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पश्चिम बंगाल: सरकारी कर्मचारियों-पेंशनर्स के खाते में इस दिन जारी की जाएगी अक्टूबर की सैलरी-पेंशन, आदेश जारी, एरियर पर भी अपडेट

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। दुर्गा पूजा को देखते हुए राज्य की सुवेन्दु सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का अक्टूबर महीने का वेतन, मजदूरी, वजीफा (स्टिपेंड) और पेंशन का भुगतान समय से पहले जारी करने का फैसला किया है।

वित्त विभाग (ऑडिट शाखा) के आदेश के अनुसार, दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए वित्त वर्ष के नियमों के तहत यह फैसला लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अक्टूबर 2026 के लिए सभी प्रकार के वेतन और पेंशन का भुगतान 15 अक्टूबर 2026 को कर दिया जाएगा। ग्रांट-इन-एड वेतन, मजदूरी, पारिश्रमिक, वजीफा और मानदेय सहित सभी प्रकार के वेतन का भुगतान 15 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। राज्य के सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी पेंशन/पारिवारिक पेंशन का वितरण भी 15 अक्टूबर 2026 को ही किया जाएगा।

इसके अलावा आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अक्टूबर महीने का यह भुगतान 4 अगस्त 2026 को जारी मेमो नंबर 2834-F(P2) के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) के साथ दिया जाएगा। बता दें कि 22 जून 2026 को शुभेंदु अधिकारी सरकार ने पश्चिम बंगाल का बजट पेश करते हुए सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया था। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। यह बढ़ोतरी राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्ध-सरकारी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगी।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (IAS) पीके मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में सभी डीडीओ (DDO) और डिपॉजिट अकाउंट्स के प्रशासकों को निर्देश दिया गया है कि वे समय से पहले ही कोषागारों में बिल और सलाह जमा कर दें, ताकि तय तारीख पर सुचारू रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

महंगाई भत्ते के एरियर के भुगतान पर भी अपडेट

पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग (ऑडिट शाखा, नाबान्ना) ने सरकारी कर्मचारियों के 1 अप्रैल 2008 से 31 दिसंबर, 2015 तक की अवधि के बकाया महंगाई भत्ते (Arrear DA) को जारी करने का भी आदेश जारी कर दिया है। सरकार द्वारा 23 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस पूरे बकाए का भुगतान एक ही किस्त में किया जाएगा।

ग्रुप ‘A’, ग्रुप ‘B’ और ग्रुप ‘C’ से संबंधित कर्मचारियों के स्वीकार्य एरियर डीए को उनके संबंधित सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। ग्रुप ‘D’ श्रेणी के कर्मचारियों के एरियर का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में नकद किया जाएगा। जिन कर्मचारियों का GPF का अंतिम भुगतान होना बाकी है या जो अपनी सेवानिवृत्ति की तारीख से 3 महीने पहले की अवधि में प्रवेश कर चुके हैं, उनका एरियर डीए भी सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा।

अधिसूचना के तहत जीपीएफ खाते में जमा किए गए एरियर डीए को 31 मार्च, 2028 तक या सेवानिवृत्ति/इस्तीफे की तारीख (जो भी पहले हो) तक किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि या अंतिम निकासी की गणना के लिए नहीं जोड़ा जाएगा। यह नियम पहले के आदेश (13 मार्च और 23 मार्च 2026) के साथ लागू रहेगा।

इस राशि का भुगतान करने से पहले मौजूदा नियमों के तहत आयकर की कटौती सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, यदि बाद में किसी भी लिपकीय या तकनीकी त्रुटि के कारण किसी कर्मचारी को अतिरिक्त भुगतान पाया जाता है, तो उसकी वसूली की जाएगी। इससे पहले सरकार जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 तक का बकाया DA भी जारी कर चुकी है।

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TMC नाम-सिंबल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से 28 सितंबर तक मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद में चुनाव आयोग से अंतिम निर्णय की समयसीमा बताने को कहा है। ममता बनर्जी गुट की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने आयोग को 28 सितंबर तक यह बताने का निर्देश दिया कि ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह पर दोनों पक्षों के दावों का निपटारा कब तक किया जा सकता है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने की। याचिका में चुनाव आयोग के 17 सितंबर के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है। आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दोनों गुटों के दावे के बीच अंतिम निर्णय होने तक मूल नाम और सिंबल को फ्रीज कर दिया था।

