20 अक्टूबर से लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड एफटीए, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर से लागू होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाकर 2030 तक दोगुना करना है। इसके तहत भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में सभी टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
खालसा वॉक्स न्यूज वेबसाइट के एक लेख के अनुसार, इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारत के वस्त्र और परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को मिलेगा। आयात शुल्क हटने से भारतीय उत्पाद न्यूजीलैंड में अन्य देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी और किफायती हो जाएंगे, जिससे निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इस समझौते का एक और महत्वपूर्ण पहलू न्यूजीलैंड की ओर से भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता है। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का साझा लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
एफटीए लागू होने के बाद इसके प्रावधान चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे। कुछ उत्पादों पर शुल्क तुरंत समाप्त हो जाएगा, जबकि कुछ श्रेणियों में शुल्क कई वर्षों में धीरे-धीरे कम किया जाएगा। कुछ कृषि उत्पादों के लिए कोटा और सुरक्षा उपाय भी बनाए रखे गए हैं।
भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव न्यूजीलैंड से आने वाले उत्पादों जैसे कीवी फल, सेब और मनुका हनी पर पड़ सकता है। हालांकि, समझौता भारतीय बाजार को पूरी तरह नहीं खोलता। सरकार ने डेयरी क्षेत्र और कई संवेदनशील कृषि उत्पादों को विशेष सुरक्षा प्रदान की है।
समझौते के तहत भारत ने न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 70 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क घटाने या समाप्त करने पर सहमति दी है। कुछ उत्पादों को तत्काल शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिनमें लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्ची खालें शामिल हैं।
कृषि उत्पादों के मामले में भारत ने टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था अपनाई है, जिसके तहत सीमित मात्रा में आयात कम शुल्क पर किया जा सकेगा, जबकि अधिक आयात पर सुरक्षा उपाय लागू रहेंगे। इससे बाजार पहुंच और घरेलू हितों के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
कीवी फल इस व्यवस्था के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल है। समझौते के पहले वर्ष में न्यूजीलैंड से 6,250 टन कीवी फल शुल्क-मुक्त आयात किए जा सकेंगे। यह सीमा छठे वर्ष तक बढ़कर 15,000 टन हो जाएगी। हालांकि, इसके लिए न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी शर्तें लागू रहेंगी।
इसी तरह सेब के लिए भी कोटा तय किया गया है। हालांकि इन पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा, जो वर्तमान 50 प्रतिशत शुल्क का आधा है। यहां भी न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी शर्तें लागू होंगी। इससे भारतीय फल उत्पादकों पर सस्ते आयात का प्रभाव सीमित रखने का प्रयास किया गया है।
समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत ने अपने संवेदनशील डेयरी क्षेत्र को कम शुल्क वाले आयात के लिए नहीं खोला है। सरकार ने करोड़ों छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए डेयरी सहित कई कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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अमित शाह ने किया बारापुला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन, अब मयूर विहार से AIIMS सिर्फ 15 मिनट में
Barapullah Phase 3 Corridor Inauguration: राजधानी दिल्ली और उसके आसपास रहने वाले लाखों लोगों को जिस घड़ी की बहुत दिनों से प्रतीक्षा थी, वह शुभ पल आज आखिरकार सामने आ गया. भारी जाम से घिरी रहने वाली दिल्ली की रफ्तार को तेज करने के लिए नवनिर्मित बारापुला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी तरह संपन्न कर दिया. इस आयोजन में गृहमंत्री का कोई लंबा भाषण तय नहीं किया गया था.
तय कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने समय पर पहुंचकर इस विशाल एलिवेटेड कॉरिडोर का फीता काटा, जनता को समर्पित किया और वहां से सीधे रवाना हो गए. उनके प्रस्थान करते ही यह कार्यक्रम भी पूरा हो गया. इस नए पुल के शुरू होने से राजधानी में आने-जाने वाले अनगिनत मुसाफिरों की जिंदगी काफी आसान होने जा रही है और इसे दिल्ली के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
10 साल की देरी के बाद मिली बड़ी राहत
दिल्ली में लगातार बढ़ रही गाड़ियों की भीड़ को संभालने के मामले में यह नया कॉरिडोर गेमचेंजर बनने वाला है. लगभग 10 साल की लंबी देरी और कई रुकावटों को पार करके तैयार हुआ यह पुल पूर्वी दिल्ली को सीधे दक्षिणी दिल्ली के दिल से जोड़ देता है. लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा यह नया एलिवेटेड ढांचा पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज 1 को सीधे सराय काले खां से जोड़ता है. यमुना नदी के ऊपर खड़ा यह पुल दिल्ली का 10वां बड़ा पुल बन चुका है.
