LPU में 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड, कैंपस छोड़ घर लौटने लगे छात्र; सुरक्षाबलों ने निकाला फ्लैग मार्च
LPU University Protest: पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भड़की हिंसा और हंगामे के बाद अब सन्नाटा पसरने लगा है. सोशल मीडिया पर फैली एक कथित घटना की अफवाह के बाद शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन ने कुछ ही घंटों में भयानक रूप ले लिया था. कैंपस के भीतर व्यापक स्तर पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं देखने को मिलीं. यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बिगड़े माहौल को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अगले 10 दिनों के लिए सभी कक्षाएं निरस्त कर दी हैं और चल रही परीक्षाएं भी आगे बढ़ा दी हैं. इस फैसले के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्र अपना सामान समेटकर घरों की ओर लौटने लगे हैं.
अफवाह से भड़का गुस्सा और कैंपस में आगजनी
यूनिवर्सिटी परिसर में यह पूरा विवाद एक छात्रा से जुड़ी अनहोनी और कथित आत्महत्या की अफवाह फैलने के बाद शुरू हुआ. देखते ही देखते इंटरनेट के जरिए यह बात छात्रों के बीच फैल गई और आधी रात को गर्ल्स हॉस्टल के पास बड़ी तादाद में छात्र जमा हो गए. शुरुआती दौर में शांतिपूर्ण दिखने वाला यह प्रदर्शन कुछ ही देर में बेकाबू हो गया. गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. इस दौरान कैंपस में खड़ी पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई और सुरक्षाबलों पर जमकर पथराव किया गया. इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं.
विशाल कुमार नाम का एक छात्र कहता है, 'कल सुबह तक हालात सामान्य थे; छात्र विरोध कर रहे थे. लेकिन जैसे ही रात हुई, बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और मामला हिंसक हो गया. कैंपस में तोड़-फोड़ हुई, वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक जा रहे थे और हर चीज को तोड़-फोड़ रहे थे. वे छात्र नहीं थे. रात में बहुत ज्यादा हिंसा हुई. फिर हमें यूनिवर्सिटी से 10 दिन की छुट्टी का मैसेज मिला. अब सब घर जा रहे हैं. सुरक्षा एक मुद्दा है. कल रात के नजारे डरावने थे. हम अब घर जा रहे हैं; यही सुरक्षित विकल्प है.'
हाईवे किया जाम और भारी नुकसान का अनुमान
विरोध की आग कैंपस से बाहर निकलकर दिल्ली अमृतसर नेशनल हाईवे तक जा पहुंची. सैकड़ों छात्रों ने सड़क पर बैठकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. स्थिति को संभालने के लिए जब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो भगदड़ मच गई. प्रदर्शनकारियों ने परिसर में रखे पुराने मिग विमान और टैंक पर चढ़कर भी नारेबाजी की. खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस पूरे उपद्रव में करीब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की निजी और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है.
पुलिस का फ्लैग मार्च और शांति की बहाली
हालात को नाजुक होता देख कपूरथला, जालंधर और होशियारपुर से भारी पुलिस बल बुलाया गया. आधी रात को एडीजीपी और डीआईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में कैंपस में फ्लैग मार्च निकाला गया. पुलिस के कड़े रुख और समझाने के बाद छात्र अपने कमरों में लौटे और नेशनल हाईवे पर भी यातायात सुचारू कराया गया.
SP (इन्वेस्टिगेशन) हरिंदर गिल कहते हैं, 'कल रात से हालात शांतिपूर्ण हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं. इसलिए, छात्र कल रात से ही यहां से जा रहे हैं. हालात शांतिपूर्ण हैं. अभी कोई विरोध-प्रदर्शन या ऐसी कोई चीज नहीं हो रही है. हमने कैंपस के सभी गेट पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया है.'
प्रबंधन ने नकारा दावा और SIT गठित
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और आधारहीन हैं. उन्होंने साफ किया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कैंपस की शांति भंग करने के लिए यह गलत सूचना फैलाई थी. दूसरी तरफ छात्रों के असंतोष को शांत करने के लिए पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सच्चाई सामने लाने के लिए एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी जांच में पूरा सहयोग देने और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही है.
चितकारा यूनिवर्सिटी में भी दिखा तनाव
पंजाब के उच्च शिक्षण संस्थानों में यह अशांति केवल फगवाड़ा तक सीमित नहीं रही. चितकारा यूनिवर्सिटी में भी बीते दिनों हुए हंगामे के बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं. वहां भी छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रबंधन ने कई दिनों के लिए नियमित पढ़ाई का काम बंद रखने का आदेश जारी किया है. राज्य भर के निजी शैक्षणिक संस्थानों में उपजे इस असंतोष को देखते हुए पंजाब पुलिस और प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न घटे.
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