IND vs NZ: सूर्या ने जीता टॉस, न्यूजीलैंड पहले करेगी बल्लेबाजी, टीम इंडिया की प्लेइंग 11 से 2 स्टार प्लेयर्स बाहर
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टी20 मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरेगी. टीम इंडिया और न्यूजीलैंड दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग 11 में बदलाव किया है.
टीम इंडिया की प्लेइंग 11 से 2 स्टार खिलाड़ी बाहर
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. टॉस के दौरान सूर्या ने बताया कि प्लेइंग 11 में 2 बदलाव किया गया है. अक्षर पटेल प्लेइंग 11 से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका मिला है. वहीं जसप्रीत बुमराह को रेस्ट दिया गया है, तो उनकी हर्षित राणा को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया है. न्यूजीलैंड ने भी अपने प्लेइंग 11 में 3 बदलाव किया है. न्यूजीलैंड की प्लेइंग 11 में ईश सोढ़ी को मौका मिला है.
ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग 11:
भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती.
न्यूजीलैंड की प्लेइंग 11: टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉनवे, रचिन रविंद्र, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, मिशेल सैंटनर (कप्तान), जैक फाउल्क्स, इश सोढ़ी, मैट हेनरी, जैकब डफी.
भारत के पास ही 1-0 की बढ़त
नागपुर में खेले गए पहले टी20 मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 238 रनों का स्कोर खड़ा किया था. अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों पर 84 रनों की तूफानी पारी खेली थी. जबकि रिंकू सिंह ने 20 गेंदों पर 44 रनों की विस्फोटक पारी खेली. जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 190 रन ही बना सकी. इस तरह टीम इंडिया ने 48 रनों से मैच अपने नाम किया और सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली.
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने बाइक टैक्सी पर लगा प्रतिबंध हटाया, राज्य को शर्तें लागू करने की अनुमति दी
बेंगलुरु, 23 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगा प्रतिबंध हटा दिया, जिससे संचालकों को सेवाएं फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई। अदालत ने राज्य सरकार को कानून के अनुसार आवश्यक शर्तें लागू करने की भी अनुमति दी।
मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और न्यायमूर्ति सीएम जोशी की खंडपीठ ने कैब एग्रीगेटर एएनआई टेक्नोलॉजीज (ओला), उबर, रैपिडो और अन्य द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार कर लिया, जिसमें एक पहले सिंगल-जज ऑर्डर को चुनौती दी गई थी, जिसमें मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य द्वारा विशिष्ट नियम बनाए जाने तक कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवाओं को रोकने का निर्देश दिया गया था।
प्रतिबंध लगाने वाले अप्रैल 2025 के सिंगल-जज ऑर्डर को रद्द करते हुए अदालत ने माना कि बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए उपयोग की जाने वाली मोटरसाइकिलें मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आती हैं, और परिणामस्वरूप, राज्य सरकार केवल इस आधार पर परमिट देने से इनकार नहीं कर सकती कि मोटरसाइकिलें परिवहन वाहन नहीं हैं।
पीठ ने टिप्पणी की कि बाइक टैक्सी संचालकों को मोटरसाइकिलों को बाइक टैक्सी के रूप में चलाने के लिए संविदा परिवहन परमिट के लिए आवेदन करने का अधिकार है। यद्यपि राज्य सरकार ऐसे आवेदनों पर विचार करते समय सभी पहलुओं की जांच करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन केवल इसलिए परमिट अस्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि संबंधित वाहन मोटरसाइकिल है।
पीठ ने कहा कि टैक्सी मालिकों को वाहन को परिवहन वाहन के रूप में पंजीकृत कराने के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता है। हम राज्य सरकार को निर्देश देते हैं कि वह वाहन के मालिक के परिवहन वाहन के रूप में पंजीकरण के लिए ऐसे आवेदनों पर विचार करे और संविदा परिवहन के रूप में संचालन की अनुमति प्रदान करे।
पीठ ने आगे कहा कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण मोटर वाहन अधिनियम की धारा 74(2) को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार आवश्यक समझे जाने वाली शर्तें लगा सकते हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि एग्रीगेटर नए आवेदन दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं और ऐसे आवेदनों पर कानून और न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों के अनुसार विचार किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
एमएस/
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