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah inaugurates the Barapullah Phase-3 corridor in Delhi today. This corridor will provide connectivity between East Delhi and South Delhi. pic.twitter.com/HQ20fRNPCX
— ANI (@ANI) September 29, 2026
नदी के बहाव क्षेत्र और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पुल पर 125 मीटर के लंबे पिलर स्पैन खड़े किए गए हैं, ताकि नदी की प्राकृतिक बनावट को कोई नुकसान न पहुंचे. पहले से चालू बारापुला फेज 1 और फेज 2 से सीधा जुड़ने के बाद अब मयूर विहार से लेकर एम्स और आईएनए तक का पूरा 9 किलोमीटर लंबा रास्ता बिना किसी लाल बत्ती के चालू हो चुका है.
मिनटों में पूरा होगा घंटों का कठिन सफर
बारापुला फेज 3 के खुल जाने के बाद सबसे बड़ा चमत्कारी बदलाव यात्रा के समय में देखने को मिलेगा. अब तक पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से निकलकर एम्स या सफदरजंग की तरफ जाने वाले लोगों को सड़कों पर 45 से 60 मिनट तक जूझना पड़ता था. अब वही रास्ता केवल 15 से 20 मिनट के भीतर तय कर लिया जाएगा. इस नए पुल पर गाड़ियां दौड़ने से रिंग रोड, आईटीओ, आश्रम चौक और भैरों मार्ग पर गाड़ियों का भीषण दबाव काफी हद तक घट जाएगा.
सुबह और शाम के समय दफ्तर आने-जाने वालों को जाम से मुक्ति मिलेगी, जिससे गाड़ियों में लगने वाले पेट्रोल और डीजल की भारी बचत होगी. गाड़ियां जब जाम में नहीं फंसेंगी तो शहर की हवा में धुआं कम घुलेगा और प्रदूषण में भी अच्छी गिरावट दर्ज की जाएगी. इस पूरे कॉरिडोर पर साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों के लिए भी अलग से सुरक्षित ट्रैक तैयार किया गया है.
नोएडा और गाजियाबाद वालों को सीधा बाईपास
इस नए एलिवेटेड पुल का सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के यात्रियों को मिलने वाला है. नोएडा के सेक्टर 14, 15, 18 और चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करने वाले लोग जो एम्स, आईएनए या डिफेंस कॉलोनी जाना चाहते हैं, उन्हें अब आश्रम या सराय काले खां की लाल बत्तियों पर खड़े रहकर पसीना बहाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी. नोएडा के लोग मयूर विहार फेज 1 से इस नए रास्ते पर चढ़कर सीधे 15 मिनट में दक्षिणी दिल्ली पहुंच सकेंगे.
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah will inaugurate the Barapullah Phase-3 corridor in Delhi today. This corridor will provide connectivity between East Delhi and South Delhi. pic.twitter.com/7jEjqqWyHs
— ANI (@ANI) September 29, 2026
इसी तरह इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा से आने वाले लोग जो एनएच 9 या दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली में आते हैं, वे भी मयूर विहार से सीधे बारापुला कॉरिडोर का रुख कर सकेंगे. इससे वे रिंग रोड की भयंकर भीड़भाड़ से बचकर सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने साधा पुरानी सरकार पर निशाना
गृहमंत्री के उद्घाटन स्थल पर आने से पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच से लोगों को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने अपने कड़े भाषण में कहा कि दिल्ली में पहले काम कर रही आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली को पूरी तरह बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय दिल्ली के सारे बड़े विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए थे और लोगों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा था. उन्होंने जनता को बताया कि हमारी सरकार बनने के केवल 1.5 साल के भीतर ही रुके हुए सभी बड़े विकास कार्य दोबारा चालू किए गए हैं और तेजी से पूरे किए जा रहे हैं. सरकार का पूरा ध्यान जनता को हर सुख और सुविधा देने पर लगा हुआ है.
विशाल ट्रांसपोर्ट हब से जुड़ा नया गलियारा
सराय काले खां के पास यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर सीधे डीएनडी फ्लाईवे से जाकर मिल जाता है. इसकी वजह से नोएडा से दक्षिणी दिल्ली और वहां से सीधे हवाई अड्डे की तरफ जाना मक्खन जैसा आसान हो जाएगा. दूसरी ओर मयूर विहार फेज 1 के पास यह सीधे दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, जिससे गाजियाबाद और हापुड़ की तरफ से आने वाले वाहनों को बिना रुके सीधी दिशा मिल जाती है. सराय काले खां के छोर पर यह महात्मा गांधी रिंग रोड से मिलता है, जहां से आश्रम, लाजपत नगर और धौला कुआं की तरफ सरपट निकला जा सकता है.
मथुरा रोड से जुड़ने के कारण फरीदाबाद और बदरपुर जाने वाले मुसाफिरों को भी जाम से बचने का एक नया रास्ता मिल चुका है. यह नया रास्ता सराय काले खां बस अड्डे, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और नए रैपिड रेल स्टेशन के बिल्कुल करीब से गुजरता है, जिससे यह पूरा क्षेत्र राजधानी का एक विशाल ट्रांसपोर्ट हब बन गया है.
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