आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि वे मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक एक मार्च का नेतृत्व करेंगे। इस मार्च का मकसद E20 पेट्रोल के रोलआउट का विरोध करने वाली एक ऑनलाइन याचिका सौंपना है, जिस पर 2,00,000 से ज़्यादा लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए अपॉइंटमेंट मांगने के लिए पिछले महीने प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र का कोई जवाब न मिलने पर वे खुद ये याचिकाएं सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि इन याचिकाओं में इस ईंधन से जुड़ी गाड़ियों की समस्याओं के बारे में लोगों की शिकायतें शामिल हैं।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के लिए ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लगातार बढ़ावा देना किसी छिपे हुए एजेंडे की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि मैं कल 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास जाऊंगा ताकि जनता के हस्ताक्षर वाली अर्जियां उन्हें व्यक्तिगत रूप से सौंप सकूं और इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकूं। लोगों को अपनी गाड़ियों को लेकर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी सरकार इसे जारी रखे हुए है; इसका मतलब है कि इसके पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा है।
उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि PM मोदी पर अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के लिए ट्रंप का दबाव है। केजरीवाल ने कहा कि मोदी को लिखे अपने पिछले पत्र में उन्होंने पेट्रोल स्टेशनों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 ईंधन, दोनों के विकल्प उपलब्ध कराने और इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की कीमत कम करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि हमें उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए अब हम खुद PM मोदी को याचिका सौंपेंगे। हमने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के खिलाफ एक याचिका अभियान शुरू किया था। 2 लाख से ज़्यादा लोगों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि पिछले हफ़्ते AAP द्वारा आयोजित "इथेनॉल टाउनहॉल" बहुत सफल रहा और कई लोग वर्चुअल रूप से इस बैठक में शामिल हुए।
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