‘महादेव एंड संस’ में प्यार, नफरत और परिवार की परीक्षा:25 साल की कहानी में नए ट्विस्ट, भानु का धोखा और बहुओं की एंट्री
महादेव एंड संस एक भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा है, जो रिश्तों, संघर्ष और संस्कारों की कहानी कहता है। यह शो एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा दिखाता है, जो अनाथ होने से लेकर परिवार के मुखिया बनने तक का सफर तय करता है। महादेव और विद्या का अटूट प्रेम, त्याग और समझ इस कहानी की आत्मा है। 25 साल के संघर्षों के बाद अब कहानी अगली पीढ़ी की ओर बढ़ती है, जहां नए रिश्ते, नई बहुएं और नए तूफान परिवार की परीक्षा लेने वाले हैं। यह शो दर्शकों को भावनाओं से जोड़ने का वादा करता है। आपके और विद्या के किरदार को ऑन-स्क्रीन 25 साल होने जा रहे हैं। इस सफर को आप कैसे देखते हैं और इस बार शो में क्या कुछ नया होने वाला है? शक्ति आनंद- जो रोल मैं महादेव एंड संस में कर रहा हूं, ऐसा किरदार मैंने पहले कभी परफॉर्म नहीं किया था। जब सौरभ सर ने मुझे नरेशन के लिए बुलाया, तो उन्होंने बताया कि यह यूपी बेस्ड शो है, जिसमें हरदोई को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि महादेव एक अनाथ नौकर होता है, जो नाली में पड़ा रहता था और गलियों में पला-बढ़ा। यह सुनकर मैं सोचने लगा कि यह रोल मुझे क्यों ऑफर किया गया, क्योंकि इससे पहले मैं ज्यादातर सीरियल्स में टायकून के रोल करता आया हूं। फिर लुक टेस्ट में कई बदलाव किए गए दाढ़ी बढ़ाई गई, रंग थोड़ा डाउन किया गया। मैं इस बात के लिए बेहद ग्रेटफुल हूं कि मुझ पर इस किरदार के लिए भरोसा किया गया और मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इसे बखूबी निभा सकूं। महादेव और विद्या के 25 साल लंबे सफर में आए उतार–चढ़ाव, भानु के साथ रिश्तों में आए बदलाव और आने वाले एपिसोड्स में बेटों व बहुओं की एंट्री से कहानी में क्या नए मोड़ और चुनौतियाँ देखने को मिलेंगी? स्नेहा वाघ- महादेव और विद्या के जीवन के ये 25 साल मुश्किलों से भरे रहे हैं। उनके रास्ते में बहुत से कंकड़-पत्थर आए। विद्या को एक अनाथ नौकर से प्यार हो जाता है और उसे लगता है कि उसका परिवार इस रिश्ते को स्वीकार कर लेगा, लेकिन सब कुछ इसके उलट हो जाता है। विद्या की बहन भानु, जिससे वह बेहद प्यार करती है, उसी से उसका रिश्ता तोड़ लेती है। प्यार अचानक नफरत में बदल जाता है। इसके बावजूद महादेव और विद्या का प्यार कभी कम नहीं होता। दोनों बिना कुछ कहे एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं। आने वाले एपिसोड्स में उनके बेटों की ज़िंदगी भी दिखाई जाएगी जब घर में बहुएं आएंगी, तो कैसे नए तूफान खड़े होंगे। क्या आपको लगता है कि यह शो टीआरपी की रेस में दूसरे टीवी शोज को मात दे सकता है? शक्ति आनंद- मैं यही उम्मीद करता हूँ कि शो की टीआरपी अच्छी आए। ऐसा नहीं चाहता कि किसी और शो की टीआरपी हमारी वजह से गिरे। सभी शो अच्छा करें। बस जो हम काम कर रहे