क्या है पूरा विवाद

तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी के नियंत्रण को लेकर ममता बनर्जी गुट और दूसरे गुट के बीच विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे हैं। मामला चुनाव आयोग के समक्ष पहुंचने के बाद आयोग ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था लागू की है।

चुनाव आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह को दोनों पक्षों के लिए रोक दिया। आगामी उपचुनावों को देखते हुए ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।

कपिल सिब्बल ने कहा “पार्टी के अस्तित्व का सवाल”

ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि उनका पक्ष चुनाव रोकने की मांग नहीं कर रहा है। उनकी मांग पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह को बनाए रखने की है। सिब्बल ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के बीच पार्टी का नाम और सिंबल फ्रीज किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने इसे पार्टी के अस्तित्व से जुड़ा सवाल बताते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि यदि ऐसे आदेशों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में चुनाव के दौरान भी इसी तरह की स्थिति पैदा हो सकती है। इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि मामले का समाधान यही है कि चुनाव आयोग इस विवाद पर जल्द फैसला करे।

ममता गुट ने निगम चुनाव का भी दिया हवाला

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी गुट की ओर से यह भी कहा गया कि नवंबर में होने वाले निगम चुनावों को देखते हुए नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। फिलहाल आयोग की अंतरिम व्यवस्था आगामी उपचुनावों के संदर्भ में लागू है। सुप्रीम कोर्ट का अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि आयोग सोमवार को अंतिम निर्णय के लिए कितनी समयसीमा बताता है।

अदालत ने कहा “सभी पक्षों को मिले पर्याप्त मौका”

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि जल्द फैसला लेने के साथ सभी पक्षों को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दामा शेषाद्रि नायडू से आयोग से निर्देश लेकर यह बताने को कहा कि अंतिम निर्णय के लिए कितना समय व्यावहारिक रूप से जरूरी होगा। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों को अपने दस्तावेज और साक्ष्य रखने का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही आयोग को मामले पर स्वतंत्र रूप से विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

दूसरे गुट ने जल्दबाजी पर जताई आपत्ति

दूसरे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने कहा कि मामला विस्तृत सुनवाई की मांग करता है। दोनों पक्षों को दस्तावेज और साक्ष्य दाखिल करने हैं, इसलिए जल्दबाजी में कोई निश्चित समयसीमा तय करना उचित नहीं होगा।

आयोग सोमवार को देगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से 28 सितंबर तक विवाद के अंतिम निपटारे की संभावित समयसीमा बताने को कहा है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई होगी। फिलहाल आयोग की ओर से मूल नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और दोनों गुटों के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू है।

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  Sports

विराट कोहली का वर्ल्ड रिकॉर्ड...55वां वनडे शतक जड़कर बनाए 8 कीर्तिमान, फिर भी नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड

Virat Kohli made 8 records: विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में नाबाद 139 रन बनाए. उन्होंने इस दौरान 8 रिकॉर्ड कायम किए. कोहली की धमाकेदार शतकीय पारी के दम पर भारत ने 50 गेंद बाकी रहते पहले मुकाबले को अपने नाम कर लिया. हालांकि बावजूद इसके उन्हें प्लेयर ऑफ द अवॉर्ड नहीं मिला. कोहली जिस लय में नजर आए, उसने पुराने दिनों की याद ताजा कर दी. उन्होंने न सिर्फ भारतीय टीम को एक आसान जीत दिलाई, बल्कि रिकॉर्ड्स की एक ऐसी झड़ी लगा दी, जिसने क्रिकेट इतिहास के पन्नों को एक बार फिर नए सिरे से लिखने पर मजबूर कर दिया. कुलदीप यादव को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया जिन्होंने विंडीज के 4 बड़े विकेट चटकाए. Mon, 28 Sep 2026 05:01:04 +0530

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