5 साल की उम्र में मां से बिछड़ा बेटा, 25 साल तक करता रहा तलाश, आखिरकार हुआ ऐसा मिलन कि छलक पड़े आंसू!
सिर्फ 5 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ा सरू ब्रियरली 25 साल तक अपनी मां को तलाशता रहा। बचपन की यादों और गूगल अर्थ की मदद से आखिरकार वह अपने गांव पहुंचा और मां से भावुक मुलाकात ने दुनिया को भावुक कर दिया.
Sawan 2026 Daan: सावन में करें इन 5 चीजों का दान, शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या से मिलेगी राहत, बरसेगी शनिदेव की कृपा!
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस पूरे महीने में शिव भक्त जलाभिषेक, व्रत, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के अनन्य भक्त शनिदेव भी इस महीने श्रद्धा से किए गए सत्कर्मों से प्रसन्न होते हैं। यही वजह है कि जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा का प्रभाव चल रहा हो, उनके लिए सावन का समय विशेष माना जाता है।
1. सरसों के तेल का दान
सावन के शनिवार को सरसों के तेल का दान शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं, मानसिक तनाव तथा कार्यों में रुकावट धीरे-धीरे कम होने लगती है।
2. काले तिल का दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काले तिल शनि ग्रह से जुड़े माने जाते हैं। सावन में काले तिल का दान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि दोष के प्रभाव में कमी आने की मान्यता है।
3. जरूरतमंदों को वस्त्र दान
गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
4. जूते-चप्पल का दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को जूते या चप्पल दान करना भी शुभ माना जाता है। यह सेवा भाव का प्रतीक है और इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है।
5. अन्न और भोजन का दान
सावन के महीने में गरीबों, जरूरतमंदों या गौशाला में अन्न और भोजन का दान करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सावन में रखें इन बातों का भी ध्यान
- भगवान शिव का नियमित जलाभिषेक करें।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- शनिवार को जरूरतमंदों की सहायता करें।
- क्रोध, झूठ और किसी का अपमान करने से बचें।
- दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करें।
धार्मिक सूचना: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं में इनकी व्याख्या भिन्न हो सकती है।
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