IIT Bombay के छात्र की मौत का मामला: इंसाफ की मांग को लेकर पिता ने Azad Maidan में शुरू किया धरना
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के 10 दिन बाद उनके पिता ने सोमवार को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में धरना शुरू किया और अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रवींद्र वाकोडे ने कहा कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिल जाता और जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक वह अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में उनके बेटे को जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा।
रवींद्र वाकोडे ने रविवार को कहा था, ‘‘मुझे परवाह नहीं है, भले ही मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मेरे बेटे को संवैधानिक रूप से न्याय मिलना चाहिए। यह छत्रपति शिवाजी, फुले, शाहू और आंबेडकर का राज्य है।
मैं आजाद मैदान में धरना शुरू करूंगा। मैं न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।’’ संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वाकोडे के कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से जुड़े मामले की जांच कर रही है। इससे पहले साहिल के परिवार ने बृहस्पतिवार को आजाद मैदान में भूख हड़ताल की थी और बाद में घोषणा की थी कि रवींद्र वाकोडे और उनकी पत्नी सोनाली सोमवार से इसी स्थान पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। आईआईटी-मुंबई के बोर्ड ने साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है।
पुलिस की प्राथमिकी में जातिगत भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों का उल्लेख है। प्राथमिकी में नामजद संस्थान के शिक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को निष्पक्ष जांच में मदद के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है। आईआईटी मुंबई के छात्रों ने शुक्रवार रात मोमबत्ती लेकर मार्च निकाला और जांच समिति के पुनर्गठन की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समिति के कुछ सदस्यों ने डूला के समर्थन में अपना पक्ष जाहिर किया था। छात्रों के एक वर्ग ने रविवार को भी परिसर में शांतिपूर्ण धरना जारी रखा। ‘‘जस्टिस कॉर्नर’’ नाम के इस प्रदर्शन स्थल पर शनिवार से इस मामले को लेकर चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं।
अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र संगठनों ने भी वाकोडे परिवार को समर्थन दिया है और साहिल की मौत की पारदर्शी जांच तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नीब करौरी बाबा पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' ने Box Office पर कमाए 401 करोड़ रुपये
आध्यात्मिक गुरु नीब करौरी बाबा के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित फिल्म हनुमान अंश ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। यह फिल्म लक्ष्मीनारायण नामक व्यक्ति की कहानी है, जो अपनी मां की मृत्यु के बाद ईश्वर की खोज में आध्यात्मिक यात्रा पर निकलता है।
फिल्म कारोबार पर नजर रखने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर अब तक 401.20 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। महज दो करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म सात अगस्त को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की और पहले दो सप्ताह तक कम कमाई की, लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसकी कमाई में तेजी आई।
फिल्म में शोभिनव सत्य ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसमें विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी, गुलशन पांडे और भगवानदास पटेल भी नजर आए हैं। नीब करौरी बाबा का जन्म वर्ष 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के एक गांव में हुआ था और 1973 में उनका निधन हो गया।
उनका कम उम्र में विवाह हो गया था और बाद में वह एक संत बन गए। उनके अनुयायियों में जूलिया रॉबर्ट्स, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसी प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हैं। इस तरह की खबरें भी हैं कि स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग भी उत्तराखंड के कैंची धाम स्थित उनके आश्रम आ चुके हैं।
फिल्म की शुरुआत 250 सिनेमाघरों में हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मिली सफलता के बाद अब इसे दिखाने वाले सिनेमाघरों की संख्या बढ़कर 2,000 हो गई है।
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