KC Venugopal के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट पर Kerala Police ने दर्ज की FIR
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल को निशाना बनाकर फेसबुक पर कथित तौर पर मानहानिकारक और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अलप्पुझा साइबर पुलिस ने रविवार रात की गई अधिवक्ता जॉनसन अब्राहम की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने 11 मई से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर वेणुगोपाल को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक पोस्ट किए। आरोप है कि इन पोस्ट का उद्देश्य लोगों में उनके प्रति घृणा पैदा करना और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाना था। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और केरल पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन पर वैमनस्य पैदा करने या उसे बढ़ावा देने के इरादे से झूठी जानकारी फैलाने, दंगा होने की आशंका या जानकारी के बावजूद जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण तरीके से गैरकानूनी रूप से उकसाने और उपद्रव करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि ये पोस्ट उस समय किए गए थे, जब विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार को लेकर चर्चा हो रही थी। पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए जिन नामों पर चर्चा हो रही थी, उनमें वेणुगोपाल का नाम भी शामिल था और आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उनकी उम्मीदवारी का विरोध करते हुए कथित तौर पर पोस्ट किए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों और उनके द्वारा किए गए पोस्ट से जुड़ी जानकारी एकत्र कर ली गई है और जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी।
फगवाड़ा में LPU छात्रों के प्रदर्शन के बाद NH 44 पर 15 घंटे बाद यातायात बहाल
पंजाब के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) के छात्रों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। फगवाड़ा स्थित एलपीयू के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित रूप से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’’ को लेकर रविवार को परिसर में तोड़फोड़ की थी और परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था।
जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया और स्थिति शांतिपूर्ण है। एलपीयू के बाहर सोमवार सुबह भी पुलिस बल तैनात रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित किए जाने के बाद कई छात्र परिसर से अपने घर जाते दिखाई दिए।
मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। एलपीयू ने छात्रों को अनुमति दी है कि वे चाहें तो अपने माता-पिता या अभिभावकों से परामर्श के बाद इस अवधि के दौरान घर जा सकते हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में रुकने वाले छात्रों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर सलाह दी गई है कि वे छात्रावासों या अपने निवास स्थान पर ही रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी तरह के प्रदर्शन या हंगामे में शामिल न हों।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पथराव करने और उनके वाहनों पर हमला किए जाने के बाद हिंसा फिर भड़क उठी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम. एफ. फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रविवार देर रात परिसर में दाखिल हुए और वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया। जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस रविवार सुबह आठ बजे से परिसर के बाहर एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की जब शाम को कोशिश कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकीं। उन्होंने बताया कि छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने रविवार को कहा था कि छात्रों की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने परिसर में ऐसी घटना होने के दावे को ‘‘अफवाह’’ बताया है। एलपीयू परिसर में हिंसा की यह घटना पटियाला के चितकारा विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के कथित तौर पर आत्महत्या करने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों द्वारा एक पुलिस वाहन में आग लगाए जाने के एक दिन बाद हुई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दिए। वीडियो में पृष्ठभूमि में ‘‘हम न्याय चाहते हैं’’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं।
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