Sawan 2026 Daan: सावन में करें इन 5 चीजों का दान, शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या से मिलेगी राहत, बरसेगी शनिदेव की कृपा!
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस पूरे महीने में शिव भक्त जलाभिषेक, व्रत, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के अनन्य भक्त शनिदेव भी इस महीने श्रद्धा से किए गए सत्कर्मों से प्रसन्न होते हैं। यही वजह है कि जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा का प्रभाव चल रहा हो, उनके लिए सावन का समय विशेष माना जाता है।
1. सरसों के तेल का दान
सावन के शनिवार को सरसों के तेल का दान शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं, मानसिक तनाव तथा कार्यों में रुकावट धीरे-धीरे कम होने लगती है।
2. काले तिल का दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काले तिल शनि ग्रह से जुड़े माने जाते हैं। सावन में काले तिल का दान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि दोष के प्रभाव में कमी आने की मान्यता है।
3. जरूरतमंदों को वस्त्र दान
गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
4. जूते-चप्पल का दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को जूते या चप्पल दान करना भी शुभ माना जाता है। यह सेवा भाव का प्रतीक है और इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है।
5. अन्न और भोजन का दान
सावन के महीने में गरीबों, जरूरतमंदों या गौशाला में अन्न और भोजन का दान करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सावन में रखें इन बातों का भी ध्यान
- भगवान शिव का नियमित जलाभिषेक करें।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- शनिवार को जरूरतमंदों की सहायता करें।
- क्रोध, झूठ और किसी का अपमान करने से बचें।
- दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करें।
धार्मिक सूचना: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं में इनकी व्याख्या भिन्न हो सकती है।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए सज रहा भोपाल: राजधानी का सौंदर्यीकरण जारी, पेंटिंग्स में उकेरी जा रही MP की सांस्कृतिक विरासत
मध्य प्रदेश के भोपाल में 5 अगस्त से ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 की शुरुआत होने जा रही है। चार दिवसीय ये सम्मेलन 8 अगस्त को समाप्त होगा। इसे लेकर भोपाल की सड़कों पर सजावट शुरू हो गई है। वीआईपी रोड से लेकर भोज सेतु पर रंगरोगन करने के साथ मध्य प्रदेश की झलक दिखाने वाली पेंटिंग बनाई जा रही है।
इन पेंटिंग्स के जरिए मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को उकेरा जा रहा है। एयरपोर्ट रोड से लेकर, गांधीनगर, VIP रोड पॉलीटेक्निक चौराहा, मिंटो हॉल तक डिवाइडर पर रंगरोगन और पेंटिंग बनाने का काम जारी है। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान कलाकार समूह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देने वाले हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में इन देशों से आएंगे मेहमान
मध्य प्रदेश में आयोजित हो रहा ये ब्रिक्स सम्मेलन सर्वे भवन्तु सुखिन की भावना पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें इंडोनेशिया, ब्राजील, इथोपिया, यूनाइटेड अरब अमीरात, क्यूबा, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका और बेलारूस के संस्कृति मंत्री और प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं।
???????? ✨ भारत की BRICS अध्यक्षता के अंतर्गत भारत की सांस्कृतिक सभ्यता की अद्भुत यात्रा का अगला पड़ाव भोपाल ✨
5 से 8 अगस्त 2026
ब्रिक्स सांस्कृतिक समिट का आयोजनविश्व धरोहर सांची स्तूप
मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, विश्व की अमूल्य विरासत@BricsIndia2026 @MinOfCultureGoI pic.twitter.com/05kE9n5IPb
— Bhopal Commissioner (@bhopalcomm) July 31, 2026
ये प्रतिनिधि आएंगे
ब्राजील से संस्कृति मंत्रालय एवं राष्ट्रीय ऐतिहासिक कलात्मक विरासत संस्थान के अध्यक्ष डेवेसन अल्वेस गुस्माओ, लुकास गोडॉय विलेला और अंतरराष्ट्रीय मामलों के महासमन्वयक विनीसियस गुर्टलर शामिल होंगे। दक्षिण अफ्रीका से खेल, कला और संस्कृति मंत्री क्लेओन नूह, बहुपक्षीय एवं संसाधन चार्ल्स सिलियर्स, मंत्रालय के विशेष सलाहकार नोन्त्सिकेलेलो पुले, मंत्री के लिए चीफ ऑफ स्टाफ शोना बुहर, दक्षिण अफ्रीका मार्डिसोंटोरी शेख सलेम बिन खालिद अल कासिमी, संस्कृति मंत्री, गेयटन मैकहेंजी, क्यूबा के हेड ऑफ डेलीगेशन जुआन कार्लोस मार्सैन एगुइलेरा शामिल होंगे।
क्यूबा गणराज्य दूतावास के प्रो. मैकी डियाज, इथियोपिया के तकनीकी नीति विश्लेषक इंडोनेशिया फदली जोन, संस्कृति मंत्री एंडाह टी.डी. रेटनोअस्तुति, सांस्कृतिक सहयोग निदेशक संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड के संस्कृति मंत्रालय के स्थायी सचिव खाजोन एवं बेलोरूस गणराज्य के दूतावास के प्रथम सचिव यूहेनी उलासक्की भी शामिल होंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
इस कार्यक्रम के अंतर्गत ब्रिक्स देशों के कलाकार समूह अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देने वाले हैं। इसमें रशिया के 6 कलाकार नेशनल एकेडमिक फोक इंस्ट्रूमेंट आर्केस्ट्रा और रशियन फोक म्यूजिक प्रस्तुत करेंगे। इजिप्ट के 8 सदस्य नेशनल फोक ट्रूप, इंडोनेशिया के 5 कलाकार गायन एवं नृत्य, साउथ अफ्रीका से 3 और ब्राजील के 5 कलाकार अपने कल्चर, मार्शल आर्ट, म्यूजिक और अन्य प्रस्तुति देंगे।
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