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क्या 4-5 लीटर पानी पीने से किडनी का पत्थर गल जाता है? ऐसा सोचते हैं आप तो जान लीजिए डॉक्टर की बात

Kidney Stones: क्या भर दिन में 4-5 लीटर पानी पीने से किडनी के पत्थर गल जाते हैं. अक्सर ऐसा आप आमलोगों में सुनते होंगे. जब भी अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में किडनी में स्टोन की बात आती है, लोग कहते हैं कि खूब पानी पिओ, कुल्थी की दाल खाओ, जूस पिओ, इन सबसे पत्थर अपने आप गल जाएगा. लेकिन क्या यह बात सच है. इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए हमने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस नई दिल्ली में किडनी डिजीज एंड ट्रांसप्लांट मेडिसीन के डायरेक्टर डॉ. सागर गुप्ता से बात की.

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छिपाने से भी नहीं छिपा सच! ईरान जंग में अधमरे हुए US सैनिक

 ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव में अमेरिका के नुकसान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वजह है पेंटगन के आंकड़ों में अचानक हुआ बड़ा बदलाव। अमेरिकी रक्षा विभाग के सार्वजनिक डाटाबेस में इस हफ्ते 37 और घायल अमेरिकी सैन्य कर्मियों को जोड़ा गया है। इनमें 29 नेवी के नाविक और आठ मरीन शामिल है। इसके साथ ही ईरानी संघर्ष में घायल अमेरिकी सैन्य कर्मियों की दर्ज संख्या बढ़कर अब 861 हो गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन 37 सैनिकों को चोट कब और कैसे लगी?

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वाशिंगटन पोस्ट में पेंटागन के डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम यानी कि डीसीएस के आंकड़ों की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक डाटाबेस में इन 37 लोगों की चोटों की तारीख या घटना विवरण नहीं दिया गया। नेवी के एक अधिकारी ने इतना जरूर बताया कि सभी 29 नाविक ड्यूटी पर वापस लौट चुके हैं। पेंटागन ने इन नए आंकड़ों पर तत्काल कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसी बीच 14 सितंबर को स्टेट ऑफ होरमूस में हुए एक कथित ईरानी मिसाइल हमले की जानकारी भी सामने आई। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान की एक एंटीशिप क्रूज मिसाइल ने एक समुद्री जहाज को निशाना बनाया जिस पर अमेरिकी मरीन मौजूद थे। इस हमले में आठ मरीन घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक जवानों को धुआं अंदर जाने की समस्या हुई और कुछ ही सिर की चोट या ट्रामेटिक ब्रेन इंजरी जैसे लक्षणों की आशंका बताई गई। बाद में सभी ड्यूटी पर लौट आए। इस हमले की जानकारी सार्वजनिक होने में भी काफी समय लगा। यही देरी अब अमेरिकी सैन्य नुकसान की रिपोर्टिंग पर चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। पेंटगन पहले ही कह चुका है कि कैजुअल्टी डाटाबेस में एंट्री तुरंत होना जरूरी नहीं है। खासकर कन्फ्यूजशन और ट्रोमेटिक ब्रेन इंजरी जैसे मामलों में लक्षण देर से सामने आ सकते हैं। इसलिए रिकॉर्ड बाद में अपडेट किया जा सकता है। यानी 37 नई एंट्री का मतलब यह जरूरी नहीं है कि सभी सैनिक हाल की किसी घटना में घायल हुए हो। 

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लेकिन सवाल इसलिए गंभीर है क्योंकि हाल के महीनों में अमेरिकी सैनिकों के घायल और मारे जाने के आंकड़ों को लेकर पेंटागन की सार्वजनिक जानकारी पर पहले भी सवाल उठे हैं। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैन्य मौतों की आधिकारिक गिनती में भी पहले विसंगतियां सामने आई थी। इस हफ्ते डाटाबेस में मौतों की संख्या 19 दर्ज हुई। जबकि इससे पहले कुछ मौतों के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठे थे। तो क्या अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष में हुए अपने नुकसान को छिपा रहा है? फिलहाल उपलब्ध जानकारी से सीधे तौर पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। इतना जरूर साफ है कि पेंटागन के आंकड़ों में देरी से अपडेट और कुछ  मामलों में घटना का विवरण सार्वजनिक ना होने की वजह से सवाल बड़े और खड़े हो रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है पेंटगन ने जिन 37 सैनिकों को अचानक घायल सैनिकों की सूची में जोड़ा, वह आखिर कब और किन परिस्थितियों में घायल हुए?

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  Sports

रोहित शर्मा सिर्फ 1 मैच के बल्लेबाज रह गए? वर्ल्ड कप से साल भर पहले इसलिए उठा सवाल

रोहित शर्मा को लेकर जो बहस छिड़ी है, उसका असर BCCI में चीफ सेलेक्टर की पोजिशन तक पड़ा है. ऐसे में उनका हर एक मैच में प्रदर्शन बारीकी से देखा जा रहा है और फिलहाल स्थिति बहुत अच्छी नहीं लग रही. Mon, 28 Sep 2026 20:36:26 +0530

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