UP के 75 जिलों में ब्लैकआउट, युद्ध का सायरन बजा:गोरखपुर में मिसाइल गिरी, कानपुर में धमाका, मॉक ड्रिल के PHOTO-VIDEO
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में शुक्रवार शाम 6 बजे से ब्लैकआउट शुरू हो गया है। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही हर जगह अंधेरा छा गया। गोरखपुर में जहां मिसाइल गिरी, वहीं कानपुर में धमाके की आवाज सुनकर लोग जमीन पर लेट गए। वाराणसी में बिल्डिंग में फंसी महिला को रस्सी के सहारे बचाया गया। आगरा में हमले में घायल महिला को बचावकर्मी एम्बुलेंस से अस्पताल लेकर भागे। ऑपरेशन सिंदूर के समय भी ऐसा ही मॉक ड्रिल देखने को मिला था। वहीं, सीएम योगी लखनऊ पुलिस लाइन से मॉक ड्रिल पर नजर बनाए हुए हैं। यह अभ्यास युद्ध के समय हवाई हमलों जैसे हालात में दुश्मन से लोकेशन छिपाने और सुरक्षा की तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ मॉक ड्रिल में शामिल हैं। प्रशासन ने सभी जिलों में इसके लिए स्थान पहले ही चिन्हित किए हैं, ताकि लोगों को सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा सके। पहले 5 तस्वीरें देखिए... ब्लैकआउट का मकसद क्या ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शाम के समय लाइटें बंद रखने से दुश्मन को किसी भी क्षेत्र की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता। इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की भी जांच करेंगी। प्रशासन का कहना है कि इस अभ्यास के जरिए लोगों को यह समझाना है कि भविष्य में अगर कभी ऐसी आपात स्थिति बनती है, तो घबराने के बजाय किस तरह अनुशासन में रहकर अपनी और देश की सुरक्षा में सहयोग करना है। मॉक ड्रिल क्यों जरूरी? मॉक ड्रिल का सबसे बड़ा मकसद युद्ध, हवाई हमला, आतंकी हमला या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में प्रशासन और आम जनता घबराए नहीं। पहले से अभ्यास होगा तो असली हालात में सही और तेज फैसला लिया जा सकेगा। पुलिस, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और होमगार्ड- ये सभी अलग-अलग काम करते हैं। मॉक ड्रिल से यह परखा जाता है कि आपात स्थिति में ये एजेंसियां कितनी जल्दी और कितने बेहतर तालमेल से काम कर पाती हैं। युद्ध के समय दुश्मन हवाई हमले के लिए रोशनी के जरिए टारगेट पहचानता है। ब्लैकआउट से शहर की लोकेशन छिप जाती है। हवाई हमलों से नुकसान कम होता है। आम नागरिक सुरक्षित रहते हैं। यूपी में ब्लैकआउट से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए.....
गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दिल्ली में FIR:गणतंत्र दिवस पर हमले की धमकी, झूठा निकला खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने का दावा
गणतंत्र दिवस से पहले देश की राजधानी दिल्ली में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सरगना पन्नू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिल्ली के रोहिणी और डाबरी में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने का झूठा दावा किया था, जिसे पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पन्नू के भड़काऊ दावों और धमकियों को गंभीरता से लेते हुए BNS की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत एफआईआर दर्ज की है। दरअसल, पन्नू ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसके स्लीपर सेल ने दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पोस्टर चिपकाए हैं। हालांकि, स्पेशल सेल की छानबीन में राजधानी के किसी भी हिस्से में ऐसे कोई पोस्टर नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पन्नू केवल सोशल मीडिया के जरिए भ्रम और डर फैलाने की कोशिश कर रहा है। UAPA के तहत घोषित है आतंकी बता दें कि भारत सरकार ने 1 जुलाई 2020 को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) एक्ट के तहत गुरपतवंत सिंह पन्नू को 'आतंकी' घोषित कर दिया था। पन्नू मूल रूप से अमृतसर के खानकोट गांव का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में वह विदेश से अपनी गतिविधियों को संचालित करता है। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से पंजाब में फिर से अलगाववाद को हवा देने के आरोप हैं। पुराना है अपराधों का इतिहास पन्नू के खिलाफ भारत में देशद्रोह के कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। जुलाई 2020 में पंजाब के अमृतसर और कपूरथला में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इससे पहले उसने हरियाणा के गुरुग्राम से अंबाला तक सभी सरकारी दफ्तरों पर खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी थी, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने भी उस पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर गणतंत्र दिवस के मद्देनजर दिल्ली सहित पूरे देश में सुरक्षा चाक-चौबंद है। पुलिस ने साफ किया है कि पन्नू जैसे तत्वों के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। साइबर सेल पन्नू के सोशल मीडिया हैंडल और उसके द्वारा फैलाए जा रहे भड़काऊ कंटेंट पर लगातार नजर रख रही है ताकि राजधानी की शांति भंग न हो सके।
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