राम मंदिर आंदोलन से सामाजिक एकता तक, पीएम मोदी ने अशोक सिंघल को किया याद, बोले- उनका जीवन परमार्थ की मिसाल
पीएम मोदी ने अशोक सिंघल की जयंती पर उनके सामाजिक एकता, राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका और परोपकारी जीवन को याद किया. उनके योगदान पर विस्तार से जानें.
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MP में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर उठे सवाल, जीतू पटवारी बोले “फर्जी वोट से बनी सत्ता चला रही फर्जी सिस्टम”
मध्यप्रदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था में सामने आई कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में फर्जी वोट से चुनी गई सत्ता फर्जी तरीके से फर्जी सरकार का फर्जी सिस्टम चला रही है।
कांग्रेस नेता ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि “फर्जी वोट से चुनी गई, फर्जी सत्ता, फर्जी तरीके से ही, फर्जी सरकार का फर्जी सिस्टम चला रही है।” दरअसल, मध्यप्रदेश की नर्सिंग रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में एक गंभीर खामी उजागर हुई है। ऑनलाइन पोर्टल पर महज दो फर्जी दस्तावेज अपलोड करके किसी भी नाम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और नंबर हासिल किया जा सकता है।
सिस्टम में पाई गई क्या खामी
नए ऑनलाइन सिस्टम में आवेदक को ट्रेनिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट और डिग्री/डिप्लोमा अपलोड कर सीधे आवेदन करने की सुविधा मिल गई है। कॉलेज प्राचार्य या किसी अधिकारी से आवेदन फॉरवर्ड कराने की जरूरत नहीं रह गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिस्टम का परीक्षण करने के दौरान अलग-अलग नामों से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार होने का दावा किया गया।
इसपर की गई पड़ताल के बाद दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुकवीर सिंह के नाम से भी कुछ ही मिनट में सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन नंबर जनरेट हो गए। एक परीक्षण में जानवर की तस्वीर लगाए जाने के बाद भी सर्टिफिकेट बनने की बात सामने आई है। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि इससे यह पता चलता है कि आवेदन के शुरुआती चरण में सिस्टम आवेदक की पहचान और लगाए गए दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच नहीं कर रहा है।
पहले कॉलेज से जांच के बाद जाता था आवेदन
पुरानी व्यवस्था में नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण थी। आवेदक के 10वीं-12वीं के प्रमाण-पत्र, मार्कशीट, नर्सिंग कोर्स के दस्तावेज, ट्रेनिंग कंप्लीशन और डिग्री या डिप्लोमा की जांच के बाद आवेदन काउंसिल को भेजा जाता था। इसके बाद काउंसिल स्तर पर भी दस्तावेजों का सत्यापन होता था और प्रक्रिया पूरी होने पर रजिस्ट्रेशन जारी किया जाता था। अब उस व्यवस्था में बदलाव के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और नंबर पहले जारी होने तथा दस्तावेजों की विस्तृत जांच बाद में होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की व्यवस्था से जोड़ते हुए हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस सिस्टम में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से भी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र तैयार हो सकता है वह सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा फर्जी वोट के सहारे सत्ता में आई सरकार अब उसी तरह फर्जी सिस्टम के जरिए अपना शासन चला रही है।
सच्चाई सिर्फ यही है फर्जी वोट से चुनी गई, फर्जी सत्ता, फर्जी तरीके से ही, फर्जी सरकार का फर्जी सिस्टम चला रही है!@DrMohanYadav51 pic.twitter.com/xA277zwIts
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) September 28, 2026
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