New Usmanpur में घर की छत गिरने से दंपति की मौत, एक बच्चा सुरक्षित बचाया गया
नयी दिल्ली, तीन अगस्त दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में एक मंजिला मकान की छत गिरने से एक दंपति की मौत हो गई। हालांकि, हादसे में एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना रविवार रात करीब 10 बजे न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र के जेपी नगर में हुई। उन्होंने बताया कि दंपति किराए के मकान में था तभी घर की छत अचानक ढह गयी जिससे वे मलबे में फंस गए। पुलिस ने बताया कि इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस के अलावा दमकलकर्मी और बचाव दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंपति को मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके मुताबिक, मृतकों की पहचान टिंकू (32) और उसकी पत्नी उर्मिला (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि छत ढहने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।
घटना की जांच की जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मकान मालिक वीरेंद्र कुमार के खिलाफ न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) धारा 290(इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने आदि के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) और 106 (1) (लापरवाही से मौत) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने Naresh Balyan को मकोका मामले में जमानत देने से किया इनकार
नयी दिल्ली, तीन अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बालियान को संगठित अपराध के खिलाफ बने कड़े कानून के तहत दर्ज एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने बालियान की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘हम इसे खारिज कर रहे हैं।’’ पूर्व विधायक को चार दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसी दिन एक निचली अदालत ने कथित वसूली के एक मामले में उन्हें जमानत दी थी।
जमानत का अनुरोध करते हुए बालियान ने अदालत में दलील दी थी कि उनके खिलाफ ‘‘सबूत का एक भी अंश नहीं है’’ और यह मामला ‘‘पूरी तरह निराधार’’ है। बालियान पर आरोप है कि वह एक संगठित अपराध गिरोह की गतिविधियों को संचालित करने और उसमें सहयोग देने का काम करता था। इससे पहले 15 जनवरी 2025 को एक निचली अदालत ने भी मकोका के इसी मामले में बालियान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
उस समय अभियोजन पक्ष ने कथित आपराधिक गिरोह के सदस्यों के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दर्ज 16 प्राथमिकियों का हवाला देते हुए दावा किया था कि इस गिरोह ने समाज में अराजकता फैलाई और अवैध तरीके से भारी संपत्ति अर्जित की।
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