हैं, वह दर्शकों तक पहुँचे और उन्हें पसंद आए, क्योंकि दर्शक ही हमारे परिवार का हिस्सा होते हैं। मानसी सालवी- मैं टीआरपी के बारे में ज्यादा नहीं सोचती। मेरी बस यही चाहत है कि मेरी परफॉर्मेंस से दर्शकों को खुशी मिले और मेरे शो को फायदा हो। दीपक खाती, आप शो में महादेव के बेटे आशीष का रोल निभा रहे हैं। आपके किरदार में दर्शकों को क्या खास देखने को मिलेगा? दीपक खाती- महादेव एंड संस जैसा कि नाम से ही पता चलता है, पुरुषों की भावनाओं को दर्शाता है और बाप-बेटे के रिश्ते पर फोकस करता है। मेरा किरदार एक आदर्श बेटा है, जो नौकरी करता है और अपने पिता की हर बात मानता है।लेकिन उसकी अपनी कोई दुनिया नहीं है। वह सिर्फ अपने पिता के लिए जीता है, जिसकी वजह से उसकी पर्सनल और लव लाइफ प्रभावित होती है। वह बस अपने पिता का काबिल और होनहार बेटा कहलाना चाहता है। महादेव और विद्या के 25 साल के कठिन सफर में उनके प्यार और रिश्तों की मजबूती के बारे में आप क्या कहेंगी, खासकर भानु के धोखे और परिवार की प्रतिक्रिया के संदर्भ में? स्नेहा वाघ- देखिए, महादेव और विद्या के जीवन में 25 सालों का सफर आसान नहीं रहा। रास्ता चाहे जितना भी कठिन हो, उनका रिश्ता मजबूती से आगे बढ़ता रहा। विद्या को एक अनाथ नौकर से प्यार हुआ और उसे लगा कि परिवार इसे स्वीकार करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।भानु, जिसे सबसे ज्यादा प्यार मिला था, वही नफरत करने लगी और धोखा दे बैठी। महादेव और विद्या का प्यार बेहद डिवोटेड है उन्हें बातें कहने की जरूरत नहीं पड़ती, वे एक-दूसरे के लिए सब कर देते हैं। संस्कार दोनों की जिंदगी की नींव हैं। मानसी, भानु महादेव एंड संस परिवार का अहम हिस्सा है, लेकिन शो में वह काफी परेशान और दुखी नजर आती है। ऐसा क्यों? मानसी सालवी- भानु अपने आप में एक यूनिक किरदार है। वह अपनी बहन विद्या से बहुत प्यार करती थी। लेकिन विद्या का एक नौकर से शादी कर लेना भानु के लिए स्वीकार करना बहुत मुश्किल हो जाता है। उसे लगता है कि विद्या ने उसे छोड़कर अपने प्यार को चुना है, जिससे वह बेहद नाराज और दुखी है। अपने परिवार के टूटने का जिम्मेदार वह विद्या को मानती है।
'लोग एक स्टाइल से बोर हो जाते हैं', सिनेमा में बदलाव पर बोले सुभाष घई- हर तरह की कहानी बताने का मिल रहा मौका
बॉलीवुड के 'शोमैन' सुभाष घई का मानना है कि सिनेमा में बदलाव ही एकमात्र सच है. हाल ही में उन्होंने कहा कि दर्शक समय के साथ एक ही तरह के स्टाइल और कहानियों से बोर होने लगते हैं, इसीलिए हर 20-30 साल में ट्रेंड बदल जाता है. घई के मुताबिक, आज के डिजिटल दौर में क्रिएटर्स के पास ओटीटी और वेब सीरीज जैसे कई प्लेटफॉर्म हैं, जिसकी वजह से छोटी-बड़ी हर तरह की कहानियां पर्दे पर आ पा रही हैं. एक्शन फिल्मों के बढ़ते क्रेज पर उन्होंने साफ कहा कि यह बदलाव का एक हिस्सा है, क्योंकि लोग अब कुछ नया और रोमांचक देखना चाहते हैं.
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