ट्रंप ने कनाडा पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की दी धमकी, तो मार्क कार्नी ने किया पलटवार
वॉशिंगटन, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर उसने चीन के साथ व्यापार समझौता आगे बढ़ाया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैक्स (टैरिफ) लगा देगा। वहीं इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है और देशवासियों से कनाडा में ही बने सामान खरीदने और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने की अपील की है।
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी हाल ही में चीन की राजधानी बीजिंग गए थे। इस दौरे में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए टैक्स को कुछ हद तक कम करने का फैसला किया। बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैक्स घटाने पर सहमति दी।
इस समझौते के बाद ट्रंप और ज्यादा नाराज हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर कनाडा चीन के सामान को अमेरिका भेजने का रास्ता बनता है, तो अमेरिका इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ सौदा किया, तो चीन धीरे-धीरे कनाडा के कारोबार, समाज और जीवनशैली को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा होते ही अमेरिका कनाडा के सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा।
अमेरिका और कनाडा के रिश्ते उस समय से खराब होते जा रहे हैं, जब से ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं। ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी बातें कह चुके हैं और ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं।
इसी बीच ट्रंप की धमकी के जवाब में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बाई कैनेडियन नीति को आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कनाडा को अपने देश में बने सामान खरीदने, स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने पर ध्यान देना चाहिए।
कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि कनाडाई लोगों को अपने पैसे कनाडाई कंपनियों और कामगारों पर खर्च करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार भी अब इसी दिशा में काम कर रही है।
इन हालातों के बीच कनाडा अब अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहता है। कनाडा ने लक्ष्य रखा है कि वह 2030 तक चीन को अपने निर्यात में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगा। प्रधानमंत्री कार्नी ने यह भी कहा है कि आने वाले वर्षों में कनाडा अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाएगा। खबर है कि वे जल्द भारत का दौरा भी कर सकते हैं।
दिसंबर 2025 में शुरू की गई बाई कैनेडियन नीति का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विदेशी दबाव से बचना है।
अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब कनाडा ने ट्रंप की ग्रीनलैंड में मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाने की योजना का विरोध किया।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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क्या मेनोपॉज के बाद इम्युनिटी गिरने से बढ़ता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा? डॉक्टर से जानें जवाब
अक्सर मेनोपॉज को सिर्फ पीरियड्स के रुकने से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन यह समय शरीर के अंदर कई बड़े बदलाव लेकर आता है. इनमें सबसे अहम बदलाव इम्युनिटी से जुड़ा होता है. यही कारण है कि इस दौर में महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है.
उम्र और इम्युनिटी का संबंध
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गायनेकोलॉजिस्ट मधुकर भारद्वाज बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है. विज्ञान में इसे इम्यूनोसेनेसेंस कहा जाता है. इसका मतलब है कि शरीर की रक्षा प्रणाली पहले की तरह तेजी से काम नहीं कर पाती.
हार्मोनल बदलाव और शरीर पर असर
मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है. इसका असर सिर्फ मूड या हड्डियों पर नहीं पड़ता. यह महिलाओं के निजी अंगों की सेहत को भी प्रभावित करता है. एस्ट्रोजन योनि के पीएच बैलेंस को सही बनाए रखने में मदद करता है. जब यह हार्मोन कम होता है, तो पीएच का संतुलन बिगड़ सकता है. इससे अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं. यह स्थिति शरीर की पहली सुरक्षा परत को कमजोर कर सकती है.
इम्युनिटी गिरने से बढ़ता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा?
गायनेकोलॉजिस्ट मधुकर भारद्वाज का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर अचानक नहीं होता. यह आमतौर पर हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी एचपीवी के लंबे समय तक शरीर में रहने से विकसित होता है. अक्सर मजबूत इम्युनिटी इस वायरस को खुद ही खत्म कर देती है. परेशानी तब होती है, जब वायरस सालों तक शरीर में बना रहता है. यही स्थिति आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है.
कब बढ़ जाता है खतरा?
अगर किसी महिला की इम्युनिटी पहले से कमजोर है, तो एचपीवी के टिके रहने की संभावना ज्यादा होती है. यह कमजोरी एचआईवी, अंग प्रत्यारोपण या कुछ दवाओं की वजह से हो सकती है. मेनोपॉज खुद कैंसर की वजह नहीं बनता. लेकिन उम्र और हार्मोनल बदलाव मिलकर शरीर की निगरानी प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं. इससे पुराने संक्रमण दोबारा बढ़ सकते हैं.
पुराने संक्रमण का दोबारा जागना
कई बार एचपीवी का संक्रमण जवानी में होता है. वह सालों तक शांत रहता है. उम्र बढ़ने पर जब इम्युनिटी कमजोर होती है, तो यह फिर से एक्टिव हो सकता है. इसलिए डरने की नहीं, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है.
मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
1. नियमित जांच जारी रखें
पीरियड्स बंद होने का मतलब यह नहीं कि जांच की जरूरत खत्म हो गई. पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट से खतरे को समय रहते पकड़ा जा सकता है. डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए सही समय क्या है.
2. लक्षणों को हल्के में न लें
मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग, लगातार डिस्चार्ज, पेल्विक दर्द या संबंध बनाते समय दर्द जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें. जांच जरूर कराएं.
3. इम्युनिटी मजबूत रखें
डायबिटीज को कंट्रोल में रखें. खून और विटामिन की कमी न होने दें. अच्छी नींद लें. रोज थोड़ा एक्टिव रहें. धूम्रपान से पूरी तरह दूर रहें.
ऐसे करें बचाव
सर्वाइकल कैंसर उन बीमारियों में से है, जिन्हें रोका जा सकता है. समय पर जांच और सही जीवनशैली से जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है. साथ ही बच्चों को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें. इससे भविष्य में बड़ी परेशानी से बचाव संभव है.
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