2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले रुतुराज गायकवाड़ पर आया बड़ा अपडेट, स्क्वाड में शामिल होने को लेकर मिला हिंट
2027 ODI World Cup : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुट गया है. भारतीय क्रिकेट टीम 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए अभी से अपनी तैयार पुख्ता करने के लिए कमर कस चुकी है. इसके लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड हर खिलाड़ी पर नजर बनाए हुए हैं. वो खिलाड़ी फिर नेशनल क्रिकेट टीम का हिस्सा हो या फिर घरेलू क्रिकेट में भारत के लिए खेल रहा हो. सब पर भारतीय चयनकर्ता और बीसीसीआई पैनी नजर बनाए हुए हैं. इसी कड़ी में एक खिलाड़ी का नाम सबसे आगे नजर आ रहा है. ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि रुतुराज गयाकवाड़ हैं.
रुतुराज गयाकवाड़ खुद को साबित करने के लिए तैयार
दरअसल, तमाम मीडिया रिपोर्ट्स की बात करें तो, रुतुराज गायकवाड़ को BCCI ने COE को रिपोर्ट करने के लिए कहा है, जहां वो हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले हैं. ये आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले खिलाड़ियों को पूरी तरह से चैक करने और उनकी फिटनेस की पूर्ण जांच करने के लिए बनाया गया एक प्रोग्राम है, जिसमें वो खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं, जो आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के स्क्वाड में हिस्सा पा सकते हैं.
ऐसे में रुतुराज गायकवाड़ भी बेंगलुरु स्थिति सीओई में पहुंच चुके हैं, जहां पर वो इस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे. उनके साथ-साथ इस प्रोग्राम में हार्दिक पांड्या भी हिस्सा ले सकते हैं. जो काफी समय से चोट के चलते टीम इंडिया से बाहर है. अब वो वनडे वर्ल्ड कप 2027 के मद्देनजर वेस्टइंडीज के खिलाफ सितंबर में होने वाली वनडे सीरीज में जगह पाने के लिए फिटनेस हासिल करना चाहेगी. ये सीरीज वर्ल्ड कप के नजरिए से भारत के लिए काफी अहम होने वाली है. BCCI ने COE में कई खिलाड़ियों के लिए हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया है.
????Ruturaj Gaikwad will be reporting to BCCI Centre of Excellence for a high performance training program!!
— Navneet ???? (@MSDian067) August 3, 2026
The comeback arc begins, the WorldCup hunt is ON. ???????? pic.twitter.com/jNssiIufKC
रुतुराज गायकवाड़ टीम इंडिया की प्लानिंग का बन सकते हैं हिस्सा
इसका मकसद 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले बेस्ट और फिट खिलाड़ियों को चुनना है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होकर रुतुराज गायकवाड़ भी वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे. आपको बता दें कि, गायकवाड़ टेक्निकली काफी स्ट्रॉग प्लेयर है. वो वनडे क्रिकेट फॉर्मेट के लिए एक आइडियल बल्लेबाज हैं. वो भारत के लिए पारी की शुरुआत कर सकते हैं, इसके अलावा वो नंबर 3 और मिडिल ऑर्डर में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं.
भारत के लिए इस समय बतौर ओपनर रोहित शर्मा और शुभमन गिल आ रहे हैं. वहीं नंबर 3 विराट कोहली खेल रहे हैं. मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की जगह पक्की है. ऐसे में अगर इन में से किसी भी खिलाड़ी पर खराब फॉर्म या चोटिल होने के चलते बाहर निकलने की तलवार लटकती है, तो उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर गायकवाड़ को मौका मिल सकता है. वो टीम में हर रोल में फिट हो सकते हैं.
बीसीसीआई के हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम को देखते हुए गायकवाड़ की वनडे वर्ल्ड कप 2027 का टिकट मिल सकता है. इससे पहले वो भारत में खेली जाने वाली दलीप ट्रॉफी में खुद को साबित करना चाहेंगे. इसके दम पर वो वर्ल्ड कप में टिकट हासिल कर सकें. वो साउथ अफ्रीका की बाउंस और गति वाली पिचों पर भारत के लिए असरदार साबित हो सकती है. वो सीम और स्विंग को बेहतर तरीके से खेले सकते हैं. उन्होंने भारत के लिए 9 वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की 8 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक के साथ 228 रन बनाए हैं.
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Moving Average से कैसे ट्रेडर्स को स्टॉक का ट्रेंड समझने में करता है मदद?
