National Voters Day: आज देशभर में मनाया जा रहा राष्ट्रीय मतदाता दिवस, जानिए इसका महत्व, इतिहास और 2026 की थीम
National Voters Day: लोकतंत्र की असली ताकत मतदान पेटी में होती है. जब कोई नागरिक मतदान केंद्र तक जाकर वोट देता है, तो वह केवल एक बटन नहीं दबाता, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करता है. भारत 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र बना और इसी दिन से संविधान लागू हुआ. संविधान ने नागरिकों को अधिकार दिए, साथ ही कुछ कर्तव्य भी तय किए. इन कर्तव्यों में देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना भी शामिल है. मतदान करना इसी कर्तव्य का अहम हिस्सा है. राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसी नागरिक शक्ति का उत्सव है. यह दिन हमें याद दिलाता है कि मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है. अगर कोई नागरिक वोट नहीं देता, तो वह निर्णय लेने का अपना अधिकार दूसरों को सौंप देता है. लोकतंत्र तभी मजबूत रहता है, जब नागरिक जागरूक और सक्रिय रहते हैं.
आज है राष्ट्रीय मतदाता दिवस
भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस यानी कि नेशनल वोटर्स डे हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है. बता दें कि आज ही के दिन 1950 में भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी. इस ऐतिहासिक दिन की याद में वर्ष 2011 से 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है.
PM Narendra Modi tweets, "Becoming a voter is an occasion of celebration! Today, on National Voters Day, I penned a letter to MY-Bharat volunteers about how we must rejoice when someone around us enrols as a voter." pic.twitter.com/r28KauAqka
— ANI (@ANI) January 25, 2026
मतदाता दिवस 2026 की थीम
भारत निर्वाचन आयोग हर साल मतदाता दिवस की एक विशेष थीम तय करता है. वर्ष 2026 की थीम है- “My India, My Vote” (मेरा भारत, मेरा मतदान). यह थीम युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, जिम्मेदार और जागरूक मतदान, समावेशी लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर जोर देती है.
"My India, My Vote": India celebrates National Voters' Day today; President Murmu to preside over main event
— ANI Digital (@ani_digital) January 25, 2026
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास
मतदान के महत्व को समझाने और लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत की गई. इस दिन नए मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड दिए जाते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. ऐसे में इस अवसर पर आज (25 जनवरी) पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
मतदाता दिवस का महत्व
राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र को मजबूत बनाने का संदेश देता है. हर जागरूक वोट देश की नींव को मजबूत करता है. यह दिन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ता है और यह याद दिलाता है कि मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है.
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सेहत के लिए वरदान 'तिरंगा' भोजन, तन-मन रहते हैं फिट और फाइन
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। 26 जनवरी, यानी गणतंत्र दिवस, लोकतंत्र की भावना को सम्मान देने, संविधान के मूल्यों और नागरिक अधिकारों को आत्मसात करने का अवसर है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज केसरिया, सफेद और हरे- इन तीन रंगों से बना है। ये रंग केवल देशभक्ति की भावना ही नहीं जगाते, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा भी देते हैं।
तिरंगा स्वास्थ्य का भी प्रतीक हो सकता है। आहार में रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करने से शरीर और मन दोनों सुदृढ़ रहते हैं। ये रंग तनाव से दूर रहने, प्रसन्न रहने और अपने लक्ष्यों की ओर निरंतर आगे बढ़ने की सीख देते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं कि पोषण से भरपूर संतुलित भोजन ही स्वस्थ और सशक्त जीवन की बुनियाद है। राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका अहम है और इसके लिए नागरिकों का स्वस्थ रहना सबसे आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि तिरंगा आहार अपनाने से तन और मन दोनों स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं।
तिरंगा भोजन एक सरल, पौष्टिक और संतुलित आहार है। यह हर घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनता है।
केसरी रंग : दलहन (जैसे चना, राजमा, अरहर), सोया चंक्स या अंडा – ये प्रोटीन से भरपूर होते हैं।
सफेद रंग : चावल, रोटी, दही या मिल्क प्रोडक्ट्स – ये ऊर्जा प्रदान करते हैं।
हरा रंग : पालक, मेथी, मूंग की सब्जी, सरसों का साग या अन्य हरी सब्जियां – ये विटामिन और मिनरल्स देते हैं।
यह भोजन बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे दिन में कम से कम 3 बार बच्चों को और 2-3 बार खुद भी खाना चाहिए। इससे पोषण संतुलित रहता है और सेहत मजबूत बनी रहती है।
चमकीले रंग वाले फल विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और स्ट्रोक जैसे जोखिमों को कम करते हैं।
केसरिया (नारंगी) रंग के फल जैसे संतरा, पीच, खुबानी, आम, पपीता और दालें पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। फलों में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटेशियम से भरपूर होते हैं। ये इम्युन सिस्टम को बढ़ावा देते हैं और आंखों की रोशनी सुधारने में मदद करते हैं।
सफेद रंग के फल जैसे नारियल, ड्रैगन फ्रूट, नाशपाती, पीयर, पाइनएबेरी और लीची में पोटेशियम, फाइबर, बीटा-ग्लूकेन्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा अनाज भी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करते हैं, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। साथ ही ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में भी सहायक होते हैं।
हरे रंग के फल या सब्जियां जैसे हरा सेब, अंगूर, नींबू, एवोकाडो और कस्टर्ड एप्पल, हरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, करेला, परवल समेत अन्य पोटेशियम, विटामिन के और एंटीऑक्सीडेंट से युक्त होते हैं। ये दिल की सुरक्षा करते हैं, रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया में मदद करते हैं, आंखों और हड्डियों-दांतों को मजबूत बनाते हैं। हरे फल-सब्जियां ल्यूटिन, आइसोथियोसाइनेट्स और अन्य तत्वों से शरीर को डिटॉक्स करती हैं, ऊर्जा बढ़ाती हैं और इम्युनिटी को मजबूत करती हैं।
तिरंगा फल और अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। फाइबर युक्त फल खाने से कैंसर का जोखिम कम होता है। अगर शुगर या मोटापे की समस्या है, तो कम कैलोरी और कम प्राकृतिक शर्करा वाले फलों का सेवन करें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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