Noida Engineer Death: नोएडा हादसे के बाद सवालों के घेरे में प्राधिकरण, दफ्तर पर ताला और बढ़ाई गई सुरक्षा
Noida Engineer Death: नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद पूरे शहर में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच नोएडा प्राधिकरण का एक कदम लोगों की नाराजगी और बढ़ा रहा है. जहां एक तरफ इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष जांच टीम) सक्रिय है, वहीं दूसरी तरफ प्राधिकरण ने सेक्टर-6 स्थित अपने मुख्य कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी है. कार्यालय के गेट पर ताला लगवा दिया गया है और बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है.
ये है पूरा मामला
दरअसल, 16 जनवरी की रात युवराज मेहता ऑफिस से घर लौट रहे थे. इसी दौरान सेक्टर-150 में एक बिल्डर साइट पर सड़क के पास बने पानी से भरे गड्ढे में उनकी कार गिर गई. हादसा इतना गंभीर था कि युवराज की मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया. न तो वहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे, न बैरिकेडिंग थी और न ही सड़क पर कोई मार्किंग की गई थी. घने कोहरे के कारण उस रात खतरा और बढ़ गया.
अधिकारों ने एसआईटी जांच का दिया हवाला
हादसे के बाद जब मीडिया और आम लोग जवाब मांगने पहुंचे, तो उन्हें प्राधिकरण कार्यालय में अंदर जाने से रोक दिया गया. अधिकारियों से मिलने या फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने साफ जवाब नहीं दिया. पहले जहां मीडिया से मिलने का तय समय दोपहर 12:30 से 2 बजे तक होता था, अब उस व्यवस्था को भी व्यवहार में लागू नहीं किया जा रहा है. कई जूनियर अधिकारियों ने कहा कि एसआईटी जांच चल रही है, इसलिए सुरक्षा बढ़ाई गई है.
प्राधिकरण ने SIT के सामने रखी 60 पन्नों की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद गठित तीन सदस्यीय एसआईटी अब तक कई बार प्राधिकरण अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. गुरुवार शाम एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सेक्टर-6 स्थित दफ्तर में अधिकारियों से जवाब लिए. प्राधिकरण ने करीब 60 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर एसआईटी के सामने रखी है, जबकि जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी है.
ये हैं वो सवाल
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि हादसे के बाद करीब दो घंटे तक रेस्क्यू क्यों नहीं हो पाया. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जलभराव वाले इलाके को पहले से चिन्हित किया गया था या नहीं, और अगर किया गया था तो समय रहते सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए.
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पाकिस्तान: रावलपिंडी की 160 से अधिक ऊंची इमारतों में सिर्फ एक ही अग्नि सुरक्षा मानकों पर खरी
इस्लामाबाद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी जिले में 160 से अधिक ऊंची इमारतों में से केवल एक ही इमारत सरकारी अग्नि सुरक्षा नियमों पर पूरी तरह खरी उतरती है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।
कराची के गुल प्लाजा मॉल में हुए भीषण अग्निकांड में अब तक 71 लोगों की मौत के बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ऊंची इमारतों का सर्वे कराने और वहां फायर हाइड्रेंट लगाने के निर्देश दिए थे। अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सभी संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर दोबारा विश्लेषण किया गया है और संबंधित अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मॉल के पास स्थित एकमात्र ऊंची इमारत ही अग्नि सुरक्षा के प्रमुख मानकों को पूरा करती है। इस इमारत में फायर हाइड्रेंट, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म, आग का पता लगाने और स्प्रिंकलर सिस्टम मौजूद है। इसके अलावा, यहां एक प्रशिक्षित टीम भी तैनात है, जो आपात कॉल मिलने के एक मिनट के भीतर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सक्षम है।
डॉन से बातचीत में रावलपिंडी के रेस्क्यू 1122 के जिला आपातकालीन अधिकारी (डीईओ) सिबगत उल्लाह ने बताया कि रावलपिंडी स्टेशन के पास 19 फायर वाहन और 300 से अधिक प्रशिक्षित दमकलकर्मी मौजूद हैं, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा नियमों के अनुसार इमारतों में आपात निकास सीढ़ियां, बाहरी फायर हाइड्रेंट, अतिक्रमण मुक्त रास्ते, फायर एक्सटिंग्विशर, आग का पता लगाने और अलार्म सिस्टम, आंतरिक हाइड्रेंट व स्प्रिंकलर सिस्टम तथा नियमित फायर ड्रिल अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि 127 इमारतों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर पहला नोटिस जारी किया गया।
इनमें से 82 इमारतों को दूसरा नोटिस और शेष 16 को तीसरा नोटिस जारी किया गया। सिबगत उल्लाह ने बताया कि केवल दो इमारतों को अंतिम और तीसरा नोटिस दिया गया है। यदि तीसरे नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विभाग को उन इमारतों को सील करने की सिफारिश की जाती है।
इस बीच, कराची के गुल प्लाजा अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान और शव मिलने से मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ है और अधिकारियों को उम्मीद है कि शुक्रवार देर रात तक अभियान पूरा कर लिया जाएगा।
सिटिज़न्स-पुलिस लायजन कमेटी (सीपीएलसी) के पहचान डेस्क के प्रभारी आमिर हसन ने बताया कि रात के दौरान मानव अवशेषों से भरे चार बैग अस्पताल लाए गए। उन्होंने कहा कि ये अवशेष चार अलग-अलग लोगों के हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 71 होने की आशंका है।
डिप्टी कमिश्नर साउथ जावेद नबी खोसो ने बताया कि अभी भी 77 लोग लापता हैं और मलबे में तलाश का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात तक सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया जाएगा।
गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में बचाव अभियान शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। यह कराची में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक थी, जो 17 जनवरी को लगी थी और देखते ही देखते पूरे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में फैल गई।
--आईएएनएस
डीएससी
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