Stock Market के कामकाज को समझने में मदद के लिए कई तरह के टेक्निकल एनालिसिस टूल आसानी से उपलब्ध हैं. चूंकि स्टॉक की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए ट्रेडर्स के लिए कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखना मुश्किल हो सकता है. वहीं, कई इन्वेस्टर्स 'Moving Average' (MA) का इस्तेमाल करते हैं. मूविंग एवरेज (MA) एक टेक्निकल एनालिसिस टूल है. वहीं, आपको इसके बारे में थोड़ा आसानी से समझाया गया है. यह ऐसी जानकारी है जो स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने वाले हर व्यक्ति को पता होनी चाहिए.
Moving Average क्या है?
मूविंग एवरेज एक टेक्निकल इंडिकेटर है जो किसी खास समय में स्टॉक की औसत कीमत के आधार पर ट्रेंड्स का पता लगाने में मदद करता है. इस टूल में जैसे-जैसे स्टॉक की नई कीमतें जुड़ती जाती हैं, पुरानी कीमतें हटती जाती हैं, जिससे औसत लगातार बदलता रहता है. इसी लगातार अपडेट होने की वजह से इसे "मूविंग एवरेज" कहा जाता है. इसे उन ट्रेडर्स के लिए एक बेहतरीन टूल माना जाता है जो स्टॉक मार्केट में नए हैं.
आइए, एक उदाहरण से मूविंग एवरेज को समझते हैं. मान लीजिए कि पिछले पांच दिनों में किसी स्टॉक की क्लोजिंग कीमतें ₹100, ₹105, ₹110, ₹108 और ₹112 थीं. इन कीमतों को जोड़कर और 5 से भाग देकर (100 + 105 + 110 + 108 + 112) ÷ 5 हमें ₹107 का 5-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज मिलता है. इस तरह उस समय स्टॉक का 5-दिन का मूविंग एवरेज ₹107 होता है. इसी तरह जब अगले दिन नई क्लोजिंग कीमत पता चलती है, तो सबसे पुरानी कीमत हटा दी जाती है और नई कीमत जोड़ दी जाती है वहीं, एक नया औसत निकाला जाता है.
Moving Average कितने प्रकार के होते हैं?
मूविंग एवरेज मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं: सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA)।
Simple Moving Average (SMA) में चुने गए समय के दौरान सभी कीमतों को बराबर महत्व दिया जाता है. इससे मार्केट के ओवरऑल ट्रेंड को समझना आसान हो जाता है. उदाहरण के लिए 10-दिन का SMA निकालने के लिए पिछले 10 दिनों की क्लोजिंग कीमतों को जोड़ा जाता है और कुल योग को 10 से भाग दिया जाता है.
Exponential Moving Average (EMA) में पुरानी कीमतों की तुलना में हाल की कीमतों को ज्यादा महत्व दिया जाता है. कई शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स EMA को पसंद करते हैं क्योंकि यह SMA की तुलना में कीमतों में बदलाव पर तेजी से प्रतिक्रिया देता है. EMA हाल के उतार-चढ़ाव के असर को बहुत तेजी से दिखाता है.
50-Day और 200-Day Moving Average क्या बताते हैं?
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपने शायद 50-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज के बारे में सुना होगा. अगर नहीं तो आइए हम आपको बताते हैं कि ये क्या हैं. 50-दिन का मूविंग एवरेज आमतौर पर किसी स्टॉक के मीडियम-टर्म ट्रेंड को समझने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जबकि 200-दिन का मूविंग एवरेज उसके लॉन्ग-टर्म ट्रेंड को समझने में मदद करता है. आम तौर पर अगर किसी स्टॉक की कीमत लंबे समय तक मूविंग एवरेज से ऊपर बनी रहती है, तो इसे ट्रेंड के लिए एक अच्छा संकेत माना जाता है. इसके उलट अगर कीमत मूविंग एवरेज से नीचे रहती है, तो इसे कमजोरी का संकेत माना जा सकता है.
Moving Average ट्रेडर्स के कैसे आता है काम?
मूविंग एवरेज निवेशकों को ट्रेंड्स की पहचान करने, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल को समझने और खरीदने-बेचने के संकेतों को समझने में मदद कर सकते हैं. इनके कई फायदे हैं जैसे कि ये बाजार में होने वाले छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव को फ़िल्टर करने और टेक्निकल एनालिसिस को आसान बनाने में मदद करते हैं. साथ ही, इन्हें अलग-अलग टाइमफ़्रेम पर इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपने ट्रेडिंग के फैसले केवल मूविंग एवरेज के आधार पर ही लेने चाहिए. यह बस एक टेक्निकल इंडिकेटर है जिसका इस्तेमाल दूसरे इंडिकेटर्स जैसे RSI, MACD, वॉल्यूम, सपोर्ट और रेजिस्टेंस, और प्राइस एक्शन के साथ मिलकर किया जाना चाहिए. इसके अलावा अपनी ट्रेडिंग में स्टॉप-लॉस रणनीतियों और रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता देना बहुत जरूरी है.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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