SC ने दिल्ली-NCR में चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप का लिया संज्ञान, महिलाओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR इलाके में चलती बस के अंदर 16 साल की लड़की के साथ कथित गैंग-रेप का मामला खुद संज्ञान में लिया और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून लागू करने वाली एजेंसियों और सरकारी प्रशासन की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकामी को दिखाती हैं. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और कहा कि पार्क, बस और सड़कों जैसी जगहों को "हाई रिस्क ज़ोन" (खतरे वाली जगह) नहीं बनने दिया जा सकता.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने मीडिया की उन खबरों पर ध्यान दिया जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नाबालिगों के साथ यौन हिंसा की हालिया कई घटनाओं का ज़िक्र था. कोर्ट ने जिन मामलों का ज़िक्र किया, उनमें लेडी श्रीराम कॉलेज के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित रेप, स्वरूप नगर में एक नाबालिग के साथ कथित गैंग-रेप और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में एक और नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना शामिल थी.
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PM Awas Yojana: बिहार के इन जिलों में पीएम आवास योजना की सूची जारी, जानें आवेदन की प्रक्रिया
PM Awas Yojana: बिहार के ग्रामीण इलाकों में हर बेघर और जरूरतमंद परिवार को पक्की छत मुहैया कराने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी पहल देखने को मिली है. रविवार को राज्य के नालंदा, अररिया और अरवल जिलों की विभिन्न पंचायतों में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नए सर्वे के आधार पर तैयार की गई लाभार्थियों की सूची को सबके सामने रखना था.
पंचायत सरकार भवनों और सामुदायिक परिसरों में आयोजित इन ग्रामसभाओं में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी. इस दौरान सूची में अपना नाम सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग भी उपस्थित रहे. अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को पूरी पारदर्शिता के साथ नाम पढ़कर सुनाए और योजना से जुड़े नियमों की विस्तार से जानकारी दी.
नालंदा जिले में हुआ गहन सर्वे
नालंदा जिले के बिंद प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बिंद और कथराही पंचायत में आवास योजना को लेकर विशेष बैठक बुलाई गई. बिंद पंचायत के मुखिया उमेश राउत ने बताया कि पंचायत के सभी वार्डों में जरूरतमंद परिवारों का गहन सर्वे कराया गया था. इस प्रक्रिया के तहत कुल 1386 परिवारों का सर्वे पूरा हुआ, जिसमें से जांच के बाद 1276 परिवारों को पात्र पाया गया. इन चयनित लाभार्थियों में सामान्य वर्ग के 971, अनुसूचित जाति के 303 और अनुसूचित जनजाति के 2 परिवार शामिल हैं.
दूसरी ओर, कथराही पंचायत के मुखिया अनिल कुमार की मौजूदगी में हुई सभा में बताया गया कि वहां 956 परिवारों का सर्वे हुआ था, जिसमें 552 योग्य लाभार्थी चुने गए हैं. इस पंचायत में सामान्य वर्ग के 441 और अनुसूचित जाति के 111 लाभुकों का चयन हुआ है. बैठक में मौजूद बीडीओ जफरुद्दीन और अन्य कर्मियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि हर पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार मिलेगा.
अररिया जिले में प्रारूप सूची पर हुआ मंथन
अररिया जिले के जोकीहाट और आसपास के क्षेत्रों में भी सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत ग्रामसभा का आयोजन हुआ. ग्राम पंचायत राज किरकिचिया के पंचायत सरकार भवन में मुखिया रबिन खातून की अध्यक्षता में ग्रामीण जुटे. यहां आवास प्लस के तहत तैयार प्रारूप प्रतीक्षा सूची प्रस्तुत की गई. किरकिचिया में कुल 1596 परिवारों के नाम ड्राफ्ट सूची में जोड़े गए हैं.
इनमें सामान्य, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के 1230, अनुसूचित जाति के 318 और अनुसूचित जनजाति के 48 परिवार शामिल हैं. अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि यह अभी प्रारूप सूची है. इसके बाद हर नाम की जमीनी स्तर पर पात्रता जांची जाएगी ताकि कोई भी अपात्र व्यक्ति गलत तरीके से लाभ न ले सके और सच्चा जरूरतमंद बाहर न रहे. इसके साथ ही पंचायत के समग्र विकास के लिए दस प्राथमिक योजनाओं के चयन पर भी विचार हुआ.
इसके अलावा रानीगंज प्रखंड क्षेत्र की पहुंसरा पंचायत में आयोजित ग्रामसभा में भी भारी उत्साह देखने को मिला. पंचायत की मुखिया सीता देवी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं. मुखिया ने ग्रामीणों को बताया कि इस पंचायत में कुल 1892 लाभुकों का चयन प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत किया गया है.
अरवल जिले में दावा और आपत्ति का मिला मौका
अरवल जिले के कुर्था प्रखंड की पंचायतों में भी रविवार का दिन गहमागहमी भरा रहा. यहां की सचई पंचायत में 1710, मानिकपुर पंचायत में 1345 और बारा पंचायत में 1288 लाभार्थियों की ड्राफ्ट सूची पढ़कर सुनाई गई. सूची में नाम आने पर जहां अनेक परिवारों के चेहरों पर खुशी देखी गई, वहीं कुछ लोग नाम शामिल न होने से निराश भी हुए.
इस स्थिति को स्पष्ट करते हुए बीडीओ संजीव कुमार और आरओ शमशूल कमर ने ग्रामीणों को समझाया कि ड्राफ्ट सूची अंतिम निर्णय नहीं है. यदि किसी योग्य गरीब परिवार का नाम गलती से छूट गया है, या फिर सूची में शामिल किसी नाम पर किसी को संदेह है, तो वह विधिवत लिखित आवेदन देकर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करा सकता है. प्रशासन सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच करेगा और उसके बाद ही अंतिम सूची को स्वीकृति दी जाएगी.
योजना की पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निर्धारित नियमों को पूरा करना अनिवार्य होता है. मुख्य शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए. साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति, आय सीमा और मौजूदा रहन-सहन के आधार पर पात्रता का निर्धारण होता है. योजना से जुड़ने के लिए पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, आय व निवास प्रमाण पत्र और जमीन संबंधी कागजात आवश्यक होते हैं. शहरी क्षेत्र के लोग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सिटिजन असेसमेंट के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार श्रेणी चुनकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. फॉर्म भरते समय आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाता है.
आवेदन के बाद पहचान संख्या रखना है बेहद जरूरी
ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन पूरा होने के बाद मिलने वाली आवेदन पहचान संख्या को संभालकर रखना चाहिए, क्योंकि भविष्य में आवेदन की स्थिति जांचने के लिए यही संख्या काम आती है. जो लोग खुद ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में असहज महसूस करते हैं, वे नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपनी ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य या प्रखंड कार्यालय में जाकर योजना से जुड़ी हर नई जानकारी और सूची में अपना नाम आसानी से देख सकते हैं.
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