'भारत के बंटवारे की कीमत आज भी चुकानी पड़ रही', तस्लीमा नसरीन के बयान पर बोले बीजेपी के दिलीप घोष
Taslima Nasrin News: तस्लीमा नसरीन के कोलकाता आगमन और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिए बयान के बाद पश्चिम बंगाल में नई सियासी हलचल शुरू हो गई है. नसरीन द्वारा 1971 के युद्ध में भारत के योगदान को याद करने और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर उम्मीद जताने पर बीजेपी नेता और मंत्री दिलीप घोष ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है.
'मुझे बचाओ...', दिव्या भारती को लेकर अनीस बज्मी ने किया बड़ा खुलासा, बताया मौत से एक दिन पहले क्या बोली थीं एक्ट्रेस
Anees Bazmee on Divya Bharti: बॉलीवुड की दिवंगत एक्ट्रेस दिव्या भारती आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे ब्रिलियंट और पॉपुलर एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं. बेहद कम उम्र में उन्होंने जो सफलता हासिल की वो आज भी मिसाल मानी जाती है. महज 19 साल की उम्र में उनका असमय निधन हो गया था, जिसने पूरे फिल्म जगत को सदमे में डाल दिया था. उनकी मौत के बाद कई फिल्में अधूरी रह गईं जिनमें सबसे चर्चित फिल्म 'लाडला' थी. अब फिल्म के राइटर और निर्देशक अनीस बज्मी ने एक इंटरव्यू में दिव्या भारती के साथ बिताए आखिरी शूटिंग के दिन को याद करते हुए कई भावुक बातें साझा की हैं. उन्होंने बताया कि दिव्या की अचानक मौत ने सिर्फ उनकी जिंदगी ही नहीं, बल्कि फिल्म 'लाडला' की पूरी दिशा भी बदल दी थी.
दिव्या भारती की मौत से सदमे में था फिल्म जगत
दिव्या भारती ने 1990 में तमिल फिल्मों से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद 1992 में उन्होंने सनी देओल के साथ फिल्म 'विश्वात्मा' से बॉलीवुड में कदम रखा. इसी साल उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं और वो रातोंरात इंडस्ट्री की सबसे बिजी एक्ट्रेसेस में शामिल हो गईं. लेकिन 5 अप्रैल 1993 को मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी. इस खबर ने उनके परिवार, फैंस और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया.
लगभग पूरी हो चुकी थी 'लाडला' की शूटिंग
अनीस बज्मी ने बताया कि दिव्या भारती के निधन के समय फिल्म 'लाडला' का लगभग 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा शूट हो चुका था. सिर्फ कुछ महत्वपूर्ण सीन और क्लाइमैक्स की शूटिंग बाकी थी. उन्होंने कहा, "दिव्या ने फिल्म में शानदार काम किया था. हमें भरोसा था कि ये फिल्म उनके करियर की बड़ी हिट साबित होगी. लेकिन क्लाइमैक्स की शूटिंग से पहले ही उनका निधन हो गया. इसके बाद हम सब समझ ही नहीं पाए कि आगे क्या किया जाए."
'दो महीने तक सेट पर किसी ने काम नहीं किया'
अनीस बज्मी ने उस मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि दिव्या की मौत के बाद पूरी यूनिट गहरे सदमे में थी. उन्होंने कहा, "करीब दो महीने तक किसी ने सेट पर काम नहीं किया. हर कोई बेहद दुखी था. हमारे निर्माता नितिन मनमोहन भी काफी परेशान थे, क्योंकि फिल्म लगभग पूरी हो चुकी थी. काफी समय बाद हमने ये स्वीकार किया कि अब पूरी फिल्म को दोबारा शूट करना पड़ेगा."
मौत से एक दिन पहले हुई थी आखिरी शूटिंग
अनीस बज्मी ने बताया कि 4 अप्रैल 1993 को चेन्नई में दिव्या भारती के साथ उनकी आखिरी शूटिंग हुई थी. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही दिन इतनी दुखद खबर मिलने वाली है. उन्होंने कहा, "4 अप्रैल को हम चेन्नई में 'अंगरक्षक' की शूटिंग कर रहे थे. दिव्या के साथ वो हमारी आखिरी मुलाकात थी. अगले दिन सुबह उनके निधन की खबर मिली. हम सब स्तब्ध रह गए थे."
आखिरी सीन का डायलॉग था- 'मुझे बचाओ'
अनीस बज्मी ने दिव्या भारती के आखिरी शूट किए गए सीन को याद करते हुए बताया कि वो पल आज भी उन्हें भावुक कर देता है. उन्होंने कहा, "उस सीन में दिव्या कैमरे से दूर जाती हैं और कुछ नकाबपोश लोग उन्हें पकड़कर ले जाते हैं. उस सीन में उनका आखिरी डायलॉग था - 'मुझे बचाओ.' अगले ही दिन उनके निधन की खबर मिल गई. आज भी जब वो सीन याद आता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं."
'लाडला' के लिए चुनी गईं श्रीदेवी
दिव्या भारती के निधन के बाद फिल्म अधूरी रह गई. ऐसे में मेकर्स ने फैसला किया कि पूरी फिल्म दोबारा बनाई जाएगी और मेन रोल के लिए श्रीदेवी को चुना गया. हालांकि, श्रीदेवी को इस फिल्म के लिए मनाना आसान नहीं था. उन्होंने पहले इसी कहानी पर बनी तमिल फिल्म 'मन्नन' और तेलुगू फिल्म 'घराना मोगुडु' में काम करने से इनकार कर दिया था. अनीस बज्मी ने बताया कि उन्होंने कहानी और किरदार में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए ताकि श्रीदेवी को ये फिल्म पसंद आए.
स्क्रीनप्ले में किए गए बदलाव
अनीस बज्मी ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले ये समझने की कोशिश की कि आखिर श्रीदेवी ने पहले इस कहानी को क्यों ठुकराया था. उन्होंने कहा, "मैंने सोचा कि जरूर कोई वजह होगी. इसलिए मैंने स्क्रीनप्ले और किरदार में कुछ बदलाव किए. जब मैंने उन्हें नई कहानी सुनाई तो उन्होंने कहा कि ये पहले से काफी बेहतर है और तुरंत फिल्म करने के लिए तैयार हो गईं."
श्रीदेवी के फैसले से खुश हो गए थे मेकर्स
अनीस बज्मी के मुताबिक, जब श्रीदेवी फिल्म के लिए राजी हुईं तो निर्देशक राज कंवर और निर्माता नितिन मनमोहन बेहद खुश हो गए. उन्होंने याद करते हुए कहा, "दोनों ने मुझे गले लगा लिया और पूछा कि आखिर तुमने ऐसा क्या किया कि श्रीदेवी मान गईं. मैंने उनसे कहा कि मैंने सिर्फ कहानी को उनके नजरिए से समझते हुए कुछ बदलाव किए हैं."
1994 में रिलीज हुई थी 'लाडला'
दिव्या भारती की मौत के बाद पूरी फिल्म दोबारा शूट की गई और 1994 में 'लाडला' रिलीज हुई. फिल्म में श्रीदेवी, अनिल कपूर और रवीना टंडन मुख्य भूमिकाओं में नजर आए. रिलीज के बाद ये फिल्म साल की सबसे बड़ी सक्सेसफुल फिल्मों में शामिल हुई और श्रीदेवी की दमदार एक्टिंग की भी खूब सराहना हुई.
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