जौहर विवाद पर बोलीं स्वरा भास्कर:मेरे नाम पर लोगों को नौकरी मिल रही; स्वरा के बयान पर शहजाद और सिवेट के बीच हाथापाई
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए अपने विवादित बयान पर खुल कर बात की है। स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में स्वरा ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक आईटी सेल का प्रायोजित एजेंडा बताया है। स्वरा ने कहा कि कुछ लोग उनके नाम पर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। स्वरा अभी रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' में नजर आ रही हैं। शो के हालिया प्रोमो में स्वरा के इसी विवादित बयान को लेकर कंटेस्टेंट शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस हो गई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। 'मेरे नाम पर हेडलाइन बनाकर नौकरी चला रहे लोग' इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा कि यह करीब 10 साल पुराना विवाद है, जिसे बार-बार बिना वजह उछाला जा रहा है। साल 2018 में जब उन्होंने ओपन लेटर लिखा था, तब भी उन्हें काफी गालियां मिली थीं। अब सिर्फ एक सवाल का जवाब देने पर लोग फिर से वही पुरानी बातें पकड़कर बैठ गए हैं। स्वरा ने तंज कसते हुए कहा, "कुछ लोगों को मेरे नाम पर नौकरी मिल रही है। वे दिन भर एक पूरी टीम को सिर्फ मुझे ट्रोल करने की ट्रेनिंग देते हैं। अगर मेरे नाम का इस्तेमाल करके, झूठी खबरें फैलाकर और मुझे परेशान करके आपकी नौकरी चल रही है, तो इस दिवाली आपको मुझे थैंक यू नोट के साथ एक गिफ्ट हैम्पर जरूर भेजना चाहिए।" 'मैंने जौहर को कायरता नहीं कहा, बयानों को गलत दिखाया' अपने बयान पर सफाई देते हुए स्वरा ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, मैंने यह कभी नहीं कहा कि जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर मैं खुद एक रेप सर्वाइवर होती और ऐसा महिमामंडन देखती, तो मुझे खुद पर कायर जैसा महसूस होता। मीडिया और ट्रोल्स ने इसे इस तरह दिखाया जैसे मैंने जोहर को कायरता कह दिया हो। स्वरा ने दावा किया कि राजनीतिक पार्टियों का आईटी सेल एक सोचे-समझे प्लान के तहत उनके बयानों को उछालकर अपना एजेंडा साधता है। 'राइज एंड फॉल' शो में स्वरा के बयान पर हाथापाई रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल सीजन 2' की शुरुआत के साथ ही स्वरा के बयान पर लड़ाई देखने को मिला है। शो के प्रोमो में पूर्व भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस दिखाई गई है। दरअसल सिवेट ने कहा कि वे एक राजपूत हैं, स्वरा ने राजपूत महिलाओं का अपमान किया है इसलिए जब तक स्वरा माफी नहीं मांगतीं, वे उनसे बात नहीं करेंगे। इसके बाद सिवेट स्वरा से बात करते और उनका पक्ष लेते देखे गए। पेंटहाउस टास्क के दौरान जब शहजाद ने सिवेट को अनफिट बताया, तो सिवेट ने उन पर निशाना साधा। इसके जवाब में शहजाद ने सिवेट से कहा कि उन्होंने पहले राजपूत महिलाओं और जोहर सीन पर स्वरा के बयान का विरोध किया था लेकिन अब वे स्वरा का ही पक्ष ले रहे हैं। बहस इतनी बढ़ गई कि सिवेट आक्रामक होकर शहजाद की तरफ झपटे और दोनों के बीच हाथा पाई हो गई। स्वरा ने बीच में आकर सिवेट को रोकने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो में हिंसा करने के आरोप में सिवेट तोमर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। क्या था 'पद्मावत' फिल्म और जोहर सीन से जुड़ा पुराना मामला? यह पूरा मामला साल 2018 में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' से जुड़ा हुआ है। फिल्म में रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) को 800 महिलाओं के साथ अलाउद्दीन खिलजी से खुद को बचाने के लिए जौहर (अग्निकुंड में कूदना) करते दिखाया गया था। इसके बाद स्वरा ने फिल्म के इस सीन के खिलाफ एक ओपन लेटर लिखा था। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर फिर शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, "यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।" उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था।
तीन भारतीयों का इथियोपिया में अपहरण:डंकी रूट से अमेरिका जा रहे थे, ₹1 करोड़ की फिरौती देने के बाद भी 3 दिन से लापता
गैरकानूनी तरीके से अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में किडनैप कर लिया गया है। तीनों गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें दो लड़कियां और एक युवक शामिल है। तीनों 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। इसी बीच इथियोपिया पहुंचते ही तीनों का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के बदले में इनके परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। तीनों के परिवार वालों ने फिरौती की रकम दे दी है, लेकिन इसके बाद भी तीनों से परिवार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। एक युवक के लौटने पर पूरी घटना सामने आई यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इनके साथ गया एक अन्य युवक फिरौती की रकम देकर लौट आया। यह युवक भी अन्य तीनों के साथ ही गुजरात से रवाना हुआ था। इथियोपिया पहुंचते ही चारों को अज्ञात जगह कैद कर लिया गया था। इस युवक के परिवार से भी 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। युवक के परिवार ने फिरौती की रकम चुका दी थी, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे रिहा कर दिया और वह गुजरात लौट गया। गुजरात लौटने के बाद उसने इस पूरी घटना के बारे में बताया। युवक ने बताया कि वे चारों ही गुजरात के महेसाणा शहर के रहने वाले हैं। उसके साथ ऋत्विक शैलेशभाई (23 वर्ष) ममता चिरागभाई चावड़ा (30 वर्ष) और एक अन्य लड़की भी अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। महेसाणा के अल्पेश पटेल नाम के एक एजेंट ने चारों को डंकी रूट से भेजने का इंतजाम किया था। महेसाणा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऋत्विक, ममता और एक अन्य लड़की के परिवार ने भी अपहरणकर्ताओं को फिरौती की 1 करोड़ रुपए रकम चुका दी है। हालांकि, पैसे देने के बाद पिछले तीन दिनों से उनका कोई पता नहीं चल सका है। तीनों के मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। इसलिए परिवार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एजेंट अल्पेश पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अल्पेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह काम वडोदरा के एक अन्य एजेंट को सौंपा था, लेकिन अब वह भी गायब है। दो देशों की यात्रा करने के बाद इथियोपिया पहुंचे थे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर गुजरात लौटे युवक ने पुलिस को बताया कि वे चारों 20 सितंबर को गुजरात से जयपुर पहुंचे थे। यहां से एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट से अबू धाबी पहुंचे थे। उसी दिन वे अबू धाबी से इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे थे। चारों को अदीस अबाबा में स्वाजीलैंड स्ट्रीट के जीएसएफ गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। यहां उनकी बुकिंग 20 से 29 सितंबर तक थी। उन्होंने इथियोपिया का ई-वीजा लिया था, जो 19 सितंबर से 19 अक्टूबर तक यानी एक महीने के लिए वैध था। 22 सितंबर को ही एजेंट्स चारों का अपहरण कर लिया था। चारों को शहर के दूर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया था। परिवार ने भारत सरकार से तीनों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या:लूट के लिए स्टोर में घुसे नकाबपोश ने मारी गोली अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
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