूद अन्य देवी-देवताओं के समक्ष भी उसी श्रद्धा के साथ घंटी बजाकर दर्शन करने चाहिए।
एक साथ कई घंटियां बजाने से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कई बड़े मंदिरों में प्रवेश द्वार पर एक साथ कई घंटियां लटकी होती हैं, और भक्त वहां से गुजरते हुए सभी घंटियां बजाते हैं। मान्यता है कि यह प्रक्रिया संपूर्ण मंदिर परिसर और सभी उपस्थित देवी-देवताओं को एक साथ सूचित करने के लिए की जाती है, ताकि भक्त के मंदिर में प्रवेश की जानकारी सभी तक पहुंच सके।
घंटी बजाने के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हर देवता के सामने घंटी बजाते समय जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए, बल्कि शांत और श्रद्धापूर्ण भाव से यह क्रिया करनी चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि घंटी बजाते समय मन में उस विशेष देवता का ध्यान करना चाहिए, ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
आज भी हर बड़े मंदिर में निभाई जाती है यह परंपरा
समय के साथ भले ही मंदिरों की संरचना और भीड़ प्रबंधन में कई बदलाव आए हों, लेकिन हर देवता के सामने अलग से घंटी बजाने की यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। आज भी बड़े मंदिर परिसरों में भक्त इस नियम का पालन करते हुए हर देवी-देवता के समक्ष अलग-अलग घंटी बजाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते नजर आते हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
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